दिशा सालियान केस: CBI FIR में आदित्य ठाकरे और रिया का नाम, क्या है मामला?
दिशा सालियान मौत मामले में CBI ने बॉम्बे हाईकोर्ट के निर्देश के बाद FIR दर्ज की है। इसमें आदित्य ठाकरे, रिया चक्रवर्ती समेत कई नाम जांच के दायरे में हैं। हालांकि, फिलहाल किसी को आरोपी घोषित नहीं किया गया है।
मुंबई: दिवंगत सेलिब्रिटी मैनेजर दिशा सालियान की मौत के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बॉम्बे हाईकोर्ट के निर्देश के बाद FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। FIR में शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे, अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती, अभिनेता डिनो मोरिया और सूरज पंचोली समेत कई लोगों के नाम ऐसे व्यक्तियों के तौर पर दर्ज हैं, जिनकी भूमिका की जांच की जानी है। महत्वपूर्ण बात यह है कि फिलहाल FIR में इनमें से किसी को आरोपी घोषित नहीं किया गया है।
मीडिया में आई ख़बरों के मुताबिक, CBI की FIR में आदित्य ठाकरे, रिया चक्रवर्ती, शोविक चक्रवर्ती, डिनो मोरिया, सूरज पंचोली, रोहन रॉय और आदित्य ठाकरे के बॉडीगार्ड समेत कई लोगों का जिक्र है। इसके अलावा पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, पूर्व मंत्री अनिल देशमुख, पूर्व पुलिस अधिकारी सचिन वाजे और पूर्व मुंबई पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह सहित कई पुलिस अधिकारियों और अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच का उल्लेख है। CBI की FIR में इन लोगों की भूमिका को कथित मुख्य अपराध, आपराधिक साजिश, कथित तौर पर आत्महत्या की गलत कहानी तैयार करने और सबूतों को दबाने, नष्ट करने या उनमें हेरफेर से जुड़े आरोपों के संदर्भ में जांचने की बात कही गई है।
आदित्य ठाकरे के वकील को मांगनी पड़ी माफी- अधिवक्ता निलेश ओझा
वहीं, आदित्य ठाकरे के बयान और दिशा सालियान की मौत के मामले पर अधिवक्ता निलेश ओझा ने कहा, “उनकी हालिया सोशल मीडिया पोस्ट—‘चोर मचा रहा है शोर, चोरी भी की और सीना भी जोरी’ को लेकर उन्होंने पहले हाईकोर्ट में दाखिल हलफनामे में दावा किया था कि सीबीआई इस मामले की जांच पहले ही कर चुकी है और उन्हें क्लीन चिट दे चुकी है। इसका मतलब यह था कि हाईकोर्ट इस मामले की सुनवाई नहीं कर सकता। हालांकि, यह दावा गलत साबित हुआ। हाईकोर्ट ने खुद मामले की पड़ताल की, सीबीआई के एक अधिकारी ने स्पष्ट किया कि यह दावा गलत था और इसके बाद आदित्य ठाकरे के वकील को माफी मांगनी पड़ी।”
क्या FIR में नाम आने का मतलब आरोपी होना है?
नहीं। यह इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण कानूनी पहलू है। 16 सितंबर की Times of India की रिपोर्ट के मुताबिक, CBI के एक अधिकारी ने स्पष्ट किया कि FIR में फिलहाल किसी व्यक्ति को आरोपी के तौर पर नामित नहीं किया गया है। जिन लोगों की भूमिका जांच के दायरे में है, उन्हें जांच के दौरान उपलब्ध सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई के लिए देखा जाएगा। बॉम्बे हाईकोर्ट ने भी CBI को निर्देश देते हुए कहा था कि किसी व्यक्ति को पर्याप्त सबूत के बिना आरोपी नहीं बनाया जाना चाहिए।
दिशा सालियान की मौत कब और कैसे हुई?
दिशा सालियान की 8 जून 2020 को मुंबई के मालाड इलाके में एक इमारत से गिरने के बाद मौत हुई थी। उस समय मुंबई पुलिस ने मामले में Accidental Death Report (ADR) दर्ज की थी। दिशा ने कुछ समय तक अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के मैनेजर के तौर पर काम किया था। दिशा की मौत के छह दिन बाद, 14 जून 2020 को सुशांत सिंह राजपूत बांद्रा स्थित अपने घर में मृत पाए गए थे। दोनों घटनाओं के बीच कम अंतर होने के कारण इनके बीच संभावित संबंध को लेकर लंबे समय से सार्वजनिक और राजनीतिक चर्चाएं होती रही हैं। हालांकि, दोनों मामलों की जांच अलग-अलग हुई है।
बॉम्बे हाईकोर्ट ने CBI जांच का आदेश क्यों दिया?
बॉम्बे हाईकोर्ट ने सितंबर 2026 की शुरुआत में दिशा सालियान की मौत की जांच CBI को सौंपने का निर्देश दिया था। अदालत ने मुंबई पुलिस की पिछली जांच को लेकर सवाल उठाए थे और कहा था कि जांच में कई ऐसे पहलू हैं जिन पर आगे पड़ताल की जरूरत है। अदालत ने इस बात का भी संज्ञान लिया कि दिशा के परिवार को कथित तौर पर पोस्टमार्टम रिपोर्ट और Accidental Death Report की प्रतियां लंबे समय तक उपलब्ध नहीं कराई गई थीं। इसके बाद केंद्रीय एजेंसी को मामले की परिस्थितियों की विस्तृत जांच का जिम्मा दिया गया।
दिशा के पिता ने क्या आरोप लगाए?
दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान ने अपनी बेटी की मौत की परिस्थितियों को लेकर जांच की मांग की थी। उन्होंने जांच एजेंसियों के सामने कई लोगों के नाम और घटनाक्रम से जुड़ी जानकारी रखने की बात कही है। उन्होंने आदित्य ठाकरे, सूरज पंचोली, डिनो मोरिया और अन्य लोगों की भूमिका की जांच की मांग की है। ये उनके आरोप और मांगें हैं, जिनकी जांच अब CBI कर रही है।
आदित्य ठाकरे ने क्या कहा?
CBI FIR में नाम आने के बाद आदित्य ठाकरे ने दिशा सालियान से किसी तरह का संबंध होने से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि वह दिशा से कभी मिले या उन्हें जानते तक नहीं थे। ठाकरे ने अपने खिलाफ लगाए जा रहे आरोपों को खारिज किया और इसे राजनीतिक एवं व्यक्तिगत रूप से अपनी छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश बताया। इसलिए इस मामले में CBI की जांच के निष्कर्ष आने तक FIR में दर्ज आरोपों और किसी व्यक्ति की आपराधिक जिम्मेदारी के बीच अंतर बनाए रखना जरूरी है।
अब CBI के सामने क्या है चुनौती?
CBI अब दिशा सालियान की मौत की परिस्थितियों के साथ-साथ पिछली जांच में उठे सवालों की भी पड़ताल करेगी। FIR में पुलिस रिकॉर्ड, केस फाइल, पोस्टमार्टम और फोरेंसिक प्रक्रिया, घटनास्थल से जुड़े लोगों तथा अन्य संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की जांच का उल्लेख है। मामले में आगे पूछताछ, दस्तावेजों की जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर CBI यह तय करेगी कि किन आरोपों की पुष्टि होती है और किन लोगों के खिलाफ आगे कानूनी कार्रवाई की जरूरत बनती है।