गढ़वाल की मशहूर चौंसा दाल: स्वाद ऐसा कि उंगलियां चाटते रह जाएंगे, घर पर बनाएं पहाड़ी स्पेशल रेसिपी

अगर रोज-रोज एक जैसी दाल खाकर बोर हो गए हैं, तो उत्तराखंड के गढ़वाल की पारंपरिक चौंसा दाल जरूर ट्राई करें। उड़द दाल, देसी मसालों और धीमी आंच पर पकने वाली यह रेसिपी स्वाद के साथ सेहत का भी बेहतरीन संगम है।

By  Laxman July 24th 2026 01:45 PM

उत्तराखंड का पहाड़ी खानपान अपने सादे लेकिन अनोखे स्वाद के लिए पूरे देश में मशहूर है। यहां के पारंपरिक व्यंजन स्थानीय मसालों, देसी तकनीकों और पौष्टिक सामग्री से तैयार किए जाते हैं, जो स्वाद के साथ-साथ सेहत का भी पूरा ध्यान रखते हैं। इन्हीं खास व्यंजनों में से एक है गढ़वाल की पारंपरिक चौंसा दाल, जिसे अपने अलग स्वाद, गाढ़ी बनावट और देसी फ्लेवर के लिए बेहद पसंद किया जाता है।

अगर आप रोज़ की अरहर, मूंग या मसूर की दाल से कुछ अलग बनाना चाहते हैं, तो यह रेसिपी आपके किचन में नया स्वाद जोड़ सकती है। खास बात यह है कि इसे बनाने के लिए किसी महंगे या मुश्किल से मिलने वाले सामान की जरूरत नहीं पड़ती। घर में मौजूद सामान्य सामग्री से ही इसे आसानी से तैयार किया जा सकता है।

क्या है गढ़वाली चौंसा दाल की खासियत?

गढ़वाल की चौंसा दाल सामान्य दालों से काफी अलग होती है। इसमें उड़द दाल को पहले हल्का भूनकर दरदरा पीसा जाता है और फिर पारंपरिक मसालों के साथ धीमी आंच पर पकाया जाता है। इस प्रक्रिया से दाल में एक अलग ही सुगंध और गाढ़ापन आ जाता है, जो इसे बाकी दालों से अलग पहचान देता है।

सरसों के तेल का तड़का, ओखली में कुटे मसाले और धीमी आंच पर पकाने की पारंपरिक विधि इस रेसिपी का असली स्वाद सामने लाती है।

चौंसा दाल बनाने के लिए जरूरी सामग्री

इस पारंपरिक रेसिपी को बनाने के लिए आपको चाहिए—

  • 1 कप धुली उड़द दाल
  • 2 बड़े चम्मच गेहूं का आटा
  • सरसों का तेल
  • 1 बड़ा चम्मच साबुत धनिया
  • 1 छोटा चम्मच जीरा
  • 1 छोटा चम्मच साबुत काली मिर्च
  • 1 इंच अदरक
  • 10–15 लहसुन की कलियां
  • 3 हरी मिर्च
  • 1 छोटा चम्मच राई
  • एक चुटकी हींग
  • 1 छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर
  • स्वादानुसार नमक
  • आवश्यकता अनुसार पानी
  • बारीक कटा हरा धनिया
ऐसे तैयार करें गढ़वाली चौंसा दाल

सबसे पहले उड़द दाल को अच्छी तरह धो लें। अब एक पैन में थोड़ा सरसों का तेल गर्म करें और उसमें दाल को लगभग पांच मिनट तक हल्का भून लें। भुनने के बाद दाल को ठंडा होने दें और मिक्सर में दरदरा पीस लें। ध्यान रखें कि दाल का महीन पाउडर नहीं बनाना है।

अब साबुत धनिया, जीरा और काली मिर्च को ओखली में कूट लें। इसके बाद इसमें अदरक, लहसुन और हरी मिर्च डालकर मोटा पेस्ट तैयार करें।

एक कड़ाही में फिर से सरसों का तेल गर्म करें। इसमें राई और हींग का तड़का लगाएं। इसके बाद तैयार किया गया मसाला डालकर 2–3 मिनट तक भूनें। अब इसमें दरदरी पिसी हुई उड़द दाल और गेहूं का आटा डालें और लगातार चलाते हुए कुछ मिनट तक भूनें।

धीरे-धीरे पानी मिलाते जाएं ताकि गुठलियां न बनें। स्वादानुसार नमक डालें और दाल को करीब 30 मिनट तक धीमी आंच पर पकने दें। जब दाल गाढ़ी और अच्छी तरह पक जाए, तब ऊपर से ताजा हरा धनिया डालकर गैस बंद कर दें।

किसके साथ खाएं?

गढ़वाली चौंसा दाल का असली स्वाद गर्म-गर्म चावल के साथ आता है। इसे देसी घी की कुछ बूंदों के साथ परोसें तो स्वाद कई गुना बढ़ जाता है। इसके अलावा यह रोटी, मंडुवे की रोटी या बाजरे की रोटी के साथ भी बेहद स्वादिष्ट लगती है।

सेहत के लिए भी है फायदेमंद

उड़द दाल प्रोटीन, आयरन, फाइबर और कैल्शियम का अच्छा स्रोत मानी जाती है। इसमें मौजूद पोषक तत्व मांसपेशियों को मजबूत बनाने, पाचन तंत्र को बेहतर रखने और लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद करते हैं। वहीं देसी मसाले स्वाद बढ़ाने के साथ-साथ पाचन में भी सहायक होते हैं।

इन बातों का रखें ध्यान

  • दाल को हमेशा दरदरा ही पीसें।
  • मसालों को ताजा कूटने से स्वाद बेहतर आता है।
  • धीमी आंच पर पकाने से दाल का असली फ्लेवर निकलकर आता है।
  • सरसों के तेल का इस्तेमाल पारंपरिक स्वाद बनाए रखता है।

अगर आप अपने खाने में कुछ नया और पारंपरिक स्वाद जोड़ना चाहते हैं, तो गढ़वाल की चौंसा दाल एक बेहतरीन विकल्प है। पौष्टिकता, देसी खुशबू और शानदार स्वाद से भरपूर यह रेसिपी हर उम्र के लोगों को पसंद आ सकती है। अगली बार जब घर में कुछ खास बनाने का मन हो, तो इस पहाड़ी स्पेशल दाल को जरूर ट्राई करें।


© Copyright Galactic Television & Communications Pvt. Ltd. 2026. All rights reserved.