लखनऊ, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पहले दिन लखनऊ के जिलाधिकारी विशाख जी. अय्यर और संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) बबलू कुमार ने शहर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्थाओं का जायजा लिया। राजधानी लखनऊ में यह परीक्षा 2, 3 और 4 जुलाई तक आयोजित की जा रही है। तीन दिनों के दौरान शहर के 46 परीक्षा केंद्रों पर करीब 76 हजार अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी विशाख जी. अय्यर ने बताया कि आयोग के निर्देशों के अनुसार सभी परीक्षा केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं और परीक्षा शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संचालित हो रही है। उन्होंने कहा कि परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए सेक्टर मजिस्ट्रेट, स्टैटिक मजिस्ट्रेट, आंतरिक और बाहरी पर्यवेक्षकों की तैनाती की गई है। इसके अलावा सभी केंद्रों पर सीसीटीवी निगरानी सहित व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं।

सभी परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनाती

वहीं, संयुक्त पुलिस आयुक्त बबलू कुमार ने बताया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी तरह की गड़बड़ी रोकने के लिए सभी परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। उन्होंने कहा कि गोपनीय परीक्षा सामग्री को सुरक्षित तरीके से कोषागार से परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने के लिए प्रत्येक सेक्टर मजिस्ट्रेट के साथ दो पुलिसकर्मियों को लगाया गया है। बबलू कुमार ने बताया कि परीक्षा केंद्रों में प्रवेश से पहले सभी अभ्यर्थियों की सघन जांच और फ्रिस्किंग की गई।

इसके बाद ही उन्हें परीक्षा कक्ष में प्रवेश दिया गया। उन्होंने कहा कि अब तक परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से चल रही है और किसी प्रकार की अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है। गौरतलब है कि UPTET उत्तर प्रदेश में आयोजित होने वाली राज्य स्तरीय पात्रता परीक्षा है, जिसके माध्यम से प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षक बनने के इच्छुक अभ्यर्थियों की पात्रता निर्धारित की जाती है।