MPSC विवाद: अभिजीत दिपके ने मांगा चेयरमैन विवेक भीमनवार का इस्तीफा, फडणवीस पर भी साधा निशाना
MPSC पेपर लीक विवाद के बीच अभिजीत दिपके ने चेयरमैन विवेक भीमनवार के इस्तीफे की मांग की है। दिपके ने आयोग में सुधार और भ्रष्टाचार के आरोपों का मुद्दा उठाते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर भी सवाल किए। भीमनवार ने आरोप खारिज किए हैं।
मुंबई: महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (MPSC) को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। आयोग की परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं को लेकर अभ्यर्थियों के विरोध के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संयोजक अभिजीत दिपके ने MPSC चेयरमैन विवेक भीमनवार के इस्तीफे की मांग की है। छत्रपति संभाजीनगर में MPSC अभ्यर्थियों से बातचीत के दौरान दिपके ने आयोग में सुधार की मांग उठाई और भीमनवार पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों का हवाला दिया। उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर भी सवाल उठाए।
MPSC की ड्रग इंस्पेक्टर परीक्षा के कथित प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर अभ्यर्थी पहले से ही प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्रों ने परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग करते हुए आयोग के अध्यक्ष और सचिव के इस्तीफे की मांग की है। हाल के दिनों में महाराष्ट्र के अलग-अलग हिस्सों में इस मुद्दे को लेकर विरोध प्रदर्शन हुए हैं। दिपके ने भी आंदोलन का समर्थन करते हुए MPSC के कामकाज में सुधार की मांग की है। इससे पहले CJP ने अध्यक्ष और सचिव के इस्तीफे के लिए 24 सितंबर की समयसीमा भी रखी थी।
भीमनवार ने इस्तीफे की मांग खारिज की
MPSC चेयरमैन विवेक भीमनवार ने अपने इस्तीफे की मांग को खारिज किया है। उनका कहना है कि जिस ड्रग इंस्पेक्टर परीक्षा के पेपर लीक की बात हो रही है, वह घटना उनके पदभार संभालने से पहले की है। भीमनवार के अनुसार, शिकायत मिलने के बाद आयोग ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई और मामले की जांच जारी है। उन्होंने यह भी कहा है कि यदि उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत सामने आता है तो वह पद पर एक क्षण भी नहीं रहेंगे।
दिपके ने MPSC में सुधार की मांग उठाई
अभिजीत दिपके ने कहा कि पेपर लीक जैसे मामलों के बाद आयोग की परीक्षा व्यवस्था को लेकर अभ्यर्थियों का भरोसा प्रभावित हुआ है। उन्होंने MPSC में सुधार और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने अभ्यर्थियों से सोशल मीडिया के माध्यम से भी अपनी मांग उठाने की अपील की है। दिपके ने कहा कि युवाओं को अपने अधिकारों के लिए आवाज उठानी चाहिए।
मुख्यमंत्री फडणवीस पर भी निशाना
MPSC विवाद के दौरान दिपके ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर भी राजनीतिक निशाना साधा। उन्होंने MPSC चेयरमैन पर लगाए जा रहे भ्रष्टाचार के आरोपों के संदर्भ में मुख्यमंत्री से जवाबदेही को लेकर सवाल किए। हालांकि, ये आरोप दिपके के बयान का हिस्सा हैं और उपलब्ध रिपोर्टों में इनके समर्थन में कोई न्यायिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है। इसलिए इन्हें आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
24 सितंबर की समयसीमा के बाद क्या?
CJP ने इससे पहले MPSC के अध्यक्ष और सचिव के इस्तीफे की मांग को लेकर 24 सितंबर तक की समयसीमा तय की थी। पार्टी ने कहा था कि मांग पूरी नहीं होने पर राज्यव्यापी अभियान चलाया जाएगा। फिलहाल विवाद के केंद्र में MPSC परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता, कथित पेपर लीक की जांच और आयोग के शीर्ष अधिकारियों की जवाबदेही है। अभ्यर्थियों का आंदोलन और आयोग की ओर से दिए जा रहे जवाब आने वाले दिनों में इस विवाद की दिशा तय करेंगे।