बालटाल, पहलगाम, जम्मू-कश्मीर: 57 दिनों तक चलने वाली श्री अमरनाथ यात्रा 2026 का शुक्रवार को विधिवत शुभारंभ हो गया। सुबह बालटाल और पहलगाम के दोनों आधार शिविरों से श्रद्धालुओं का पहला जत्था 'बम-बम भोले' के जयघोष के बीच पवित्र अमरनाथ गुफा की ओर रवाना हुआ। यात्रा के पहले दिन प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने तड़के ही गांदरबल और अनंतनाग मार्गों को श्रद्धालुओं की आवाजाही के लिए पूरी तरह सुरक्षित और सुगम बना दिया। दोनों मार्गों पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। बालटाल आधार शिविर में हल्की बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई, लेकिन प्रशासन ने यात्रा मार्ग को पूरी तरह साफ और सुरक्षित रखा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पवित्र अमरनाथ यात्रा के शुभारंभ पर देश-विदेश से आने वाले सभी शिवभक्तों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में स्थित बाबा बर्फानी के पवित्र धाम की यात्रा करना अपने आप में एक बड़ा सौभाग्य है और यह भारत की सनातन आध्यात्मिक परंपरा का एक अमर अध्याय है। प्रधानमंत्री ने भगवान शिव के भक्तों के नाम लिखे अपने संदेश में कहा कि हर वर्ष लाखों श्रद्धालु बाबा अमरनाथ के दर्शन के लिए विभिन्न राज्यों और देशों से जम्मू-कश्मीर पहुंचते हैं।

पीएम मोदी ने किया यात्रा को सफल बनाने में जुटे सभी लोगों आभार व्यक्त 

प्रधानमंत्री मोदी ने यात्रा को सफल बनाने में जुटे भारतीय सेना, CRPF, जम्मू-कश्मीर पुलिस, ITBP, BSF, NDRF, स्वास्थ्यकर्मियों, प्रशासनिक अधिकारियों, सफाईकर्मियों और स्वयंसेवकों का विशेष आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इन सभी के समर्पण और सेवा भाव से श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम यात्रा का अनुभव मिलता है। प्रधानमंत्री ने इस वर्ष की अमरनाथ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं से पांच संकल्प लेने का भी आग्रह किया।

प्रधानमंत्री मोदी ने श्रद्धालुओं से की 5 संकल्प के पालन की अपील

प्रधानमंत्री ने पहला संकल्प स्वच्छता बनाए रखने, दूसरा प्रशासन के निर्देशों, यातायात नियमों और सुरक्षा मानकों का पूरी निष्ठा से पालन करने का बताया। साथ ही उन्होंने श्रद्धालुओं से फिसलन वाले रास्तों और खराब मौसम के दौरान विशेष सतर्कता बरतने की अपील की। तीसरे संकल्प के तहत प्रधानमंत्री ने 'वोकल फॉर लोकल' को बढ़ावा देने की बात कही। उन्होंने आग्रह किया कि श्रद्धालु अपनी यात्रा के कुल खर्च का कम से कम 10 प्रतिशत स्थानीय उत्पादों की खरीदारी पर खर्च करें, जिससे जम्मू-कश्मीर के स्थानीय परिवारों और युवाओं की आजीविका को मजबूती मिले।

चौथे संकल्प के रूप में प्रधानमंत्री ने कहा कि इस वर्ष यात्रा का समापन रक्षाबंधन के अवसर पर हो रहा है। ऐसे में श्रद्धालु 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत एक पौधा भेंट कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दें। अंतिम संकल्प में प्रधानमंत्री ने 'नेशन फर्स्ट' की भावना के साथ पूरे वर्ष ईमानदारी से अपने कर्तव्यों का पालन करने और 'विकसित भारत' के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।

यह यात्रा सनातन संस्कृति के प्रति अटूट श्रद्धा को दर्शाती है- अमित शाह

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को सालाना श्री अमरनाथ जी यात्रा की शुरुआत पर श्रद्धालुओं को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह यात्रा सनातन संस्कृति के प्रति अटूट श्रद्धा, धैर्य, संयम और कभी हार न मानने वाले जज़्बे को दर्शाती है। 'X' पर एक पोस्ट में, शाह ने सालाना यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं की यात्रा सुरक्षित और सुखद होने की कामना की। उन्होंने पोस्ट किया, "अमरनाथ जी यात्रा सनातन संस्कृति के प्रति अटूट श्रद्धा, अडिग धैर्य, संयम और कभी हार न मानने वाले जज़्बे का पवित्र प्रतीक है। आज इस पवित्र यात्रा की शुभ शुरुआत हो रही है। बाबा बर्फ़ानी के दर्शन और पूजा के लिए जा रहे सभी श्रद्धालुओं को मेरी शुभकामनाएँ।"

