NEET-UG पेपर लीक मामले में शुभम खैरनार की न्यायिक हिरासत 15 जून तक बढ़ी
नई दिल्ली: राउज एवेन्यू कोर्ट ने शनिवार को NEET-UG पेपर लीक मामले के आरोपी शुभम खैरनार की न्यायिक हिरासत 15 जून तक बढ़ा दी। पिछली न्यायिक हिरासत की अवधि समाप्त होने के बाद उसे अदालत में पेश किया गया था। सीबीआई के विशेष न्यायाधीश अजय गुप्ता ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की ओर से दायर न्यायिक हिरासत बढ़ाने की अर्जी पर विचार करने के बाद शुभम खैरनार की हिरासत 15 जून तक बढ़ाने का आदेश दिया। उसे 24 मई को न्यायिक हिरासत में भेजा गया था।
जांच एजेंसी का आरोप है कि शुभम खैरनार ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के अपने एक स्रोत के जरिए परीक्षा का प्रश्नपत्र हासिल किया था। सीबीआई ने पहले उसकी हिरासत की मांग करते हुए कहा था कि मामले की व्यापक साजिश की जांच, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर पूछताछ और अन्य आरोपियों से आमना-सामना कराने के लिए उसकी कस्टडी आवश्यक है। एजेंसी ने यह भी कहा था कि जांच के सिलसिले में उसे महाराष्ट्र ले जाना जरूरी है।
शुभम खैरनार ने लीक हुआ प्रश्नपत्र अन्य लोगों तक पहुंचाया
आरोप है कि शुभम खैरनार ने लीक हुआ प्रश्नपत्र अन्य लोगों तक भी पहुंचाया था। सीबीआई की ओर से वरिष्ठ लोक अभियोजक नीतू सिंह और वी.के. पाठक अदालत में पेश हुए। उन्होंने कहा कि बड़ी साजिश का खुलासा करने और उन लोगों की पहचान करने के लिए शुभम से पूछताछ जरूरी है, जिन्हें उसने प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया था। सीबीआई ने पहले रिमांड की मांग करते हुए कहा था कि पेपर लीक के पीछे की बड़ी साजिश और इसमें शामिल सरकारी कर्मचारियों की भूमिका की जांच के लिए आरोपियों की हिरासत आवश्यक है, क्योंकि NEET परीक्षा का आयोजन राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा किया जाता है।
NEET का प्रश्नपत्र पाने के लिए शुभम खैरनार से किया गया सम्पर्क
जांच एजेंसी ने बताया कि 12 मई 2026 को एक सरकारी अधिकारी की शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और परीक्षा में अनुचित साधनों के इस्तेमाल से संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। सीबीआई के अनुसार, मांगीलाल बिवाल ने अपने बेटे विकास बिवाल के लिए NEET का प्रश्नपत्र पाने के लिए शुभम खैरनार से संपर्क किया था। जांच के दौरान मांगीलाल बिवाल के मोबाइल फोन से प्रश्नपत्र भी बरामद किया गया।
आरोप है कि मांगीलाल बिवाल ने यश यादव से 10 लाख रुपये में लीक प्रश्नपत्र प्राप्त किया था। पूछताछ में विकास बिवाल ने बताया कि उसकी मुलाकात यश यादव से राजस्थान के सीकर में कोचिंग के दौरान हुई थी। जांच के अनुसार, मांगीलाल बिवाल ने अपने बेटे के लिए प्रश्नपत्र हासिल करने हेतु शुभम खैरनार से संपर्क किया था। इसके बाद अन्य आरोपियों को जोड़कर एक बड़ा नेटवर्क तैयार किया गया।
शुभम ने सबसे पहले प्रश्नपत्र यश यादव को दिया, ₹12 लाख में बेचा पेपर
सीबीआई का आरोप है कि सबसे पहले शुभम ने प्रश्नपत्र यश यादव को दिया, फिर यश से मांगीलाल बिवाल, मांगीलाल से विकास बिवाल और आगे दिनेश बिवाल तक प्रश्नपत्र पहुंचा। साथ ही मांगीलाल ने कथित तौर पर 12 लाख रुपये लेकर कई अन्य अभ्यर्थियों को भी लीक प्रश्नपत्र बेचा।
इस मामले में सीबीआई ने मनीषा वाघमारे, रसायन विज्ञान विशेषज्ञ प्रह्लाद विठ्ठलराव कुलकर्णी, शिक्षक मनीष मंधारे, शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर, मनीषा संजय हवलदार, डॉ. मनोज शिरुरे और तेजस हर्षद कुमार शाह को भी गिरफ्तार किया है। सीबीआई की पूछताछ के बाद ये सभी आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।