चंडीगढ़, हरियाणा: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश में पेयजल व्यवस्था को बेहतर बनाने के साथ महिलाओं के स्वास्थ्य और सर्विकल कैंसर से बचाव के लिए HPV वैक्सीनेशन को लेकर जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया है। सरकार का फोकस लोगों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के साथ स्वास्थ्य संबंधी सही जानकारी आमजन तक पहुंचाने पर है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों के साथ प्रदेश में जलघरों और पेयजल आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा की।

समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रदेश के उन सभी पुराने वाटर वर्क्स को आरसीसी आधारित बनाया जाए, जहां भूमिगत जल के साथ मिलकर पानी की शुद्धता प्रभावित हो रही है। इसका उद्देश्य लोगों को स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराना है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जहां भी संभव हो, वहां ट्यूबवेल आधारित वाटर वर्क्स को प्राथमिकता के आधार पर नहरी पानी आधारित बनाया जाए। इससे पेयजल की गुणवत्ता में सुधार के साथ लोगों को बेहतर जलापूर्ति सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

HPV वैक्सीन को लेकर जागरूकता जरूरी

महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़े एक अन्य महत्वपूर्ण विषय के तौर पर HPV वैक्सीन को लेकर भी जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है। HPV यानी ह्यूमन पैपिलोमावायरस से होने वाले संक्रमण से बचाव के लिए यह वैक्सीन महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है और सर्विकल कैंसर के खतरे को कम करने में मदद करती है।

उपलब्ध वैज्ञानिक प्रमाणों के अनुसार HPV वैक्सीन और महिलाओं में बांझपन (Infertility) के बीच कोई नकारात्मक संबंध स्थापित नहीं हुआ है। इसलिए वैक्सीन को लेकर फैलने वाली अफवाहों के बजाय विश्वसनीय स्वास्थ्य जानकारी पर भरोसा करना जरूरी है। हालांकि, वैक्सीनेशन को लेकर उम्र, स्वास्थ्य स्थिति और अन्य व्यक्तिगत परिस्थितियों के अनुसार डॉक्टर या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ की सलाह लेना उचित है।

सही जानकारी परिवार और दोस्तों तक पहुंचाएं

HPV वैक्सीन को लेकर जागरूकता फैलाना सर्विकल कैंसर की रोकथाम की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। लोगों को चाहिए कि वे सोशल मीडिया पर बिना पुष्टि वाली जानकारी साझा करने के बजाय स्वास्थ्य विशेषज्ञों और विश्वसनीय संस्थानों से मिली जानकारी पर भरोसा करें। स्वच्छ पेयजल और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं सीधे तौर पर आमजन के जीवन की गुणवत्ता से जुड़ी हैं। ऐसे में हरियाणा सरकार की ओर से जलापूर्ति व्यवस्था में सुधार के साथ स्वास्थ्य जागरूकता पर जोर दिए जाने को महत्वपूर्ण पहल माना जा सकता है।