20 जुलाई तक आएगा Re-NEET UG का रिजल्ट, समय पर शुरू होगा MBBS सत्र: NTA
काउंसलिंग के दौरान अभ्यर्थियों को ऑनलाइन पंजीकरण करना होगा, शुल्क जमा करना होगा और अपनी पसंद के मेडिकल कॉलेज एवं पाठ्यक्रम चुनने होंगे। सीटों का आवंटन नीट रैंक, श्रेणी, आरक्षण, कॉलेज विकल्प और उपलब्ध सीटों के आधार पर किया जाएगा। इसके बाद चयनित अभ्यर्थियों को दस्तावेज सत्यापन और प्रवेश प्रक्रिया पूरी करने के लिए संबंधित मेडिकल कॉलेज में रिपोर्ट करना होगा।
नई दिल्ली: राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने Re-NEET UG (NEET-UG) परीक्षा में शामिल हुए लाखों छात्रों के लिए बड़ी जानकारी साझा की है। एजेंसी के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, Re-NEET-UG 2026 का परिणाम 20 जुलाई तक घोषित कर दिया जाएगा। हालांकि, रिजल्ट जारी करने की सटीक तारीख अभी तय नहीं की गई है।
NTA अधिकारी ने से बातचीत में बताया कि एजेंसी युद्ध स्तर पर काम कर रही है ताकि परिणाम जल्द जारी किया जा सके। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि MBBS का नया शैक्षणिक सत्र समय पर शुरू होगा और इसमें किसी तरह की देरी नहीं होगी। गौरतलब है कि 3 मई को आयोजित NEET-UG परीक्षा पेपर लीक के आरोपों के बाद रद्द कर दी गई थी। इसके बाद 21 जून को 20 लाख से अधिक अभ्यर्थियों के लिए दोबारा परीक्षा आयोजित की गई।
NTA ने 25 जून को जारी की थी प्रोविजनल आंसर-की
अधिकारी ने बताया कि सामान्य तौर पर परीक्षा के 45 दिनों के भीतर परिणाम घोषित किए जाते हैं, लेकिन इस बार परीक्षा निर्धारित समय से पहले आयोजित कर ली गई, इसलिए परिणाम भी पहले जारी किए जाएंगे। NTA ने 25 जून को प्रोविजनल आंसर-की जारी की थी और अभ्यर्थियों को 28 जून तक आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर दिया गया। अधिकारी के मुताबिक, एजेंसी को करीब 10,000 आपत्तियां प्राप्त हुई हैं।
उन्होंने बताया कि प्रत्येक आपत्ति की अलग-अलग जांच की जा रही है। अभ्यर्थियों द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों का परीक्षण किया जाता है और हर आपत्ति पर विशेषज्ञों की राय के आधार पर फैसला लिया जाता है। प्रत्येक प्रश्न पर आपत्ति दर्ज कराने के लिए 200 रुपये शुल्क लिया जाता है, जो आपत्ति सही पाए जाने पर वापस कर दिया जाता है।
रिजल्ट के बाद काउंसलिंग की प्रक्रिया होगी शुरू
रिजल्ट घोषित होने के बाद मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) 15 प्रतिशत ऑल इंडिया कोटा (AIQ), एम्स, जिपमर, केंद्रीय और डीम्ड विश्वविद्यालयों के लिए काउंसलिंग कार्यक्रम जारी करेगी। वहीं, 85 प्रतिशत राज्य कोटा सीटों के लिए संबंधित राज्य अपनी अलग काउंसलिंग प्रक्रिया घोषित करेंगे। काउंसलिंग के दौरान अभ्यर्थियों को ऑनलाइन पंजीकरण करना होगा, शुल्क जमा करना होगा और अपनी पसंद के मेडिकल कॉलेज एवं पाठ्यक्रम चुनने होंगे। सीटों का आवंटन नीट रैंक, श्रेणी, आरक्षण, कॉलेज विकल्प और उपलब्ध सीटों के आधार पर किया जाएगा।
इसके बाद चयनित अभ्यर्थियों को दस्तावेज सत्यापन और प्रवेश प्रक्रिया पूरी करने के लिए संबंधित मेडिकल कॉलेज में रिपोर्ट करना होगा। काउंसलिंग आमतौर पर राउंड-1, राउंड-2, मॉप-अप राउंड और स्ट्रे वैकेंसी राउंड के माध्यम से पूरी की जाती है, ताकि शैक्षणिक सत्र शुरू होने से पहले सभी सीटों पर प्रवेश सुनिश्चित किया जा सके।