तिरुवनंतपुरम, केरल: केरल के वायनाड जिले में हुए भूस्खलन के बाद राज्य के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने मंगलवार को फायर फोर्स प्रमुख और वायनाड के जिला पुलिस प्रमुख को राहत एवं बचाव अभियान तेज करने के निर्देश दिए। केरल के स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने घटना में दो लोगों की मौत की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि सड़क साफ होते ही बचाव कार्य पूरी तरह पूरा किया जाएगा।
उन्होंने कहा, "दो लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। सड़क साफ होने के बाद बचाव अभियान पूरा किया जाएगा। वायनाड के सभी अस्पतालों को बाहरी राज्यों से आए मजदूरों के इलाज के निर्देश दिए गए हैं। प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, इस हादसे में कोई स्थानीय निवासी प्रभावित नहीं हुआ है।"
अस्पतालों को अलर्ट जारी, घटनास्थल पर एंबुलेंस की तैनाती
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि घायलों के इलाज के लिए अस्पतालों को अलर्ट कर दिया गया है और घटनास्थल पर एंबुलेंस भी तैनात की गई हैं। भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र से बचाए गए आठ लोगों—हीरा कुमार (32), दिलीप (19), सूरज यादव (25), संजय ठाकुर (35), रजनीश (27), तनमय घोष (28), कूपामल (जया) (37) और कुंजू (39)—को इलाज के लिए मेप्पाडी विम्स अस्पताल भेजा गया है।
#WATCH | Keralam | Two people have died and seven people are missing in the Wayanad landslide incident. Teams of NDRF, Police, Fire Department and other govt agencies are involved in the search and rescue mission pic.twitter.com/hTGiKPWJuc
— ANI (@ANI) July 7, 2026
सरकारी स्कूल में राहत शिविर बनाया गया
प्रभावित क्षेत्र के लोगों के लिए चुलिक्का सरकारी एलपी स्कूल में राहत शिविर बनाया गया है, जहां आसपास के घरों से लोगों को सुरक्षित पहुंचाया जा रहा है।केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने सुरंग निर्माण स्थल पर हुए हादसे को "दुर्भाग्यपूर्ण त्रासदी" बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की चेतावनी के बावजूद ठेकेदारों ने खुदाई से निकली मिट्टी नहीं हटाई, जिसके कारण यह हादसा हुआ।
वहीं, केरल के मंत्री टी. सिद्दीक ने दावा किया कि कल्लाडी में हुआ भूस्खलन प्राकृतिक नहीं, बल्कि मानवजनित (मैन-मेड) आपदा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन ने पहले ही कोंकण रेलवे को संभावित खतरे के बारे में आगाह किया था, लेकिन कोई एहतियाती कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने बताया कि हादसे में छह लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं और उनकी हालत फिलहाल स्थिर है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की दो टीमें, जिनमें कुल 60 जवान शामिल हैं, वायनाड और कोझिकोड से घटनास्थल पर पहुंच चुकी हैं और राहत एवं बचाव अभियान जारी है।
2 वर्ष पहले हुए भूस्खलन में 298 लोगों की गई थी जान
टी. सिद्दीक ने कहा, "ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जा सकती, क्योंकि दो वर्ष पहले मुंडक्कई में हुए भूस्खलन में 298 लोगों की जान गई थी।" केरल के राजस्व मंत्री ए.पी. अनिल कुमार ने कहा कि बचाव अभियान शुरू हो चुका है और 30 एनडीआरएफ कर्मियों की एक टीम मौके पर पहुंच चुकी है। उन्होंने कहा, "हम घटना से जुड़ी सभी जानकारियां जुटा रहे हैं। पूरी स्थिति स्पष्ट होने के बाद विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी।"
वहीं, केरल के मुख्य सचिव विश्वनाथ सिन्हा ने कहा कि नुकसान का आकलन और जिम्मेदारी तय होने के बाद आवश्यकता पड़ने पर केंद्र सरकार से आपदा राहत सहायता ली जाएगी।
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