चंडीगढ़, हरियाणा: हरियाणा सरकार ने राज्य के कपास उत्पादक किसानों को राहत देते हुए फसल उत्पादन बढ़ाने और कीटों से सुरक्षा के लिए सूक्ष्म पोषक तत्वों (Micronutrients) तथा एकीकृत कीट प्रबंधन (Integrated Pest Management) अपनाने पर वित्तीय अनुदान देने का निर्णय लिया है। सरकार की इस पहल का उद्देश्य कपास की उत्पादकता बढ़ाने के साथ-साथ किसानों को वैज्ञानिक और प्रभावी कृषि पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है।
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा के अनुसार, किसानों को सूक्ष्म पोषक तत्वों और एकीकृत कीट प्रबंधन से संबंधित कृषि सामग्री की खरीद पर 50 प्रतिशत या ₹2,000 प्रति एकड़, जो भी कम हो, के हिसाब से सब्सिडी दी जाएगी। इस योजना के तहत सब्सिडी की अधिकतम सीमा दो एकड़ निर्धारित की गई है। यानी पात्र कपास उत्पादक किसान अधिकतम ₹4,000 तक का अनुदान प्राप्त कर सकेंगे।
किसानों के लिए हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला!प्रदेश सरकार ने राज्य में कपास की पैदावार बढ़ाने और फसलों को कीटों से सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से सूक्ष्म पोषक तत्वों एवं एकीकृत कीट प्रबंधन अपनाने पर किसानों को वित्तीय अनुदान प्रदान करने का निर्णय लिया है। इस विशेष योजना के…
— DPR Haryana (@DiprHaryana) August 30, 2026
कपास उत्पादन बढ़ाने पर सरकार का जोर
सरकार का मानना है कि सूक्ष्म पोषक तत्वों के उचित इस्तेमाल से फसल की गुणवत्ता और उत्पादकता में सुधार किया जा सकता है। वहीं, एकीकृत कीट प्रबंधन के जरिए फसल को नुकसान पहुंचाने वाले कीटों पर प्रभावी नियंत्रण में मदद मिलेगी। इससे किसानों को फसल सुरक्षा के साथ उत्पादन लागत को नियंत्रित करने में भी सहायता मिलने की उम्मीद है।
खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं देने का संकल्प
इसी बीच खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम ने कहा कि हरियाणा के प्रतिभावान खिलाड़ी अपनी मेहनत के दम पर वैश्विक मंच पर देश और प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार का स्पष्ट संकल्प है कि राज्य की हर खेल प्रतिभा को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण, अत्याधुनिक खेल बुनियादी ढांचा और विशेषज्ञ मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाए। मंत्री के अनुसार, सरकार का प्रयास है कि हरियाणा के खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अपनी क्षमता का बेहतर प्रदर्शन कर सकें और देश के लिए अधिक से अधिक उपलब्धियां हासिल करें।
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