बिना 'मेहरम' के 44 महिलाएं हज के लिए रवाना, कौसर जहां ने दी बधाई, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम...

By  Preeti Kamal April 21st 2026 06:30 PM -- Updated: April 21st 2026 05:57 PM

नई दिल्ली, भारत: दिल्ली हज कमेटी की अध्यक्ष कौसर जहाँ ने मंगलवार को बताया कि राष्ट्रीय राजधानी से 44 महिला हज यात्री बिना मेहरम के हज के लिए रवाना हुई हैं, जो महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और आत्मनिर्भरता का संकेत है। मीडिया से बातचीत में कौसर जहां ने सभी यात्रियों को बधाई दी और उनकी सुरक्षित यात्रा की कामना की।

उन्होंने कहा, "44 हज यात्री बिना अपने मेहरम के यहां से जा रही हैं। मैं उन्हें बधाई देती हूं और दुआ करती हूं कि उनकी यात्रा सुरक्षित और आसान हो।" इसके आगे उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में बिना मेहरम के हज पर जाने वाली महिलाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है, जो महिलाओं के आत्मविश्वास को दर्शाता है। उन्होंने कहा, "पिछले कुछ सालों से हम देख रहे हैं कि बिना मेहरम के हज पर जाने वाली महिलाओं की संख्या बढ़ रही है। इससे पता चलता है कि हमारी बहनें आत्मविश्वासी बन रही हैं।"

 इस्लाम में पांच मूल कर्तव्य (स्तंभ) होते हैं- कौसर जहाँ

कौसर जहाँ ने यह भी बताया कि सरकार उनकी यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए सभी जरूरी इंतजाम करती है। यह बदलाव हाल की नीतियों के अनुरूप है, जिनके तहत मुस्लिम महिलाओं को बिना पुरुष अभिभावक (मेहरम) के हज यात्रा करने की अनुमति दी गई है, जिससे उनकी भागीदारी को बढ़ावा मिला है। इस्लाम में पांच मूल कर्तव्य (स्तंभ) होते हैं, जिनमें हज एक है। अन्य चार स्तंभ हैं— शहादा (आस्था की घोषणा), सलात (नमाज़), जकात (दान) और सऊम (रमजान के रोज़े)। 

18 अप्रैल को रवाना हुआ था पहला जत्था

इससे पहले 18 अप्रैल को हज 2026 का पहला जत्था नई दिल्ली से मक्का के लिए रवाना हुआ था, जिसमें 371 यात्री शामिल थे। इस जत्थे के साथ ही साल की हज यात्रा का औपचारिक आगाज़ हुआ। यात्री इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा से सऊदी अरब के लिए रवाना हुए, जहां कौसर जहां भी मौजूद रहीं। उन्होंने कहा, “आज हज 2026 की पहली उड़ान है, जिसमें 371 यात्री अपनी यात्रा शुरू कर रहे हैं। मैं सभी को दिल से बधाई देती हूं।”

© Copyright Galactic Television & Communications Pvt. Ltd. 2026. All rights reserved.