NEET-UG पेपर लीक आरोपी यश यादव ने मांगी अंतरिम जमानत, अगली सुनवाई 12 जून को होगी
नई दिल्ली: NEET-UG पेपर लीक मामले के आरोपी यश यादव ने 21 जून को होने वाली NEET-UG पुनर्परीक्षा में शामिल होने और अपनी बहन की शादी में उपस्थित रहने के लिए 15 दिनों की अंतरिम जमानत की मांग की है। मंगलवार को राउज एवेन्यू कोर्ट ने यश यादव की अंतरिम जमानत याचिका पर केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जवाब मांगा।
विशेष CBI न्यायाधीश अजय गुप्ता ने CBI को अपना पक्ष रखने के लिए समय दिया और मामले की अगली सुनवाई 12 जून के लिए निर्धारित की है।सुनवाई के दौरान अदालत ने याद दिलाया कि 2 जून को यश यादव को NEET-UG परीक्षा की तैयारी के लिए किताबें रखने की अनुमति दी गई थी। अदालत ने यह भी नोट किया था कि पुनर्परीक्षा 21 जून को आयोजित होनी है।
यश यादव का पक्ष अधिवक्ता कपिल यादव और अंबिका ने रखा
यश यादव की ओर से अधिवक्ता कपिल यादव और अंबिका ने अदालत में पक्ष रखा। बचाव पक्ष ने पहले बताया था कि यश यादव 3 मई को आयोजित NEET-UG परीक्षा में शामिल हुआ था और पुनर्परीक्षा की तैयारी के लिए उसे अध्ययन सामग्री की आवश्यकता है। सुनवाई के दौरान अदालत ने यह भी पूछा था कि क्या राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने आरोपी होने के बावजूद यश यादव को परीक्षा में बैठने की अनुमति दी है और क्या उसे प्रवेश पत्र जारी किया गया है।
क्या है मामला?
मामले में 12 मई को एक सरकारी अधिकारी की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी। FIR में भारतीय न्याय संहिता (BNS), भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और परीक्षा में अनुचित साधनों के उपयोग से संबंधित धाराएं लगाई गई हैं। जांच के अनुसार, मांगीलाल बिवाल ने अपने बेटे विकास बिवाल के लिए प्रश्नपत्र हासिल करने हेतु शुभम खैरनार से संपर्क किया था। इसके बाद कथित रूप से पेपर लीक का एक बड़ा नेटवर्क तैयार हुआ।
सबसे पहले प्रश्नपत्र यश यादव को मिला- CBI
CBI के अनुसार, शुभम खैरनार ने सबसे पहले प्रश्नपत्र यश यादव को उपलब्ध कराया। इसके बाद यश यादव ने इसे मांगीलाल बिवाल को दिया, जिसने आगे विकास बिवाल और फिर दिनेश बिवाल तक पहुंचाया। आरोप है कि मांगीलाल बिवाल ने यश यादव से 10 लाख रुपये में लीक प्रश्नपत्र प्राप्त किया था। पूछताछ में विकास बिवाल ने बताया कि उसकी मुलाकात यश यादव से राजस्थान के सीकर में कोचिंग के दौरान हुई थी।
मांगीलाल बिवाल ने ₹12 लाख लेकर प्रश्नपत्र अन्य अभ्यर्थियों तक पहुंचाया
जांच में यह भी सामने आया है कि मांगीलाल बिवाल ने कथित तौर पर करीब 12 लाख रुपये लेकर प्रश्नपत्र अन्य अभ्यर्थियों तक पहुंचाया। इस मामले में सीबीआई कई आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जिनमें शुभम खैरनार, मनीषा वाघमारे, प्रह्लाद कुलकर्णी, मनीषा मांधारे, मनीषा संजय हवलदार, शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर, डॉ. मनोज शिरुरे और तेजस हर्षद कुमार शाह शामिल हैं। सभी आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।
आरोपी मनीषा वाघमारे की जमानत अर्जी खारिज
वहीं, राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने NEET पेपर लीक मामले की आरोपी मनीषा वाघमारे की ज़मानत अर्ज़ी खारिज कर दी है। वाघमारे के वकील ने दलील दी कि वह एक सर्टिफ़ाइड एजुकेशन काउंसलर हैं और ₹3.5 लाख का लेन-देन एक गिफ़्ट डीड के ज़रिए हुआ था। CBI ने ज़मानत का विरोध करते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने पैसे के लिए प्रश्न-पत्र लीक किए और एक ब्यूटी पार्लर भी चलाया। कोर्ट ने CBI की दलीलों को मानते हुए ज़मानत देने से इनकार कर दिया।