1.6 लाख से अधिक छात्रों ने किया आवेदन, CBSE ने पोर्टल पर उठे सवालों का दिया जवाब
नई दिल्ली: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने सोमवार को कहा कि सत्यापन (वेरिफिकेशन) और पुनर्मूल्यांकन (री-इवैल्यूएशन) के लिए आवेदन विंडो 2 जून से 7 जून 2026 तक पूरी तरह सुचारु रूप से संचालित रही। इस दौरान 1.6 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने 3.8 लाख से ज्यादा उत्तर पुस्तिकाओं के संबंध में सफलतापूर्वक आवेदन जमा किए।
उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैनिंग और मूल्यांकन के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले ऑन-स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) पोर्टल में सुरक्षा कमजोरियों की रिपोर्ट सामने आने के बाद CBSE और कोएम्प्ट एडुटेक की आलोचना हुई थी। हालांकि बोर्ड ने स्पष्ट किया कि यह पोर्टल सरकारी तकनीकी एजेंसियों और आईआईटी की टीमों की निगरानी में संचालित किया गया।
CBSE ने सोशल मीडिया पर जारी किया बयान
CBSE ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी बयान में कहा कि निर्धारित अवधि के दौरान पोर्टल पूरी तरह कार्यरत रहा और बड़ी संख्या में छात्रों ने इसकी सेवाओं का उपयोग किया। बोर्ड के अनुसार, पूरे संचालन काल में समर्पित साइबर सुरक्षा टीमों द्वारा सिस्टम की लगातार निगरानी की गई ताकि किसी भी प्रकार के साइबर हमले या संदिग्ध गतिविधि को रोका जा सके। इसके अलावा CBSE की विशेष टीमों ने हेल्पडेस्क और शिकायत निवारण चैनलों के माध्यम से छात्रों को सक्रिय सहायता भी प्रदान की।
सोशल मीडिया पर पोर्टल के कामकाज को लेकर फैलाया भ्रम
CBSE ने यह भी स्पष्ट किया कि केवल वही छात्र सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया के पात्र थे, जिन्होंने पहले चरण में उत्तर पुस्तिकाओं की फोटोकॉपी (स्कैन कॉपी) के लिए आवेदन किया था। बोर्ड ने कहा कि कुछ मीडिया रिपोर्टों और सोशल मीडिया पोस्ट में पोर्टल के कामकाज को लेकर भ्रम फैलाया गया। "रोल नंबर नॉट फाउंड" संदेश उन छात्रों को दिखाई देता है जिन्होंने पहले चरण यानी उत्तर पुस्तिका फोटोकॉपी आवेदन प्रक्रिया में सफलतापूर्वक आवेदन नहीं किया था।
CBSE ने कोएम्प्ट एडुटेक के प्लेटफॉर्म का उपयोग किया बंद
CBSE ने दोहराया कि वह पारदर्शी, छात्र-केंद्रित और सहज पोस्ट-रिजल्ट प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। बोर्ड ने कहा कि छात्रों की सभी वास्तविक समस्याओं का समाधान हेल्पलाइन, शिकायत निवारण तंत्र और अन्य संचार माध्यमों के जरिए किया जा रहा है। इससे पहले, CBSE के पोस्ट-रिजल्ट सिस्टम की सुरक्षा जांच करने वाले एक आईआईटी पैनल ने नए मूल्यांकन पोर्टल को सुरक्षा मंजूरी दी थी। यह नया पोर्टल तब विकसित किया गया जब पुराने पोर्टल में कई सुरक्षा खामियां मिलने के बाद CBSE ने कोएम्प्ट एडुटेक के प्लेटफॉर्म का उपयोग बंद करने का फैसला किया।