पीएम मोदी केंद्रीय सचिवों के साथ करेंगे उच्चस्तरीय बैठक, 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' जैसे मुद्दों पर होगी चर्चा...
प्रधानमंत्री ने मंत्रियों को पिछले 12 वर्षों में सरकार की उपलब्धियों को जनता तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के लिए सक्रिय जनसंपर्क अभियान चलाने का भी निर्देश दिया था। सूत्रों के अनुसार, यह पूरी कवायद सरकार के कार्यकाल के मध्य में प्रदर्शन की व्यापक समीक्षा के रूप में देखी जा रही है।
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज सभी केंद्रीय मंत्रालयों के सचिवों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करेंगे। बैठक का मुख्य फोकस नीतिगत सुधार (पॉलिसी रिफॉर्म्स) और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (व्यापार सुगमता) को बेहतर बनाने पर रहेगा। शाम 4 बजे होने वाली यह बैठक पिछले दो महीनों से भी कम समय में शीर्ष नौकरशाही के साथ प्रधानमंत्री की दूसरी बड़ी संस्थागत बैठक होगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को सेशेल्स की अपनी आधिकारिक यात्रा पूरी कर भारत लौटे हैं। इससे पहले 21 मई को प्रधानमंत्री ने केंद्रीय मंत्रिपरिषद और सभी केंद्रीय सचिवों की संयुक्त बैठक की अध्यक्षता की थी। उस बैठक का उद्देश्य 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य को हासिल करने के लिए नियामकीय (रेगुलेटरी) सुधारों का रोडमैप तैयार करना था। उस बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने अधिकारियों से तेज़ निर्णय प्रक्रिया और प्रभावी प्रशासन सुनिश्चित करने पर जोर दिया था।
पीएम ने प्रशासनिक कार्यों में संरचनात्मक सुधारों पर ध्यान देने को कहा
इसके अलावा, प्रधानमंत्री ने कहा था कि फाइलों का निपटारा बिना अनावश्यक देरी के तेजी से होना चाहिए और कम से कम समय में अधिकतम उत्पादकता हासिल करने की दिशा में काम करना चाहिए।उन्होंने मंत्रालयों से प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने और संरचनात्मक सुधारों पर विशेष ध्यान देने का भी आह्वान किया था।
प्रधानमंत्री ने दोहराया था कि 'विकसित भारत 2047' केवल एक नारा नहीं, बल्कि सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता है। समीक्षा के दौरान जिन मंत्रालयों का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर पाया गया था, उन्हें सुधारात्मक कदम उठाने और अपनी कार्यप्रणाली बेहतर बनाने के निर्देश दिए गए थे। मंत्रिपरिषद ने प्रधानमंत्री मोदी को उनके सफल पांच देशों के दौरे के लिए भी बधाई दी थी। बैठक में विदेश मंत्री ने इस दौरे के परिणामों और उसके भू-राजनीतिक महत्व की जानकारी दी थी।
जनसंपर्क अभियान चलाने का दिया निर्देशन
प्रधानमंत्री ने मंत्रियों को पिछले 12 वर्षों में सरकार की उपलब्धियों को जनता तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के लिए सक्रिय जनसंपर्क अभियान चलाने का भी निर्देश दिया था। सूत्रों के अनुसार, यह पूरी कवायद सरकार के कार्यकाल के मध्य में प्रदर्शन की व्यापक समीक्षा के रूप में देखी जा रही है। पिछली बैठक में केंद्रीय मंत्रिमंडल के मंत्री, स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री और राज्य मंत्री शामिल हुए थे। वर्तमान केंद्रीय मंत्रिपरिषद में प्रधानमंत्री को छोड़कर 30 कैबिनेट मंत्री, 5 स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री और 36 राज्य मंत्री शामिल हैं।