मुंबई, महाराष्ट्र: महाराष्ट्र में कथित 'ऑपरेशन टाइगर' को लेकर राजनीतिक अटकलों के बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है कि विपक्ष के कौन से विधायक या सांसद महायुति गठबंधन में शामिल हो सकते हैं। यह बयान उस समय आया जब उद्धव ठाकरे ने मुंबई स्थित मातोश्री में अपनी पार्टी के सांसदों की बैठक बुलाई।
बैठक में सांसदों की उपस्थिति को लेकर पूछे गए सवाल पर फडणवीस ने कहा, "मुझे नहीं पता कि कौन आएगा और कौन नहीं आएगा। बैठक खत्म होने के बाद मुझे बताइए कि कौन मौजूद था और कौन नहीं।"
Mumbai, Maharashtra: On 'Operation Tiger,' and a meeting of Shiv Sena UBT MPs meeting at Matoshree, Maharashtra CM Devendra Fadnavis says, "I have no idea who will attend or who won't; let me know after the meeting who was there and who wasn't..." pic.twitter.com/T7al25xsBY
— ANI (@ANI) June 14, 2026
मातोश्री में हुई अहम बैठक
रविवार को उद्धव ठाकरे ने पार्टी सांसदों के साथ बैठक की। बैठक में कुछ सांसद व्यक्तिगत रूप से मौजूद रहे, जबकि कुछ ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हिस्सा लिया। बैठक में अनिल देसाई, संजय राउत और राजाभाऊ वाजे उपस्थित रहे। वहीं संजय देशमुख और नागेश पाटिल आश्तेकर ऑनलाइन जुड़े।
संजय राउत ने किया खंडन
बैठक के बाद संजय राउत ने पार्टी में टूट की अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि यह एक नियमित बैठक थी और पार्टी के सभी नौ सांसद इसमें शामिल हुए। उन्होंने कहा, "चार सांसद बैठक में व्यक्तिगत रूप से मौजूद थे, जबकि पांच सांसद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े। इस तरह सभी नौ सांसदों ने उद्धव जी के साथ बैठक में हिस्सा लिया।" राउत ने बताया कि आदित्य ठाकरे और विनायक राउत भी बैठक में शामिल हुए थे।
#WATCH | Mumbai: After the meeting of Shiv Sena (UBT) MPs called by party chief Uddhav Thackeray, party MP Sanjay Raut says, "What Operation Tiger are you asking about? We are all tigers. We are going to launch Operation Wolf...We are not going to be scared. All our MPs and… pic.twitter.com/6bHLc9njJR
— ANI (@ANI) June 14, 2026
क्यों चर्चा में है 'ऑपरेशन टाइगर'?
महाराष्ट्र की राजनीति में इन दिनों ऐसी चर्चाएं हैं कि विपक्ष के कुछ नेता सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन का रुख कर सकते हैं। इसी वजह से 'ऑपरेशन टाइगर' को लेकर राजनीतिक गलियारों में अटकलें तेज हैं। गौरतलब है कि वर्ष 2022 में शिवसेना में बड़ी टूट हुई थी, जब पार्टी के कई विधायक एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में अलग हो गए थे और बाद में भाजपा के साथ मिलकर सरकार बनाई थी। इसके बाद से समय-समय पर शिवसेना (यूबीटी) के कुछ सांसदों के भी शिंदे गुट में जाने की अटकलें लगती रही हैं।
महाराष्ट्र में महायुति की सरकार
वर्ष 2024 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में भाजपा-शिवसेना (शिंदे) और एनसीपी (अजित पवार) के महायुति गठबंधन ने सत्ता में वापसी की थी। ऐसे में विपक्षी दलों में संभावित टूट की खबरों ने राज्य की राजनीति को एक बार फिर गरमा दिया है।
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