पटना, बिहार: केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने अयोध्या राम मंदिर दान गबन के कथित मामले को लेकर विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ "फर्जी राम भक्त" अब खुद को "सनातनी" बताने लगे हैं। साथ ही कहा कि इस कथित घटना से हिंदू समाज की भावनाएं आहत हुई हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पटना में पत्रकारों से बातचीत के दौरान गिरिराज सिंह ने कहा, "आजकल कुछ फर्जी राम भक्त खुद को सनातनी कहने लगे हैं। इस चोरी की घटना से हिंदू समाज आहत है। वहां की सरकार कार्रवाई के लिए तैयार है। कोई भी दोषी बख्शा नहीं जाएगा। देश के सनातनियों को ऐसे फर्जी लोगों से सावधान रहने की जरूरत है।"
कांग्रेस, अखिलेश यादव ने राम के अस्तित्व को नहीं माना- गिरिराज सिंह
केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर भी निशाना साधते हुए गिरिराज सिंह ने कहा कि उन्होंने कभी भगवान राम के अस्तित्व को स्वीकार नहीं किया। उन्होंने कहा, "चाहे कांग्रेस हो या अखिलेश यादव, इन्होंने कभी भगवान राम के अस्तित्व को नहीं माना। आज यही लोग राम भक्त बनने की कोशिश कर रहे हैं। सरकार दोषियों को सजा देने के लिए पूरी तरह तैयार है।"
#WATCH | Patna, Bihar | On the Ayodhya Ram Temple donations alleged embezzlement case, Union Minister Giriraj Singh says, "These days, some 'fake' devotees of Lord Ram have started calling themselves 'Sanatanis'... The Hindu society is hurt by the theft incident. The government… pic.twitter.com/5jusTvUXjW
— ANI (@ANI) July 4, 2026
मंदिर से चंदा चोरी मामले पपर 25 जून को हुई थी FIR दर्ज
गौरतलब है कि 25 जून को श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में प्राप्त दान राशि के कथित गबन को लेकर एफआईआर दर्ज होने के बाद यह विवाद शुरू हुआ था। ट्रस्ट का कहना है कि वह निष्पक्ष जांच और श्रद्धालुओं के विश्वास को बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इससे पहले समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने इस मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया था कि पार्टी ने भगवान राम और संविधान दोनों के साथ विश्वासघात किया है। उन्होंने कहा था कि भाजपा को केवल दान की चिंता है।
आवास के बाहर "दान चोरों का प्रवेश वर्जित है" लिखवाकर विरोध जताया
वहीं, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने अपने आवास के बाहर "दान चोरों का प्रवेश वर्जित है" लिखवाकर विरोध जताया। उन्होंने आरोप लगाया कि राम मंदिर के लिए एकत्रित दान का दुरुपयोग हुआ है और कहा कि वह अयोध्या जाकर अदालत में याचिका दायर करेंगे, ताकि उनके द्वारा दिया गया दान वापस किया जा सके।
दिग्विजय सिंह ने दावा किया कि राम मंदिर के लिए पहले भी चंदा जुटाया गया था, लेकिन उसका हिसाब आज तक सार्वजनिक नहीं किया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय के कार्यकाल में दान राशि के प्रबंधन में गंभीर अनियमितताएं हुईं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और मामले की जांच जारी है।
VIDEO | Bhopal, Madhya Pradesh: On Ram temple donation row, Congress leader Digvijaya Singh says, "There were two donation drives for the construction of the Ram Temple. I donated during LK Advani's Rath Yatra because I have faith in Lord Ram and in the temple. No account has… pic.twitter.com/Vk4YacOq4i
— Press Trust of India (@PTI_News) July 3, 2026
आरोपी अविनाश शुक्ला की कार को कौशलपुरी कॉलोनी से जब्त किया
इस बीच, पुलिस ने कथित दान गबन मामले में गिरफ्तार एक अन्य आरोपी अविनाश शुक्ला की कार को कौशलपुरी कॉलोनी से जब्त कर लिया है। वाहन को राम जन्मभूमि थाना में रखा गया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तारी के बाद अविनाश शुक्ला को अयोध्या जिला जेल भेज दिया गया है। उधर, मामले की जांच कर रही विशेष जांच दल (SIT) को जांच पूरी करने के लिए 15 दिनों का अतिरिक्त समय दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, इस दौरान जांच का दायरा बढ़ाकर मामले के सभी पहलुओं की विस्तृत पड़ताल की जाएगी।
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