दिलजीत दोसांझ की 'सतलुज' की देशभर के गुरुद्वारों में स्क्रीनिंग, बड़ी संख्या में पहुंच रही संगत...

स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म से हटाए जाने के बाद भी संगत द्वारा विभिन्न गुरुद्वारों में फिल्म का प्रदर्शन इस बात का संकेत माना जा रहा है कि लोग इस विषय को व्यापक स्तर पर देखने और चर्चा करने में रुचि रखते हैं।

By  Preeti Kamal July 9th 2026 07:35 PM -- Updated: July 9th 2026 06:52 PM

चंडीगढ़, पंजाब: गायक और अभिनेता दिलजीत दोसांझ की फिल्म 'सतलुज' को लेकर लोगों में उत्साह लगातार बढ़ता जा रहा है। भारत में इस फिल्म को स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म से हटाए जाने के बावजूद इसकी लोकप्रियता कम नहीं हुई है। अब देशभर के कई गुरुद्वारों में इस फिल्म की विशेष स्क्रीनिंग आयोजित की जा रही है।

यह फिल्म प्रसिद्ध मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन, उनके संघर्ष और उनके बलिदान पर आधारित है। पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली और जम्मू के कई गुरुद्वारों में फिल्म दिखाने के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं।

विशेष संगत के सहयोग से फिल्म का प्रदर्शन हुआ

हाल ही में मोगा स्थित गुरुद्वारा बीबी काहन कौर जी में भाई राजवंत सिंह माहला के विशेष प्रयासों और संगत के सहयोग से फिल्म का प्रदर्शन किया गया। इस आयोजन में खालसा सेवा सोसायटी (रजि.) मोगा और गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी, मोगा ने विशेष सहयोग दिया। इसके अलावा लालपुर गांव में भी संगत के लिए फिल्म की स्क्रीनिंग आयोजित की गई।

दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी करेगी विशेष प्रदर्शन

दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी द्वारा भी एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है, जिसमें जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन पर आधारित फिल्म 'सतलुज' दिखाई जाएगी।

आयोजकों के अनुसार यह कार्यक्रम 10 जुलाई 2026 (शुक्रवार) को शाम 7:00 बजे भाई लखी शाह वंजारा हॉल, गुरुद्वारा रकाबगंज साहिब, नई दिल्ली में आयोजित होगा। संगत से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर फिल्म देखने की अपील की गई है।

बुढ़िया साहिब में भी होगा विशेष कार्यक्रम

इसी क्रम में गुरुद्वारा गुरु तेग बहादुर साहिब, बुढ़िया साहिब में भी फिल्म की विशेष स्क्रीनिंग रखी गई है।

  • स्थान: गुरुद्वारा गुरु तेग बहादुर साहिब, बुढ़िया साहिब
  • तारीख: 12 जुलाई 2026 (रविवार)
  • समय: शाम 6:00 बजे

आयोजकों ने संगत से अपील की है कि वे बड़ी संख्या में पहुंचकर जसवंत सिंह खालड़ा के संघर्ष, मानवाधिकारों के लिए उनके योगदान और उनके बलिदान को जानें।

फिल्म का उद्देश्य

फिल्म 'सतलुज' केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि जसवंत सिंह खालड़ा की विरासत और मानवाधिकारों के लिए उनके संघर्ष को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास है।

स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म से हटाए जाने के बाद भी संगत द्वारा विभिन्न गुरुद्वारों में फिल्म का प्रदर्शन इस बात का संकेत माना जा रहा है कि लोग इस विषय को व्यापक स्तर पर देखने और चर्चा करने में रुचि रखते हैं।

आयोजकों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में देश के अन्य क्षेत्रों में भी फिल्म की विशेष स्क्रीनिंग आयोजित की जाएगी, ताकि इससे जुड़े ऐतिहासिक और सामाजिक विषयों से अधिक से अधिक लोग परिचित हो सकें।

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