'छात्रों से मत उलझिए...': बिहार में AK-47 इस्तेमाल को लेकर अरविंद केजरीवाल का केंद्र सरकार पर हमला
बिहार के सीवान में छात्र प्रदर्शन के दौरान AK-47 से फायरिंग की घटना पर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने छात्रों पर बल प्रयोग को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि छात्रों से टकराव लोकतंत्र के हित में नहीं है। वहीं प्रशासन ने संबंधित पुलिसकर्मी को निलंबित कर विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी है।
नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को बिहार में छात्र प्रदर्शन के दौरान AK-47 के इस्तेमाल को लेकर केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा और छात्रों के साथ सख्ती न बरतने की सलाह दी।
केजरीवाल ने अपने पोस्ट में कहा, "बीजेपी को क्या हो गया है? बिहार में हमारे छात्रों पर AK-47 से गोलियां चलाई गईं। क्या ये छात्र आतंकवादी हैं? मैं सम्राट मोदी को याद दिलाना चाहता हूं कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में बिहार की धरती पर एक नारा गूंजा था- 'सिंहासन खाली करो कि जनता आती है।' कृपया छात्रों से मत उलझिए।"
NEET पेपर लीक विवाद को लेकर हुई थी आपसी झड़प
यह बयान ऐसे समय आया है जब बिहार के सीवान में परीक्षा अनियमितताओं और NEET पेपर लीक विवाद को लेकर हुए छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई थी। शनिवार को हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया। इस दौरान AK-47 से फायरिंग की घटना भी सामने आई, जिसके बाद विपक्ष ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया।
'भीड़ नियंत्रण के दौरान AK-47 से फायरिंग करना अनधिकृत और अनुचित था'
पुलिस का कहना है कि एक कांस्टेबल ने प्रदर्शनकारियों से घिर जाने के बाद हवा में चार राउंड फायर किए थे। घटना के बाद संबंधित कांस्टेबल अभिषेक कुमार को निलंबित कर दिया गया है और उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है। जिला प्रशासन के अनुसार, कांस्टेबल जिला खुफिया इकाई (DIU) की टीम के साथ एक अलग हत्या के मामले की जांच के सिलसिले में जेपी चौक से गुजर रहे थे। इसी दौरान वे प्रदर्शनकारियों की भीड़ में फंस गए। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि भीड़ नियंत्रण के दौरान AK-47 से फायरिंग करना अनधिकृत और अनुचित था। इस बीच, विपक्ष लगातार इस घटना को लेकर सरकार पर सवाल उठा रहा है और पुलिस कार्रवाई की जवाबदेही तय करने की मांग कर रहा है।