‘AI से डरें नहीं, उसके साथ काम करना सीखें’, पूर्वोत्तर के युवाओं से CM सैनी की अपील

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पूर्वोत्तर के युवाओं को सरकार के पूर्ण सहयोग और सुरक्षा का भरोसा दिया। नॉर्थ ईस्ट स्टूडेंट्स फेस्टिवल में उन्होंने विविधता, संस्कृति, तकनीक, रोजगार, स्टार्टअप और युवा प्रतिभा के जरिए विकसित भारत निर्माण पर जोर दिया।

By  Preeti Kamal September 6th 2026 09:28 AM

हरियाणा: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि राज्य में गुरुग्राम, फरीदाबाद और सोनीपत जैसे शहरों में बड़ी संख्या में पूर्वोत्तर राज्यों के युवा काम कर रहे हैं। हरियाणा सरकार उन्हें हरसंभव सहयोग और सुरक्षा उपलब्ध करा रही है।

सैनी शनिवार को दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में आयोजित नॉर्थ ईस्ट स्टूडेंट्स फेस्टिवल के नौवें संस्करण के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और हरियाणा के कैबिनेट मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा भी मौजूद रहे।

‘विविधता में एकता भारत की खूबसूरती’

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत में अनेक रंग, भाषाएं और परंपराएं हैं, लेकिन सभी की भावनाएं एक हैं। यही भारत की विविधता और एकता की खूबसूरती है। उन्होंने कहा कि अरुणाचल प्रदेश की उगते सूरज की चमक, असम के ब्रह्मपुत्र की विशालता, मणिपुर की खेल प्रतिभा, मेघालय की प्राकृतिक संगीतात्मकता, मिजोरम का अनुशासन, नागालैंड की सांस्कृतिक विरासत, सिक्किम की शांति और त्रिपुरा की गर्मजोशी भरी परंपराएं इस मंच पर एक साथ दिखाई दे रही हैं।

सैनी ने कहा कि यह आयोजन केवल आठ पूर्वोत्तर राज्यों की संस्कृति को प्रदर्शित नहीं करता, बल्कि ‘एक भारत’ की भावना को सामने लाता है।

‘पूर्वोत्तर अब विकास की मुख्यधारा में’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पूर्वोत्तर के आठ राज्यों को ‘अष्टलक्ष्मी’ कहे जाने का उल्लेख करते हुए सैनी ने कहा कि यह नए भारत के पूर्वोत्तर की क्षमता और ताकत में विश्वास का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि एक समय पूर्वोत्तर को दूरी के नजरिए से देखा जाता था, लेकिन आज तस्वीर बदल चुकी है। पूर्वोत्तर अब भारत के किनारे खड़ा क्षेत्र नहीं, बल्कि देश की विकास यात्रा में अग्रिम पंक्ति में है।

संस्कृति केवल पहनावे और नृत्य तक सीमित नहीं

फेस्टिवल की थीम ‘The Living Heritage: Tradition That Builds Viksit Bharat’ का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विरासत का अर्थ अतीत को रोककर रखना नहीं, बल्कि उसे आगे बढ़ाना है।उन्होंने कहा कि संस्कृति केवल पहनावे या नृत्य का नाम नहीं है, बल्कि यह एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक पहुंचने वाली कहानी है।

युवाओं के बीच दोस्ती और संवाद से ही राज्यों के बीच मजबूत भावनात्मक एकता बनाई जा सकती है।सैनी ने कहा कि हरियाणा के लिए यह गर्व की बात है कि वह पूर्वोत्तर के साथ खड़ा है। हरियाणा इस कार्यक्रम में केवल प्रायोजक या साझेदार राज्य के रूप में नहीं, बल्कि साथी बनकर आया है।

‘AI से डरने के बजाय उसके साथ काम करना सीखें’

युवाओं को तकनीक के साथ आगे बढ़ने की सलाह देते हुए सैनी ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दौर में सवाल यह नहीं होना चाहिए कि ‘क्या AI मेरी नौकरी ले लेगा?’, बल्कि यह होना चाहिए कि ‘AI के साथ मिलकर मैं ऐसा क्या कर सकता हूं, जो अकेले नहीं कर सकता?’ 

उन्होंने युवाओं से नई तकनीक और कौशल सीखने का आह्वान किया, लेकिन साथ ही कहा कि तकनीक को अपना साथी बनाएं और अपनी मानवीय संवेदनाओं को कभी उसके हवाले न करें। उन्होंने कहा कि जीवन केवल वेतन, फॉलोअर्स या लाइक्स तक सीमित नहीं है। युवाओं को दूसरों की यात्रा देखकर अपने जीवन को छोटा नहीं समझना चाहिए।

‘असफलता पहचान नहीं, एक घटना है’

सैनी ने कहा कि असफलता एक घटना है, पहचान नहीं। युवाओं को गिरने, उठने, सीखने और दोबारा आगे बढ़ने की भावना रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत को पूर्णतावादी नहीं, बल्कि साहसी युवाओं की जरूरत है। उन्होंने कार्यक्रम के आयोजन के लिए माई होम इंडिया की टीम की भी सराहना की।

हरियाणा में करीब 2 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी: सैनी

मुख्यमंत्री ने हरियाणा सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि पिछले 12 वर्षों में करीब 2 लाख युवाओं को मेरिट के आधार पर सरकारी नौकरियां दी गई हैं और इसमें ‘पर्ची-खर्ची’ का कोई स्थान नहीं रहा। उन्होंने बताया कि युवाओं को विदेश में शिक्षा और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए विदेश सहयोग विभाग स्थापित किया गया है।

नई स्टार्टअप नीति के तहत युवाओं को वित्तीय और तकनीकी सहायता दी जा रही है और राज्य में अब तक 12,000 से अधिक स्टार्टअप स्थापित हो चुके हैं। शिक्षा के क्षेत्र में हर 20 किलोमीटर के दायरे में सरकारी कॉलेज खोलने के लक्ष्य के तहत पिछले 12 वर्षों में 82 नए सरकारी कॉलेज खोले गए हैं, जिनमें 32 कॉलेज विशेष रूप से छात्राओं के लिए हैं।

खेलों में भी पूर्वोत्तर और हरियाणा का योगदान

सैनी ने हाल ही में ग्लासगो में आयोजित 23वें राष्ट्रमंडल खेलों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत द्वारा जीते गए 39 पदकों में 11 पदक हरियाणा के खिलाड़ियों ने जीते। उन्होंने कहा कि प्रतिभा की कोई सीमा या भूगोल नहीं होता। पूर्वोत्तर के युवाओं ने अपनी मेहनत, दृढ़ संकल्प और क्षमता से देश का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने मणिपुर की मीराबाई चानू और मैरी कॉम, असम की लवलीना बोरगोहेन और हिमा दास, त्रिपुरा की दीपा करमाकर, मिजोरम के जेरेमी लालरिनुंगा और सिक्किम के बाइचुंग भूटिया का उदाहरण दिया।

'केवल प्राकृतिक सुंदरता की भूमि नहीं, बल्कि एक शक्तिशाली केंद्र है'

मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि पूर्वोत्तर केवल प्राकृतिक सुंदरता की भूमि नहीं है, बल्कि यह भारत की प्रतिभा और मेहनत का एक शक्तिशाली केंद्र भी है। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि पूर्व और पश्चिम के बीच मजबूत होती यह मित्रता ऐसे भारत का निर्माण करेगी जो आधुनिक, आत्मविश्वासी, अपनी जड़ों से जुड़ा, विकसित और अपनी विविधता से समृद्ध हो।

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