'सतलुज' हटाए जाने पर दिलजीत दोसांझ ने तोड़ी चुप्पी, बोले- हमने चार साल तक लड़ाई लड़ी

गौरतलब है कि इस फिल्म की रिलीज से पहले इसका नाम कई बार बदला गया। शुरुआत में इसका शीर्षक 'गल्लूघारा' था, जिसे बाद में 'पंजाब 95' किया गया। विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार, 21 कट और शीर्षक बदलने की शर्त के बाद इसे अंततः 'सतलुज' नाम से रिलीज किया गया।

By  Preeti Kamal July 6th 2026 03:56 PM

नई दिल्ली: फिल्म 'सतलुज' को भारत में ZEE5 से हटाए जाने के एक दिन बाद इसके मुख्य अभिनेता दिलजीत दोसांझ ने सोमवार को इंस्टाग्राम लाइव के जरिए इस पूरे विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उन्हें पहले से ही इस फैसले की आशंका थी और अब उन्हें इस बात की संतुष्टि है कि फिल्म दर्शकों तक पहुंच चुकी है।

दिलजीत दोसांझ ने अपने दर्शकों से कहा, "आप सभी को मेरा प्यार और सम्मान। मुझे पहले से ही अंदाजा था कि यही होने वाला है। मुझे लगा था कि सोमवार को दफ्तर खुलने के बाद फिल्म पर रोक लग सकती है, लेकिन यह नहीं सोचा था कि रविवार शाम को ही ऐसा हो जाएगा।" उन्होंने बताया कि इसी अनिश्चितता की वजह से फिल्म का बड़े स्तर पर प्रचार नहीं किया गया।

विवाद के डर से नहीं किया फिल्म का प्रमोशन- दिलजीत दोसांझ

दिलजीत ने कहा, "इसी कारण हम फिल्म का प्रमोशन नहीं कर पाए। अगर हमने बड़े स्तर पर प्रचार किया होता, तो शायद फिल्म रिलीज ही नहीं हो पाती।" फिल्म हटाए जाने के बावजूद दिलजीत दोसांझ ने इस बात पर खुशी जताई कि यह ओटीटी के जरिए दर्शकों तक पहुंच गई। उन्होंने कहा, "अब मुझे इस बात की संतुष्टि है कि हमारा काम लोगों तक उसी तरह पहुंच गया, जैसा हम चाहते थे। लोगों ने फिल्म डाउनलोड कर ली है। मुझे सबसे ज्यादा खुशी तब हुई जब मैंने देखा कि गुरुद्वारा साहिब में प्रोजेक्टर लगाकर भी फिल्म दिखाई जा रही है। यह देखकर मुझे बहुत खुशी हुई।"

'फिल्म बनाने में लगे 6-7 साल, कई मुश्किलों का किया सामना'

डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध सामग्री का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, "एक बार कोई चीज इंटरनेट पर आ जाए, तो मुझे नहीं लगता कि उसे पूरी तरह मिटाया जा सकता है।" दिलजीत दोसांझ ने बताया कि इस फिल्म को बनाने में लगभग छह से सात वर्ष लगे और इस दौरान पूरी टीम को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा। 

उन्होंने कहा, "हम पिछले चार साल से लगातार लड़ रहे हैं। कौन जानता है, अगर आगे फिर मौका मिला तो हम इस लड़ाई को दोबारा जारी रखेंगे। लेकिन मुझे इस बात की खुशी है कि फिल्म आखिरकार रिलीज हो गई।" उन्होंने यह भी बताया कि फिल्म की शूटिंग और पोस्ट-प्रोडक्शन के दौरान कई बार काम बाधित हुआ।

कई बार 15-15 दिनों तक शूटिंग रोकनी पड़ी- दिलजीत दोसांझ

दिलजीत दोसांझ ने कहा, "इस फिल्म को बनाते समय हमें बहुत कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। हमारे अपने लोगों ने भी कई दिक्कतें पैदा कीं। कई बार 15-15 दिनों तक शूटिंग रोकनी पड़ी।" उन्होंने निर्माता हनी त्रेहन की सराहना करते हुए कहा, "मैं हनी भाई को सलाम करता हूं। उन्होंने इस फिल्म के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। इस कहानी से उनका बेहद निजी जुड़ाव है।"

दिलजीत दोसांझ ने बताया कि निर्देशक हनी त्रेहन ने फिल्म शुरू होने से पहले वर्षों तक इस विषय पर शोध किया, जबकि उन्होंने स्वयं अपने किरदार की तैयारी के लिए करीब एक साल तक मेहनत की। फिल्म की कहानी पर भावुक होते हुए उन्होंने कहा कि जब उन्होंने 2023 में फिल्म का अंतिम संपादित संस्करण देखा तो वह अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख सके।


2023 में फिल्म का फाइनल एडिट देख ख़ूब रोए थे दिलजीत दोसांझ

दिलजीत दोसांझ ने कहा, "जब मैंने 2023 में फिल्म का फाइनल एडिट देखा, तो मेरे रोंगटे खड़े हो गए। मैं खुद को रोक नहीं पाया और काफी रोया।" यह फिल्म मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन पर आधारित है, जो वर्ष 1995 में लापता हो गए थे। इस पर बात करते हुए दिलजीत दोसांझ ने कहा, "1995 से लेकर 2026 तक ऐसा लगता है कि हम वहीं खड़े हैं। इंसानियत मर चुकी है, और यही बात मुझे सबसे ज्यादा दुख देती है।"

'हर कार्य को करने वाला केवल ईश्वर है'

अपने लाइव सत्र के अंत में उन्होंने गुरुबाणी की पंक्ति "करण कारण सभ एक है" का उल्लेख करते हुए कहा कि हर कार्य का करने वाला केवल ईश्वर है। उधर, फिल्म हटाए जाने के बाद ZEE5 ने एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि 'सतलुज' को दर्शकों का शानदार समर्थन मिला है और प्लेटफॉर्म फिल्म तथा उसके रचनात्मक दृष्टिकोण के साथ मजबूती से खड़ा है। प्लेटफॉर्म ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए 'सतलुज' को भारत में अगले आदेश तक उपलब्ध नहीं कराया जाएगा, लेकिन कानूनी प्रक्रिया के तहत फिल्म को जल्द से जल्द वापस लाने के सभी उचित प्रयास किए जाएंगे।

फिल्म का शीर्षक पहले 'गल्लूघारा' था, बाद में 'पंजाब 95' और फिर 'सतलुज'

गौरतलब है कि इस फिल्म की रिलीज से पहले इसका नाम कई बार बदला गया। शुरुआत में इसका शीर्षक 'गल्लूघारा' था, जिसे बाद में 'पंजाब 95' किया गया। विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार, 21 कट और शीर्षक बदलने की शर्त के बाद इसे अंततः 'सतलुज' नाम से रिलीज किया गया। फिल्म का निर्देशन हनी त्रेहन ने किया है। इसके निर्माता आरएसवीपी और मैकगफिन पिक्चर्स हैं। फिल्म में अर्जुन रामपाल, कंवलजीत सिंह, सुविंदर विक्की और गीतिका विद्या ओहल्यान भी प्रमुख भूमिकाओं में हैं।

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