'सेंसर बोर्ड की मंजूरी नहीं थी', 'सतलुज' हटाने के फैसले के समर्थन में बोले आर.पी. सिंह...

रविवार को ZEE5 ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा, "मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए 'सतलुज' भारत में अगले आदेश तक उपलब्ध नहीं रहेगी। हम कानूनी प्रक्रिया के तहत फिल्म को जल्द से जल्द दर्शकों तक वापस लाने के सभी उचित विकल्पों पर काम कर रहे हैं।"

By  Preeti Kamal July 7th 2026 04:00 PM -- Updated: July 7th 2026 03:03 PM

नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता आर.पी. सिंह ने फिल्म 'सतलुज' को ज़ी5 से हटाए जाने के केंद्र सरकार के फैसले का समर्थन करते हुए कहा कि फिल्म आवश्यक प्रमाणन प्रक्रिया पूरी किए बिना ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज की गई थी। मीडिया से बातचीत में आर.पी. सिंह ने कहा कि फिल्म को रिलीज से पहले केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) से मंजूरी नहीं मिली थी। उन्होंने यह भी बताया कि पंजाब भाजपा के अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों द्वारा केंद्र सरकार से मामला उठाए जाने के बाद इस पर एक समीक्षा समिति बनाई जाएगी।

उन्होंने कहा, "फिल्म को सेंसर बोर्ड की मंजूरी नहीं मिली थी, इसके बावजूद इसे ओटीटी पर चलाया जा रहा था। यही कारण है कि सरकार ने इसे हटाया। पंजाब भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने भारत सरकार से इस संबंध में अपील की थी। अब इस मामले की समीक्षा के लिए एक समिति बनाई जाएगी और उसकी रिपोर्ट के आधार पर आगे फैसला लिया जाएगा।"

'फिल्म के पास सिनेमाघरों में प्रदर्शन के लिए आवश्यक प्रमाणन नहीं था'

इससे पहले सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने कहा था कि फिल्म को आवश्यक प्रमाणन प्रक्रिया पूरी किए बिना ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज किया गया था। वहीं ZEE5 ने भी पुष्टि की है कि 'सतलुज' भारत में अगले आदेश तक उपलब्ध नहीं रहेगी। मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, फिल्म के पास सिनेमाघरों में प्रदर्शन के लिए आवश्यक प्रमाणन नहीं था।

एक अधिकारी ने बताया, "फिल्म 'सतलुज' के पास थिएटर में रिलीज के लिए जरूरी प्रमाणपत्र नहीं था। निर्धारित प्रमाणन प्रक्रिया का पालन करने के बजाय निर्माताओं ने फिल्म का शीर्षक बदलकर शुक्रवार को इसे ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज कर दिया।" अधिकारी ने यह भी दावा किया कि फिल्म की रिलीज सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यस्थ दिशानिर्देश एवं डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 के प्रावधानों का उल्लंघन करती है, हालांकि किसी विशेष प्रावधान का उल्लेख नहीं किया गया।

फिल्म में करीब 100 कट लगाने की सिफारिश की गई थी

अधिकारी के अनुसार, प्रमाणन प्राधिकरण ने फिल्म में करीब 100 कट लगाने की सिफारिश की थी। लेकिन इन बदलावों को लागू करने के बजाय निर्माताओं ने कथित तौर पर फिल्म का नाम बदल दिया और उसे ओटीटी पर रिलीज कर दिया। मंत्रालय ने यह भी कहा कि फिल्म रिलीज होने से पहले निर्माताओं की ओर से पुनर्विचार या अनुमति के लिए कोई आवेदन प्राप्त नहीं हुआ था।

रविवार को ZEE5 ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा, "मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए 'सतलुज' भारत में अगले आदेश तक उपलब्ध नहीं रहेगी। हम कानूनी प्रक्रिया के तहत फिल्म को जल्द से जल्द दर्शकों तक वापस लाने के सभी उचित विकल्पों पर काम कर रहे हैं।" फिल्म हटाए जाने के कुछ घंटे बाद अभिनेता दिलजीत दोसांझ ने इंस्टाग्राम लाइव के दौरान इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें पहले से इस फैसले की आशंका थी।

फिल्म की रोक पर पहले से अंदाज़ा था- दिलजीत दोसांझ

दिलजीत दोसांझ ने कहा, "मुझे पहले से ही लगा था कि यही होने वाला है। मैंने सोचा था कि सोमवार को दफ्तर खुलने के बाद फिल्म पर रोक लग सकती है, लेकिन यह नहीं सोचा था कि रविवार शाम को ही ऐसा हो जाएगा।" हालांकि, दिलजीत दोसांझ ने इस बात पर संतोष जताया कि फिल्म दर्शकों तक पहुंच चुकी है।

उन्होंने कहा, "अब मुझे इस बात की खुशी है कि हमारा काम लोगों तक पहुंच गया। लोगों ने फिल्म डाउनलोड कर ली है। मुझे सबसे ज्यादा खुशी तब हुई जब मैंने देखा कि गुरुद्वारा साहिब में भी प्रोजेक्टर के जरिए फिल्म दिखाई जा रही है।" फिल्म 'सतलुज' का निर्देशन हनी त्रेहन ने किया है। इसके निर्माता आरएसवीपी और मैकगफिन पिक्चर्स हैं। फिल्म में अर्जुन रामपाल, कंवलजीत सिंह, सुविंदर विक्की और गीतिका विद्या ओहल्यान भी प्रमुख भूमिकाओं में हैं।

© Copyright Galactic Television & Communications Pvt. Ltd. 2026. All rights reserved.