कोच्चि मर्सिडीज हादसा: केरल हाईकोर्ट ने अतिरिक्त जिला जज की गिरफ्तारी पर लगाई रोक

यह दुर्घटना 25 अक्टूबर की सुबह-सुबह कोच्चि के चेरानल्लूर इलाके में मरापारम्बु के पास कंटेनर रोड पर हुई थी। 55 वर्षीय जयबालकृष्णन अपनी दुकान बंद करने के बाद स्कूटर से घर लौट रहे थे।

By  Preeti Kamal October 29th 2026 03:25 PM -- Updated: October 29th 2026 03:16 PM

कोच्चि: केरल हाईकोर्ट ने कोच्चि में मर्सिडीज-बेंज कार से हुए जानलेवा हादसे के मामले में आरोपी अतिरिक्त जिला जज की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। अदालत ने कहा कि यदि आरोपी जांच में सहयोग कर रहा है, तो उसे गिरफ्तार करने की आवश्यकता नहीं है। हाईकोर्ट ने अगले आदेश तक गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए जज को गुरुवार दोपहर 1 बजे जांच टीम के सामने पूछताछ के लिए पेश होने का निर्देश दिया है।

यह मामला 25 अक्टूबर को हुए सड़क हादसे से जुड़ा है, जिसमें कथित तौर पर जज के 17 वर्षीय बेटे द्वारा चलाई जा रही मर्सिडीज-बेंज कार ने एक स्कूटर को टक्कर मार दी थी। हादसे में 55 वर्षीय जयबालकृष्णन की मौत हो गई थी। वह कोच्चि में सड़क किनारे खाने-पीने की दुकान चलाते थे। आरोपी जज ने अग्रिम जमानत के लिए हाईकोर्ट का रुख किया था। हादसे में शामिल कार उनके नाम पर पंजीकृत है। हालांकि, मामले में उनके खिलाफ लगाए गए आरोप अभी अदालत में साबित नहीं हुए हैं।

हादसे के बाद घटनास्थल पर पहुंचे थे जज

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, हादसे के तुरंत बाद नाबालिग ने अपने माता-पिता को इसकी जानकारी दी थी। इसके बाद वे दूसरी कार से घटनास्थल पर पहुंचे। जज ने दावा किया है कि वह अपने बेटे की सूचना मिलने पर चिंता के कारण वहां गए थे। उनका कहना है कि उनका उद्देश्य जांच को प्रभावित करना या अपने न्यायिक पद का दुरुपयोग करना नहीं था।

अग्रिम जमानत याचिका में जज ने दावा किया कि जब उनका बेटा कार लेकर निकला, तब वह सो रहे थे। उन्हें हादसे की जानकारी बाद में फोन कॉल के जरिए मिली। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि केवल वाहन का उनके नाम पर पंजीकृत होना आपराधिक जिम्मेदारी तय करने के लिए पर्याप्त नहीं है। उन्होंने अपने खिलाफ लगाए गए गैर इरादतन हत्या के आरोप को भी चुनौती दी है।

कैसे हुआ था कोच्चि मर्सिडीज हादसा?

यह दुर्घटना 25 अक्टूबर की सुबह-सुबह कोच्चि के चेरानल्लूर इलाके में मरापारम्बु के पास कंटेनर रोड पर हुई थी। 55 वर्षीय जयबालकृष्णन अपनी दुकान बंद करने के बाद स्कूटर से घर लौट रहे थे। इसी दौरान पीछे से आई मर्सिडीज-बेंज कार ने कथित तौर पर उनके स्कूटर को टक्कर मार दी। हादसे में उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

इरिंजालाकुडा स्थित मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण में कार्यरत जज के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम की धारा 199A के तहत मामला दर्ज किया गया है। यह प्रावधान निर्धारित कानूनी परिस्थितियों में नाबालिग द्वारा मोटर वाहन संबंधी अपराध किए जाने पर वाहन मालिक या अभिभावक की जिम्मेदारी से संबंधित है।

पुलिस जांच पर भी उठे सवाल

इस मामले में शुरुआती पुलिस जांच में कथित लापरवाही को लेकर भी सवाल उठे हैं। चार पुलिसकर्मियों को कथित चूक के आरोप में निलंबित किया गया है। इसके बाद मामले की जांच जिला अपराध शाखा को सौंप दी गई। मामले को संभालने के तरीके पर उठे आरोपों के बीच कोच्चि के पुलिस आयुक्त एस. कालिराज महेश कुमार को भी पद से हटा दिया गया।

वहीं, केरल मोटर वाहन विभाग ने जज को कारण बताओ नोटिस जारी कर यह स्पष्टीकरण मांगा है कि उनके नाबालिग बेटे को कार चलाने की अनुमति कैसे दी गई। विभाग ने संकेत दिया है कि जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है।

पीड़ित परिवार ने की सख्त कार्रवाई की मांग

मृतक जयबालकृष्णन के परिवार ने किशोर और उसके पिता, दोनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। मामले की जांच अभी जारी है। हाईकोर्ट द्वारा गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगाए जाने का अर्थ आरोपों से बरी होना नहीं है। जांच एजेंसियों को मामले के तथ्यों और संबंधित पक्षों की जिम्मेदारी की जांच करनी है।

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