उत्तर भारत में भीषण गर्मी और उमस के बाद अब मौसम राहत देने की तैयारी में है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मॉनसून तेजी से आगे बढ़ रहा है और अब दिल्ली-एनसीआर की दहलीज तक पहुंच चुका है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि **3 से 4 जुलाई** के बीच मॉनसून दिल्ली में प्रवेश कर सकता है। इसके साथ ही राजधानी और आसपास के इलाकों में झमाझम बारिश का दौर शुरू होने की संभावना है।

इस बार मॉनसून ने 1 जून को केरल से अपनी यात्रा शुरू की थी और अब देश के 90 प्रतिशत से अधिक हिस्से को कवर कर चुका है। हालांकि दिल्ली में इसकी दस्तक सामान्य तारीख 27-28 जून की तुलना में करीब तीन से चार दिन देरी से होने की संभावना जताई जा रही है।

अगले 48 घंटे अहम

मौसम विभाग का कहना है कि अगले दो दिनों में दिल्ली-एनसीआर में मौसम तेजी से बदल सकता है। आसमान में घने बादल छाए रहेंगे और कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है। विभाग ने अगले छह दिनों तक राजधानी में बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान जताया है।

विशेषज्ञों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी से भरपूर हवाएं जैसे ही दिल्ली क्षेत्र तक पहुंचेंगी, मॉनसून पूरी तरह सक्रिय हो जाएगा और व्यापक बारिश देखने को मिलेगी।

उत्तर प्रदेश में सक्रिय हुआ मॉनसून

उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मॉनसून सक्रिय हो चुका है। पिछले दो दिनों के दौरान राज्य के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। अयोध्या, आजमगढ़, बरेली, गोरखपुर, गोंडा, बहराइच, संत कबीर नगर, अंबेडकर नगर, हरदोई, झांसी, ललितपुर, बुलंदशहर, रामपुर, शाहजहांपुर, श्रावस्ती और पीलीभीत समेत कई जिलों में झमाझम बारिश हुई है।

मौसम विभाग का अनुमान है कि **3 जुलाई तक पूरा उत्तर प्रदेश मॉनसूनी बारिश की चपेट में आ जाएगा**, जिससे तापमान में गिरावट और गर्मी से राहत मिलेगी।

उत्तराखंड और हिमाचल में भारी बारिश का अलर्ट

उत्तराखंड में भी मॉनसून ने दस्तक दे दी है और राज्य के अधिकांश हिस्सों को कवर कर लिया है। देहरादून सहित कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने अगले तीन से चार दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।

देहरादून और बागेश्वर के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि टिहरी, पौड़ी, नैनीताल, चंपावत, हरिद्वार, पिथौरागढ़ और ऊधम सिंह नगर समेत कई जिलों में येलो अलर्ट लागू है। लगातार बारिश को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है।

उधर, हिमाचल प्रदेश में भी मॉनसून सक्रिय हो गया है। मंडी समेत कई जिलों में बारिश शुरू हो चुकी है और 1 से 6 जुलाई के बीच भारी वर्षा की संभावना जताई गई है।

पंजाब और हरियाणा में भी जल्द पहुंचेगा मॉनसून

मौसम विभाग के अनुसार पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में भी अगले 48 से 72 घंटों के भीतर मॉनसून दस्तक देगा। 1 से 6 जुलाई के बीच इन राज्यों में गरज-चमक, तेज हवाओं और बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। कई स्थानों पर हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने का अनुमान है।

क्यों हो रही है देरी?

आईएमडी के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. नरेश कुमार के अनुसार, मॉनसून की रफ्तार मौसमी ट्रफ (Monsoon Trough) की स्थिति पर निर्भर करती है। फिलहाल यह ट्रफ पंजाब से लेकर बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है। जैसे-जैसे बंगाल की खाड़ी से आने वाली नम पूर्वी हवाएं उत्तर भारत तक पहुंचेंगी, मॉनसून और अधिक सक्रिय हो जाएगा।

मौसम विशेषज्ञ डॉ. महेश पलावत का भी कहना है कि दिल्ली में अच्छी बारिश के लिए बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी बेहद जरूरी है। यह प्रक्रिया अगले दो से तीन दिनों में पूरी होने की संभावना है, जिसके बाद राजधानी में व्यापक बारिश शुरू हो सकती है।

गर्मी से मिलेगी राहत

लगातार कई दिनों से भीषण गर्मी और उमस का सामना कर रहे दिल्ली-एनसीआर के लोगों को मॉनसून की पहली बारिश से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। बारिश के बाद तापमान में गिरावट आएगी और हवा में नमी बढ़ने के बावजूद मौसम अपेक्षाकृत सुहावना रहेगा।

मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि गरज-चमक और तेज हवाओं के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूरी बनाए रखें। साथ ही भारी बारिश की स्थिति में जलभराव वाले इलाकों में सावधानी बरतें। आने वाले कुछ दिन उत्तर भारत के मौसम में बड़े बदलाव के संकेत दे रहे हैं।