नई दिल्ली: भारत के पूर्व T-20 कप्तान सूर्यकुमार यादव ने सोशल मीडिया पर उनके नाम से वायरल हो रहे एक कथित बयान का खंडन करते हुए कहा कि उन्होंने ऐसा कोई बयान न तो दिया है और न ही इसकी अनुमति दी है। साथ ही उन्होंने टीम इंडिया और 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी का खुलकर समर्थन किया।

सूर्यकुमार यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "मैं टीम के लिए बेहद खुश हूं और उन्हें हमेशा की तरह शुभकामनाएं देता हूं। मुझे पता है कि सभी खिलाड़ी अपना सर्वश्रेष्ठ दे रहे हैं और उन्हें हमेशा मेरा पूरा समर्थन मिलेगा। वैभव के लिए एक खास संदेश—तुम एक बेहद रोमांचक सफर की शुरुआत कर रहे हो। हर पल का आनंद लो और देश का नाम रोशन करते रहो।" उन्होंने सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों को लेकर भी लोगों को सावधान रहने की अपील की।

सूर्यकुमार यादव ने सोशल मीडिया पर दिया स्पष्टीकरण

सूर्यकुमार यादव ने कहा, "मैंने देखा है कि सोशल मीडिया पर एक बयान मेरे नाम से प्रसारित किया जा रहा है, जबकि उसका मुझसे कोई संबंध नहीं है। मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि मैंने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है और न ही उसे अधिकृत किया है। कृपया उस जानकारी पर विश्वास न करें और न ही उसे साझा करें। भारतीय क्रिकेट, अपने साथियों और इस खेल के प्रति मेरा समर्थन हमेशा रहेगा और वह किसी भी फर्जी बयान से कहीं अधिक मजबूत है।"

सूर्यकुमार यादव ने प्रशंसकों से अपील की कि वे केवल उनके आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा की गई जानकारी पर ही भरोसा करें। इस बीच, मैनचेस्टर में खेले गए दूसरे T-20 मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी ने इतिहास रच दिया। 15 वर्ष और 99 दिन की उम्र में उन्होंने सचिन तेंदुलकर (16 वर्ष 238 दिन) का रिकॉर्ड तोड़ते हुए भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बनने का गौरव हासिल किया।

आयरलैंड दौरे पर वैभव सूर्यवंशी को नहीं मिला था मौक़ा

हालांकि, आयरलैंड दौरे पर उन्हें पदार्पण का मौका नहीं मिला था, जहां भारत को 2-0 से हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद इंग्लैंड के खिलाफ पहला T-20 मैच बारिश के कारण रद्द हो गया। दूसरे T-20 में अपने पहले अंतरराष्ट्रीय मैच में वैभव सूर्यवंशी ने 10 गेंदों में 14 रन बनाए, जिसमें दो छक्के शामिल थे।तीसरे T-20 मुकाबले से पहले बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने कहा कि वैभव सूर्यवंशी को पहले से ही पदार्पण का मौका देने की योजना थी।

उन्होंने कहा, "जब वैभव टीम से जुड़े थे, तभी यह तय था कि उन्हें मौका मिलेगा। हमने उनसे सिर्फ इतना कहा कि वे अपना स्वाभाविक खेल खेलें, अपनी प्रवृत्ति पर भरोसा रखें और उसी अंदाज में बल्लेबाजी करें जिसने उन्हें यहां तक पहुंचाया है। बल्लेबाजी को लेकर उन्हें कोई अतिरिक्त या विशेष निर्देश नहीं दिए गए थे।"