दिल्ली-एनसीआर में आखिरकार मॉनसून ने जोरदार दस्तक दे दी है। सोमवार को राजधानी दिल्ली के साथ-साथ नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में हुई झमाझम बारिश ने लोगों को उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत दी। सुबह से ही आसमान में घने बादल छाए रहे और कई इलाकों में तेज बारिश के साथ हवाएं चलीं। मौसम में आए इस बदलाव से तापमान में गिरावट दर्ज की गई और लोगों ने लंबे समय बाद राहत महसूस की।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, आने वाले पांच दिनों तक दिल्ली-एनसीआर में मौसम सुहाना बना रहेगा। विभाग ने 7, 8 और 9 जुलाई के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक, बिजली गिरने और 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।

पूरे NCR में एक जैसा रहेगा मौसम

IMD के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक दिल्ली के सभी 11 जिलों के साथ-साथ नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में भी मौसम लगभग एक जैसा रहेगा। राजधानी के उत्तर, दक्षिण, पूर्व, पश्चिम, मध्य, शाहदरा और नई दिल्ली सहित पूरे NCR क्षेत्र में बादल छाए रहने और रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना है।

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि दक्षिण-पश्चिम मॉनसून अब पूरी तरह सक्रिय हो चुका है और अगले कुछ दिनों तक इसका असर लगातार बना रहेगा। इससे अधिकतम तापमान 32 से 37 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है, जो पिछले सप्ताह की तुलना में काफी कम है।

 

तीन दिन तक येलो अलर्ट

IMD ने 7, 8 और 9 जुलाई के लिए येलो अलर्ट जारी करते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। इन दिनों कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं। दोपहर और शाम के समय मौसम अचानक बदल सकता है तथा कुछ स्थानों पर तेज बारिश भी दर्ज की जा सकती है।

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं, इसलिए खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के आसपास खड़े होने से बचना चाहिए।

10 और 11 जुलाई को भी जारी रहेगा बारिश का दौर

हालांकि 10 और 11 जुलाई के लिए ग्रीन अलर्ट जारी किया गया है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि बारिश पूरी तरह थम जाएगी। विभाग के अनुसार इन दोनों दिनों भी आसमान में बादल छाए रहेंगे और कई इलाकों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है। बीच-बीच में तेज हवाएं और गरज-चमक भी देखने को मिल सकती 

उत्तर भारत के कई राज्यों में सक्रिय मॉनसून

दिल्ली-एनसीआर के अलावा उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और उत्तराखंड के कई हिस्सों में भी मॉनसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। मौसम विभाग ने इन राज्यों के कुछ जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई है। वहीं हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और अचानक जलभराव जैसी परिस्थितियां बनने की आशंका भी व्यक्त की गई है।

पश्चिम और दक्षिण भारत में भारी बारिश का खतरा

IMD ने गुजरात, कोंकण, मध्य महाराष्ट्र, गोवा और तटीय कर्नाटक में भी अगले 24 से 48 घंटों के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान जताया है। मुंबई, पालघर, पुणे, सतारा और कोल्हापुर जैसे क्षेत्रों में फ्लैश फ्लड (अचानक बाढ़) का मध्यम खतरा बताया गया है।

इसके अलावा केरल, कर्नाटक, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी तेज बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है।

लोगों के लिए क्या है सलाह?

मौसम विभाग ने लोगों को बारिश और बिजली गिरने के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है। वाहन चालकों को भी जलभराव वाले मार्गों से बचने और खराब मौसम में सावधानी से ड्राइविंग करने को कहा गया है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियों को भी संवेदनशील इलाकों में सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि मॉनसून की यह बारिश जहां गर्मी से राहत लेकर आई है, वहीं जलभराव, ट्रैफिक जाम और बिजली गिरने जैसी चुनौतियां भी साथ ला सकती है। ऐसे में मौसम विभाग की सलाह का पालन करना ही सबसे सुरक्षित विकल्प होगा।