JPSC परीक्षा में कथित अनियमितताओं पर ED की बड़ी कार्रवाई, PMLA के तहत दर्ज की ECIR

JPSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर ED ने PMLA के तहत ECIR दर्ज की है। एजेंसी अब मामले में कथित मनी ट्रेल और वित्तीय लेन-देन की जांच करेगी।

By  Preeti Kamal August 10th 2026 01:00 PM -- Updated: August 10th 2026 12:29 PM

रांची, झारखंड: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate-ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। अधिकारियों के मुताबिक, ED ने सोमवार को Prevention of Money Laundering Act (PMLA) के तहत Enforcement Case Information Report (ECIR) दर्ज कर मामले के कथित मनी ट्रेल की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, ED की जांच का मुख्य फोकस उन वित्तीय लेन-देन पर रहेगा, जिनका संबंध JPSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं से हो सकता है।

एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि क्या इस मामले में अपराध से अर्जित धन (Proceeds of Crime) पैदा हुआ या उसे किसी वित्तीय लेन-देन के जरिए इधर-उधर किया गया। जांच के दौरान बैंक खातों, वित्तीय रिकॉर्ड, लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों और अन्य आर्थिक गतिविधियों की पड़ताल की जा सकती है। एजेंसी यह भी पता लगाने का प्रयास करेगी कि कथित अनियमितताओं से किसी व्यक्ति या संस्था को आर्थिक लाभ पहुंचा या नहीं।

ECIR दर्ज होने के साथ शुरू हुई वित्तीय जांच

ED द्वारा ECIR दर्ज किया जाना मामले के वित्तीय पहलू की औपचारिक जांच की शुरुआत माना जा रहा है। यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब JPSC की परीक्षाओं के संचालन और परीक्षा प्रक्रिया के लिए एजेंसियों की नियुक्ति को लेकर विवाद जारी है। मामले ने उस समय और तूल पकड़ा, जब JPSC के तीन मौजूदा सदस्यों—अजीता भट्टाचार्य (Ajita Bhattacharya), अनीमा हांसदा (Anima Hansda) और जमाल अहमद (Jamal Ahmed)—ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया।

JPSC-PT रद्द करने पर सहमति, CBI जांच की मांग जारी

JPSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का विरोध-प्रदर्शन भी जारी है। प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ बातचीत के बाद झारखंड सरकार ने रविवार को JPSC Preliminary Test (JPSC-PT) को रद्द करने पर सहमति जताई। हालांकि, छात्रों ने अपनी CBI जांच की मांग वापस नहीं ली। प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष और व्यापक जांच के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच कराई जानी चाहिए। छात्रों ने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।

CM Hemant Soren ने पारदर्शी न्याय का दिया भरोसा

मामले को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (Hemant Soren) ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों को भरोसा दिया है कि सरकार पारदर्शिता के साथ कार्रवाई करेगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि “justice will be delivered with full transparency”, यानी न्याय पूरी पारदर्शिता के साथ सुनिश्चित किया जाएगा।

Jharkhand CID भी कर रही है मामले की जांच

ED की कार्रवाई से पहले ही कथित JPSC भर्ती परीक्षा अनियमितताओं को लेकर Jharkhand CID की जांच चल रही है। CID की जांच में परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी के चयन और उसे काम दिए जाने की प्रक्रिया भी शामिल है। जांच के दायरे में TSR Data Processing Private Limited (TDPL) भी है। यह लखनऊ स्थित कंपनी है, जिसे JPSC ने परीक्षा आयोजित करने के लिए नियुक्त किया था।

TDPL के चयन पर भी उठे सवाल

जानकारी के मुताबिक, TDPL को लेकर भी पहले सवाल उठ चुके हैं। कंपनी को कथित अनियमितताओं के आरोपों के बाद May 2025 में Jharkhand Staff Selection Commission (JSSC) द्वारा ब्लैकलिस्ट किया गया था। अब जांच एजेंसियां इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि TDPL को JPSC की परीक्षाओं के संचालन का काम किस प्रक्रिया के तहत दिया गया और कंपनी के चयन में निर्धारित नियमों का पालन हुआ था या नहीं।

ED जांच से आगे क्या होगा?

ECIR दर्ज होने के बाद ED कथित मनी ट्रेल की जांच को आगे बढ़ा सकती है। एजेंसी वित्तीय दस्तावेजों और लेन-देन की जांच के साथ उन लोगों या संस्थाओं की भूमिका भी देख सकती है, जिनका कथित तौर पर इस मामले से आर्थिक संबंध रहा हो। फिलहाल ED की जांच शुरुआती चरण में है। कथित अनियमितताओं, पैसों के लेन-देन और संबंधित लोगों की भूमिका को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

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