बेंगलुरु, कर्नाटक: कर्नाटक के गृह मंत्री जी परमेश्वर (G Parameshwara) ने विधायक एन.ए. हारिस के बेटों मोहम्मद हारिस नलापड और उमर फारूक नलापड के घर पर Enforcement Directorate (ED) की छापेमारी को लेकर कारण जानने की मांग की है। यह कार्रवाई कथित साइबर अपराध और मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क मामले से जुड़ी बताई जा रही है।
परमेश्वर ने कहा, “ED ने विधायक एनए हैरिस के बेटे के घर पर छापा मारा है। हमें इसका कारण जानना चाहिए। बिटकॉइन मामले के लिए एक एसआईटी बनाई गई है, लेकिन उसकी रिपोर्ट अभी तक नहीं आई है। मुझे लगता है कि रिपोर्ट में देरी हो रही है।”
ईडी की छापेमारी की निंदा
इससे पहले कर्नाटक के मंत्री प्रियंक खड़गे ने आयकर विभाग, ईडी और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) पर भाजपा के “राजनीतिक औजार” के रूप में काम करने का आरोप लगाया। मीडिया से बात करते हुए खड़गे ने कुख्यात साइबर हैकर श्रीकृष्ण रमेश उर्फ श्रीकी के खिलाफ चल रही जांच के तहत कर्नाटक में हो रही ईडी की छापेमारी की निंदा की और कहा कि छापों का कारण स्पष्ट नहीं है।
उन्होंने कहा, “आई-टी, ईडी और सीबीआई भाजपा के लिए सिर्फ राजनीतिक उपकरण हैं। इतने समय तक ये क्या कर रहे थे? हमें यह भी नहीं पता कि छापे क्यों डाले जा रहे हैं। ईडी को चार्जशीट दाखिल करने दीजिए, तब पता चलेगा। ईडी की सजा दर सिर्फ 2% है। ये भाजपा सरकार की कठपुतली हैं।”
Bangaluru | On the ED raid on Congress MLA NA Haris, Karnataka Home Minister G Parameshwara says, "The ED raided the house of MLA NA Haris's son. We need to know the reason for the raid. An SIT has been formed for the Bitcoin case; its report is yet to come. I also feel that the… pic.twitter.com/POmaYooofv
— ANI (@ANI) April 21, 2026
12 ठिकानों पर PMLA के तहत छापेमारी
ईडी की यह कार्रवाई मंगलवार सुबह शुरू हुई, जिसमें कर्नाटक के 12 ठिकानों पर धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत छापे मारे गए। अधिकारियों के अनुसार, यह जांच कई एफआईआर और चार्जशीट के आधार पर शुरू की गई है, जिनमें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय वेबसाइटों की हैकिंग, बिटकॉइन की चोरी, जबरन वसूली और मादक पदार्थ कानूनों के उल्लंघन जैसे आरोप शामिल हैं।
यह तलाशी बेंगलुरु के शांतिनगर से विधायक एनए हैरिस के बेटों के घरों पर भी की गई। यह कार्रवाई ईडी की बेंगलुरु इकाई द्वारा की जा रही है, जो कथित तौर पर साइबर घुसपैठ और अवैध धन को छिपाने के लिए किए गए जटिल वित्तीय लेन-देन के नेटवर्क की जांच कर रही है।