मैं भगवान शिव से प्रार्थना करता हूं कि सभी तीर्थयात्रियों की यात्रा सफल हो- रक्षा मंत्री

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने तीर्थयात्रियों की खुशहाली और सुरक्षा की कामना करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लिखा, "पवित्र श्री अमरनाथ यात्रा की शुरुआत पर महादेव के सभी भक्तों और तीर्थयात्रियों को हार्दिक शुभकामनाएं। महादेव, देवताओं के देवता और बाबा बर्फ़ानी की असीम कृपा आप सभी पर हमेशा बनी रहे। यह दिव्य यात्रा आपके जीवन में खुशी, शांति, खुशहाली, अच्छा स्वास्थ्य और नई ऊर्जा लाए। मैं भगवान शिव से प्रार्थना करता हूं कि सभी तीर्थयात्रियों की यात्रा शुभ, सुरक्षित और सफल हो। हर-हर महादेव!"

"सनातन आस्था का एक बड़ा उत्सव - श्री अमरनाथ यात्रा"

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को सालाना श्री अमरनाथ जी यात्रा शुरू होने पर तीर्थयात्रियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने भक्तों के लिए एक संदेश में लिखा, "सनातन आस्था का एक बड़ा उत्सव - श्री अमरनाथ यात्रा - आज शुरू हो रही है। इस पवित्र यात्रा पर जाने वाले शिव के सभी भक्तों को हार्दिक शुभकामनाएं। मेरी प्रार्थना है कि सभी को बाबा बर्फ़ानी के दिव्य दर्शन हों और सभी का जीवन खुशी, शांति और खुशहाली से भरा रहे। जय बाबा अमरनाथ।"

हल्की बारिश हो रही है, लेकिन यात्रा मार्ग पूरी तरह साफ है- नोडल अधिकारी राहुल यादव

बालटाल के नोडल अधिकारी राहुल यादव ने बताया कि जिला प्रशासन ने यात्रा को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं। उन्होंने कहा, "हल्की बारिश हो रही है, लेकिन यात्रा मार्ग पूरी तरह साफ है। आज लगभग 10 हजार श्रद्धालुओं के यात्रा पर रवाना होने की उम्मीद है। मौसम में बदलाव की स्थिति को देखते हुए विभिन्न स्थानों पर आपातकालीन आश्रय स्थल भी बनाए गए हैं।"

वहीं, अनंतनाग जिले के पारंपरिक नुनवान-पहलगाम आधार शिविर से भी श्रद्धालुओं के पहले जत्थे को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच रवाना किया गया। यहां जम्मू-कश्मीर पुलिस, सीआरपीएफ और भारतीय सेना की बहुस्तरीय सुरक्षा तैनात रही।

अमरनाथ यात्रा पर आए श्रद्धालुओं में काफी उत्साह

पहली बार यात्रा पर आए एक श्रद्धालु ने कहा, "मैं अपने परिवार के साथ पहली बार आया हूं। पुलिस, सीआरपीएफ और सेना का सहयोग बेहद सराहनीय है। यहां की तैयारियां बेहतरीन हैं।" एक अन्य श्रद्धालु ने बताया कि इस वर्ष पिछले साल की तुलना में सुविधाओं में काफी सुधार हुआ है। उन्होंने कहा, "इस बार व्यवस्थाएं पहले से कहीं बेहतर हैं। स्थानीय लोग, स्वास्थ्य विभाग और सुरक्षा बल सभी श्रद्धालुओं की मदद कर रहे हैं। मैं भगवान भोलेनाथ से देश में सुख, शांति और एकता की प्रार्थना करूंगा।"

यात्रा का समापन 28 अगस्त को होगा

इस वर्ष की 57 दिवसीय अमरनाथ यात्रा में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए डिजिटल निगरानी प्रणाली और आरएफआईडी (RFID) ट्रैकिंग सिस्टम का व्यापक उपयोग किया जा रहा है। यात्रा का समापन 28 अगस्त को रक्षाबंधन के अवसर पर होगा