झारखंड में JPSC-JSSC अभ्यर्थियों की मांगों पर बातचीत जारी, सरकार बोली- संवाद से निकलेगा समाधान

झारखंड में JPSC-JSSC अभ्यर्थियों का आंदोलन तीन सप्ताह से अधिक समय से जारी है। राज्य सरकार ने छात्रों की मांगों पर बातचीत का एक और दौर शुरू किया है। मंत्री दीपिका पांडे और इरफान अंसारी ने कहा कि सरकार जायज मांगों पर विचार कर रही है और संवाद के जरिए समाधान निकालने की कोशिश जारी है।

By  Preeti Kamal August 17th 2026 02:20 PM -- Updated: August 17th 2026 01:47 PM

रांची, झारखंड: झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी अभ्यर्थियों का आंदोलन तीन सप्ताह से अधिक समय से जारी है। इसी बीच राज्य सरकार ने प्रदर्शनकारी छात्रों की मांगों को लेकर बातचीत का एक और दौर शुरू किया है। मंत्री दीपिका पांडे और इरफान अंसारी ने सोमवार को कहा कि सरकार छात्रों की जायज मांगों पर गंभीरता से विचार कर रही है और समाधान के लिए लगातार संवाद किया जा रहा है।

मंत्री दीपिका पांडे ने कहा कि सरकार प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों के प्रतिनिधियों के साथ पहले ही कई दौर की बातचीत कर चुकी है और उनकी मांगों को पूरा करने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, “छात्रों की सभी जायज मांगों को पूरा करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उनके साथ दो दौर की बातचीत के बाद जिन बिंदुओं पर सहमति बनी है, उन्हें आपके सामने रखना चाहती हूं।” सरकार का कहना है कि बातचीत के जरिए लंबित मुद्दों पर सहमति बनाने की कोशिश की जा रही है।

‘संवाद ही समस्या का समाधान है’: इरफान अंसारी

झारखंड के मंत्री इरफान अंसारी ने कहा कि छात्रों के साथ बातचीत ही इस विवाद का रास्ता निकाल सकती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और राज्य सरकार युवाओं के साथ खड़ी है और अभ्यर्थियों की मांगों को जायज मानते हुए उन पर विचार किया जा रहा है। अंसारी ने कहा, “संवाद ही इस मुद्दे को हल करने का एकमात्र रास्ता है।” उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर छात्र आंदोलन को राजनीतिक रंग देने का आरोप भी लगाया। उनका कहना था कि सरकार छात्रों से बातचीत कर रही है और उनकी समस्याओं का समाधान निकालने की कोशिश जारी है।

भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर आंदोलन

जेपीएससी और जेएसएससी की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन लंबे समय से चल रहा है। प्रदर्शनकारी भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं। अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगों में जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा रद्द करना और कथित अनियमितताओं की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराना शामिल है। सरकार और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच पिछली बातचीत में कोई अंतिम समाधान नहीं निकल सका था। ऐसे में सोमवार को हुई ताजा वार्ता को गतिरोध खत्म करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

विधानसभा मार्च के दौरान बढ़ा था तनाव

इसी महीने हजारों अभ्यर्थियों ने रांची में झारखंड विधानसभा की ओर मार्च किया था। 10 अगस्त को प्रदर्शनकारियों द्वारा पुलिस बैरिकेडिंग पार करने के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज, आंसू गैस और पानी की बौछार का इस्तेमाल किया था। इस दौरान कई लोगों के घायल होने की खबर सामने आई थी। घटना के बाद सरकार और प्रदर्शनकारी छात्र संगठनों के बीच तनाव और बढ़ गया।

बीजेपी ने सरकार पर साधा निशाना

आंदोलन को लेकर विपक्षी भाजपा लगातार मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार पर निशाना साध रही है। भाजपा ने भर्ती परीक्षाओं से जुड़े आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग की है और सरकार की ओर से सीबीआई जांच नहीं कराए जाने पर सवाल उठाए हैं। वहीं, राज्य सरकार का कहना है कि वह प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों से बातचीत के लिए तैयार है और उनकी जायज मांगों पर विचार किया जा रहा है।

देवेंद्र नाथ महतो का अनशन जारी

भर्ती संबंधी मांगों को लेकर जेएलकेएम नेता और छात्र कार्यकर्ता देवेंद्र नाथ महतो भी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। 17 अगस्त को उनके अनशन का 15वां दिन बताया गया। रिपोर्टों के अनुसार, लगातार अनशन के बीच उनकी तबीयत बिगड़ी है और उन्हें निर्जलीकरण तथा रक्तचाप कम होने की समस्या का सामना करना पड़ा है।

ठोस कार्रवाई पर अड़े हैं प्रदर्शनकारी

सरकार की ओर से संवाद और बातचीत पर जोर दिया जा रहा है, लेकिन प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि केवल बातचीत से नहीं, बल्कि उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई होने से ही आंदोलन समाप्त होगा। अब सभी की नजर सोमवार को हुई ताजा वार्ता के परिणाम पर है। यदि सरकार और अभ्यर्थियों के बीच प्रमुख मांगों पर सहमति बनती है, तो तीन सप्ताह से अधिक समय से चल रहे आंदोलन को समाप्त करने की राह खुल सकती है।

© Copyright Galactic Television & Communications Pvt. Ltd. 2026. All rights reserved.