झारखंड में JPSC-JSSC अभ्यर्थियों को सरकार का बड़ा भरोसा, सुझाव के लिए जारी किया ईमेल...
झारखंड सरकार ने JPSC-JSSC अभ्यर्थियों से परीक्षा सुधार के लिए सुझाव मांगे हैं। सरकार ने ईमेल आईडी जारी कर नई सुधार नीति बनाने का भरोसा दिया। छात्र पारदर्शिता और परीक्षाओं में बदलाव की मांग कर रहे हैं।
रांची, झारखंड: झारखंड में JPSC और JSSC प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर जारी छात्रों के आंदोलन के बीच राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। झारखंड सरकार ने अभ्यर्थियों, छात्रों और अन्य हितधारकों से सुझाव लेने के लिए एक समर्पित ईमेल आईडी जारी की है।
सरकार ने सुझावों के आधार पर भर्ती परीक्षाओं में सुधार के लिए नई नीति तैयार करने की बात कही है। झारखंड के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने शनिवार को रांची में आंदोलनकारी JPSC-JSSC अभ्यर्थियों के प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक के बाद यह जानकारी दी।
JPSSC.feedback@gmail.com ईमेल आईडी जारी की गई
मंत्री ने कहा कि सरकार अलग-अलग छात्र संगठनों और हितधारकों से लगातार बातचीत करेगी। उन्होंने बताया कि सुझाव भेजने के लिए JPSSC.feedback@gmail.com ईमेल आईडी जारी की गई है। छात्र, अभ्यर्थी या कोई भी संबंधित व्यक्ति इस माध्यम से अपनी राय और सुझाव सरकार तक पहुंचा सकता है। सोनू के मुताबिक, सरकार प्राप्त सुझावों को ध्यान में रखते हुए परीक्षा सुधार नीति तैयार करने और सभी पक्षों की सहमति से सामूहिक निर्णय लेने की दिशा में आगे बढ़ेगी।
14वीं JPSC PT परीक्षा को लेकर जारी है विवाद
यह पूरा घटनाक्रम 14वीं झारखंड सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में कथित अनियमितताओं के आरोपों के बीच सामने आया है। अभ्यर्थियों का आरोप है कि परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर गंभीर सवाल हैं और इनका समाधान किया जाना चाहिए।
आंदोलन कर रहे छात्र 5 जुलाई से लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। बताया गया है कि प्रदर्शनकारी छात्र अब अपने आंदोलन के 15वें दिन अनिश्चितकालीन सत्याग्रह पर हैं। छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो भी कई दिनों से भूख हड़ताल पर हैं।
सरकार से बातचीत के लिए छात्र प्रतिनिधिमंडल
सरकार और छात्रों के बीच संवाद की कोशिशों के तहत JPSC-JSSC Aspirants Justice Forum के आठ सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार को सरकारी प्रतिनिधियों से मुलाकात की। बातचीत के मद्देनजर रांची स्थित स्टेट गेस्ट हाउस में सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ाई गई थी।
इससे पहले छात्रों का एक प्रतिनिधिमंडल अपनी मांगों को लेकर सर्किट हाउस के लिए भी रवाना हुआ था। छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने स्पष्ट किया कि सरकार से बातचीत के दौरान छात्रों की मांगों में कोई बदलाव नहीं होगा।
छात्रों की प्रमुख मांगें क्या हैं?
रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगों में 2019 के बाद आयोजित JSSC CGL, JSSC JE और PGT परीक्षाओं को रद्द करना शामिल है। इसके अलावा छात्र कथित अनियमितताओं की CBI जांच, जिम्मेदार लोगों और संबंधित एजेंसियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई तथा परीक्षा प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं।
अभ्यर्थियों ने UR, EWS, BC-I, BC-II, SC और ST वर्ग के लिए श्रेणीवार कटऑफ जारी करने, OMR शीट और रिस्पॉन्स शीट उपलब्ध कराने की भी मांग रखी है। छात्रों की एक अन्य प्रमुख मांग UPSC और SSC की तर्ज पर नियमित भर्ती कैलेंडर जारी करने की है, ताकि सरकारी नौकरियों की परीक्षाओं और नियुक्तियों को लेकर स्पष्ट समयसीमा तय हो सके।
सरकार ने मांगे 'रचनात्मक सुझाव'
सरकार की ओर से ईमेल आईडी जारी किए जाने को छात्रों के साथ संवाद बढ़ाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। अब सरकार ने अभ्यर्थियों और अन्य हितधारकों से कहा है कि वे अपने सुझाव सीधे साझा करें, ताकि भर्ती परीक्षाओं की व्यवस्था में आवश्यक सुधार किए जा सकें।
आंदोलन के बीच सरकार और छात्रों के बीच बातचीत से समाधान की उम्मीद बढ़ी है। हालांकि, अभ्यर्थियों की मुख्य मांगों पर सरकार क्या फैसला लेती है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।