अयोध्या, उत्तर प्रदेश: अयोध्या में कई संतों ने राम मंदिर के चढ़ावे की कथित चोरी के मामले को लेकर आयोजित बैठक को प्रशासन द्वारा रोके जाने का आरोप लगाया है। संतों ने स्थानीय प्रशासन पर नाराजगी जताते हुए मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की है। मंगलवार को महामंडलेश्वर प्रकाशानंद गिरि ने राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गबन को लेकर अयोध्या प्रशासन पर सवाल उठाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सीबीआई जांच की मांग नहीं मानी गई तो संत समाज व्यापक आंदोलन शुरू करेगा।
प्रकाशानंद गिरि ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि संत मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपना चाहते थे, लेकिन उन्हें रोक दिया गया। उन्होंने कहा कि पहले ही स्पष्ट किया गया था कि यह प्रदर्शन या रैली नहीं, बल्कि शांतिपूर्ण बैठक थी। उन्होंने प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में भी इतनी ही तत्परता दिखाई गई होती तो संतों को यहां आने की जरूरत नहीं पड़ती। संत ने कहा कि बड़ी राशि कथित तौर पर गायब हो गई और प्रशासन को इसकी जानकारी नहीं थी। उन्होंने स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए इसे लापरवाही बताया।
सीबीआई जांच नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी
महामंडलेश्वर प्रकाशानंद गिरि ने कहा कि संत समाज इस मामले में सीबीआई जांच चाहता है। उन्होंने चेतावनी दी कि मांग पूरी नहीं होने पर बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि दिल्ली में हुए प्रदर्शन के दौरान संतों को बुलाकर उनका ज्ञापन स्वीकार किया गया था, लेकिन अयोध्या में उन्हें बैठक करने की अनुमति नहीं दी गई। संत ने कहा कि यदि जांच में सच्चाई सामने आती है तो प्रशासन से जुड़े लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है।
#WATCH | Ayodhya, UP | On allegations of meeting over Ram Mandir donation embezzlement row disrupted by administration, Saint Prakashanand Giri Maharaj says, "We held a peaceful meeting in this hall. We had informed the administration that we were holding a peaceful gathering—we… pic.twitter.com/T4R2krJUF1
— ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) August 25, 2026
चंपत राय को लेकर भी उठाए सवाल
संत ने राम मंदिर ट्रस्ट के तत्कालीन महासचिव चंपत राय को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोपों के बीच करीब एक महीने पहले उनके पद से इस्तीफा देने का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि चंपत राय की वापसी होती है तो सरकार को राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। हालांकि, ये संतों द्वारा लगाए गए आरोप हैं और इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
चढ़ावे की कथित चोरी मामले में गिरफ्तारियां
मामले में मंदिर कर्मचारियों और बैंक कर्मचारियों द्वारा चढ़ावे की रकम की कथित व्यवस्थित चोरी के आरोप सामने आए हैं। इस मामले को लेकर विपक्ष की ओर से भी उच्च स्तर पर जवाबदेही तय करने की मांग उठाई गई है। मामले में अविनाश शुक्ला, अंकेल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडेय, रामा शंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और रामा शंकर उर्फ टिन्नू को गिरफ्तार किया गया है। सभी को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।
जांच को लेकर बढ़ी सियासी और धार्मिक हलचल
राम मंदिर से जुड़े चढ़ावे की कथित चोरी का मामला अब संत समाज और राजनीतिक दलों के बीच भी चर्चा का विषय बन गया है। संतों की सीबीआई जांच की मांग के बाद प्रशासन की भूमिका और मामले की जांच को लेकर सवाल और तेज हो गए हैं। फिलहाल, संतों के आरोपों और सीबीआई जांच की मांग पर प्रशासन की ओर से विस्तृत प्रतिक्रिया का इंतजार है।
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