अयोध्या, उत्तर प्रदेश: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य महंत दिनेंद्र दास महाराज ने राम मंदिर दान गबन विवाद के बीच पूर्व महासचिव चंपत राय का बचाव करते हुए कहा है कि उन्होंने अपने जीवन में कभी किसी की बुराई नहीं की और हमेशा पूरी पारदर्शिता के साथ भगवान राम की सेवा की है।मीडिया से बातचीत में महंत दिनेंद्र दास महाराज ने कहा कि वह पिछले 15 वर्षों से चंपत राय के संपर्क में हैं और इस दौरान उन्होंने कभी भी उनके कार्यों में कोई अनियमितता नहीं देखी।
उन्होंने कहा, "मैं 15 साल से उनके संपर्क में हूं। चंपत राय तन, मन और धन से रामलला की सेवा कर रहे हैं। उन्होंने कभी किसी की बुराई नहीं की। एक रुपया भी आता है तो उसे रामलला को समर्पित करते हैं। जो भी होता है, वह सभी को बताते हैं। ट्रस्ट की बैठकों में हर बात रखते हैं और जो निर्णय होता है, उसे स्वीकार करते हैं। अगर मैंने कोई गलती देखी होती तो मैं खुद उसके बारे में बोलता। मुझे चंपत राय में कोई कमी नजर नहीं आती।"
ट्रस्ट की दो बैठकें 6 और 11 जुलाई को प्रस्तावित हैं
महंत दिनेंद्र दास का यह बयान ऐसे समय आया है जब श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की दो महत्वपूर्ण बैठकें 6 जुलाई और 11 जुलाई को प्रस्तावित हैं। उन्होंने बताया कि 6 जुलाई की बैठक छोटी छावनी में ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी की अध्यक्षता में आयोजित होगी। इस बीच, कथित दान गबन मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) को अपनी जांच पूरी करने के लिए 15 दिनों का अतिरिक्त समय दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच का दायरा बढ़ाया जाएगा और मामले के हर पहलू की पड़ताल की जाएगी। साथ ही यह भी कहा गया है कि दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
#WATCH | Ayodhya | On the alleged Ram Mandir donation embezzlement case, Mahant Dinendra Das Maharaj, a trustee of the Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust, says, "Gopal Rao often complicates matters for everyone. Our trustees in Uttar Pradesh follow the tradition of Ram, whereas… pic.twitter.com/0ByHeEBVUY
— ANI (@ANI) July 1, 2026
सभी आरोपितों 29 जून से 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में हैं
गौरतलब है कि 29 जून को अयोध्या की एक अदालत ने राम मंदिर दान गबन मामले में आरोपित सभी व्यक्तियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। यह कार्रवाई मंदिर में प्राप्त दान राशि में कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच के तहत की गई। इससे पहले विवाद के नैतिक दायित्व को स्वीकार करते हुए ट्रस्ट के तत्कालीन महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया था।
निष्पक्ष जांच के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध- ट्रस्ट
पुलिस चंपत राय का बयान दर्ज कर चुकी है, जबकि जरूरत पड़ने पर अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों, जिनमें अनिल मिश्रा भी शामिल हैं, उनके बयान दर्ज किए जा सकते हैं। यह पूरा विवाद 25 जून को दर्ज हुई एफआईआर के बाद शुरू हुआ था, जिसमें श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में प्राप्त दान राशि के कथित गबन के आरोप लगाए गए थे। हालांकि ट्रस्ट का कहना है कि वह निष्पक्ष जांच के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और श्रद्धालुओं के विश्वास को बनाए रखने के लिए हर संभव कदम उठाएगा।
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