झारखंड में छात्रों का आंदोलन तेज, सरकार से बातचीत के लिए सर्किट हाउस रवाना हुआ प्रतिनिधिमंडल...
झारखंड में JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन जारी है। सरकार से बातचीत के लिए 8 सदस्यीय छात्र प्रतिनिधिमंडल सर्किट हाउस रवाना हुआ है। अभ्यर्थियों ने परीक्षा रद्द करने समेत कई मांगें रखी हैं।
रांची, झारखंड: झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहा छात्रों और अभ्यर्थियों का आंदोलन अब बातचीत के दौर में पहुंच गया है। अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों का एक प्रतिनिधिमंडल शनिवार को राज्य सरकार के प्रतिनिधियों से बातचीत के लिए रांची स्थित सर्किट हाउस के लिए रवाना हुआ।
छात्रों की प्रमुख मांगों में 14वीं झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा के प्रारंभिक परीक्षण (PT) को रद्द करना और TDPL एजेंसियों के माध्यम से कराई गई परीक्षाओं की समीक्षा करना शामिल है।
8 सदस्यीय छात्र प्रतिनिधिमंडल करेगा बातचीत
सरकार से बातचीत के लिए जाने वाले छात्र प्रतिनिधिमंडल में कुल 8 छात्र प्रतिनिधि शामिल हैं। प्रतिनिधिमंडल के एक सदस्य ने कहा कि उन्हें पूरी उम्मीद है कि सरकार छात्रों की बात सुनेगी और उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करेगी। एक अन्य छात्र प्रतिनिधि ने कहा कि वे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से अभ्यर्थियों की परेशानियों को दूर करने की अपील करेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार के साथ सकारात्मक बातचीत शुरू करना उनका उद्देश्य है और उन्हें उम्मीद है कि बैठक सफल रहेगी।
मांगों में कोई बदलाव नहीं
छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि बातचीत की मेज पर सरकार की ओर से कोई भी प्रतिनिधि हो, अभ्यर्थियों की मांगें वही रहेंगी।
उन्होंने कहा कि छात्रों की पहले भी सरकार के साथ बातचीत हुई थी, लेकिन अगर उनकी मांगें मान ली गई होतीं तो दोबारा बातचीत की जरूरत नहीं पड़ती। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों की संख्या महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि सभी छात्रों की मांगें समान हैं और उन्हें पूरा किया जाना चाहिए।
JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं का मुद्दा
रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने वर्ष 2019 के बाद आयोजित JSSC CGL, JSSC JE और PGT परीक्षाओं को रद्द करने की मांग भी उठाई है। छात्रों ने कथित अनियमितताओं की CBI जांच, इसमें शामिल कथित एजेंसियों और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई तथा परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग की है।
इसके अलावा अभ्यर्थी UR, EWS, BC-I, BC-II, SC और ST वर्ग के लिए श्रेणीवार कटऑफ, OMR शीट और रिस्पॉन्स शीट सार्वजनिक करने की मांग कर रहे हैं। छात्रों ने UPSC और SSC की तर्ज पर एक नियमित Recruitment Calendar जारी करने की भी मांग रखी है।
AISA भी आंदोलन में शामिल
शुक्रवार को ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा ने भी रांची में चल रहे अभ्यर्थियों के आंदोलन में हिस्सा लिया। AISA ने झारखंड विधानसभा तक मार्च निकालने का ऐलान किया है। हालांकि, आंदोलन का नेतृत्व कर रहे JPSC-JSSC Reform Manch ने स्पष्ट किया है कि प्रस्तावित विधानसभा मार्च का उनके संगठन के आंदोलन से कोई संबंध नहीं है।
वहीं, सरकार से बातचीत के लिए आंदोलनकारी मंच ने 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल तैयार किया है। इसमें 8 छात्र प्रतिनिधियों के अलावा एक वकील और दो तकनीकी विशेषज्ञ शामिल हैं। अब सभी की नजरें सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच होने वाली इस बैठक के नतीजे पर हैं।