चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का जलस्तर बढ़ा, NDRF-SDRF की टीमें तैनात; नदी किनारे बस्तियां खाली कराई गईं...
मध्य प्रदेश के चित्रकूट में लगातार भारी बारिश से मंडाकिनी नदी का जलस्तर बढ़ गया है। प्रशासन ने NDRF, SDRF और पुलिस की टीमें तैनात की हैं। नदी किनारे बसे घर, बस्तियां और आश्रम एहतियातन खाली कराए गए हैं, जबकि निगरानी जारी है।
चित्रकूट, मध्य प्रदेश: मध्य प्रदेश के चित्रकूट में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण मंडाकिनी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। पानी मौकमगढ़ पुल के ऊपरी हिस्से तक पहुंच गया है। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है और NDRF, SDRF तथा सतना पुलिस की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में तैनात की गई हैं।
सतना कलेक्टर सतीश कुमार एस. ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया कि मंडाकिनी और सेमरावल नदियों का जलस्तर भी बढ़ रहा है, हालांकि फिलहाल स्थिति चिंताजनक नहीं है। उन्होंने बताया कि टमस नदी के गेट खुले हुए हैं और सभी SDM को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने लोगों से बाढ़ प्रभावित नदियों और नालों से दूर रहने की अपील की है।
नदी किनारे की बस्तियां और आश्रम खाली कराए गए
जलस्तर बढ़ने के बाद पुलिस और प्रशासन ने नदी किनारे स्थित घरों, बस्तियों और आश्रमों को एहतियातन खाली कराया है। पुलिस टीमें नदी के आसपास के इलाकों पर लगातार नजर रख रही हैं। लोगों को नदी के करीब जाने से रोकने के लिए सार्वजनिक उद्घोषणाएं भी कराई जा रही हैं। प्रशासन का फोकस किसी भी तरह की जनहानि को रोकने पर है।
NDRF और SDRF की टीमें कर रहीं गश्त
चित्रकूट के SDOP राजेश सिंह बंजारे के मुताबिक, पुलिस लगातार स्थिति की निगरानी कर रही है। नदी किनारे रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। उन्होंने बताया कि पुलिस के साथ SDRF और NDRF की टीमें भी प्रभावित क्षेत्रों में गश्त कर रही हैं। प्रशासन की कोशिश है कि बाढ़ की स्थिति के बीच किसी तरह की जनहानि न हो।
दो दशक की सबसे गंभीर बाढ़
लगातार कई दिनों से हो रही भारी बारिश के कारण चित्रकूट में मंडाकिनी नदी उफान पर है। रिपोर्ट के अनुसार, यह पिछले करीब दो दशकों में चित्रकूट में आई सबसे गंभीर बाढ़ है। बाढ़ के पानी ने शहर के कई हिस्सों को प्रभावित किया है और घरों, दुकानों तथा बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है।
29 अगस्त को बह गया था रामघाट-हनुमान धारा पुल
इससे पहले 29 अगस्त को मंडाकिनी नदी पर बना महत्वपूर्ण रामघाट-हनुमान धारा पुल बाढ़ के पानी की चपेट में आकर बह गया था। वर्ष 1985 में बना यह पुल कैंटिलीवर डिजाइन पर आधारित था। बताया गया है कि नदी का जलस्तर ऐतिहासिक हाई फ्लड लेवल (HFL) से करीब सात मीटर ऊपर पहुंच गया था, जिसके बाद पुल को भारी संरचनात्मक नुकसान हुआ। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी, नालों और अन्य जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें और प्रशासन की ओर से जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।