लखनऊ: समाजवादी पार्टी (SP) प्रमुख अखिलेश यादव ने गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी (BJP) और उसके सहयोगी दलों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि BJP और उसके सहयोगियों ने जनता की आस्था और धार्मिक भावनाओं के साथ कथित तौर पर विश्वासघात किया है। अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा बयान में धार्मिक संस्थानों से जुड़े चंदे, गुप्त दान और जमीन के लेन-देन में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आस्था के नाम पर कथित वित्तीय गड़बड़ियों और पारदर्शिता की कमी गंभीर सवाल खड़े करती है।

अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि चंदे की रकम के कथित दुरुपयोग, रसीद जारी करने में अनियमितताओं और अयोध्या में जमीन के सौदों को लेकर सवाल उठे हैं। उन्होंने सत्ता में बैठे लोगों पर जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित नहीं करने का भी आरोप लगाया। SP प्रमुख ने आगे दावा किया कि कथित अनियमितताओं पर सवाल उठाने वाले लोगों को हटा दिया गया और आरोपों से जुड़े सबूतों को उचित तरीके से सुरक्षित या जांच नहीं किया गया।

राज्यसभा में भी उठा राम मंदिर ट्रस्ट का मुद्दा

अखिलेश यादव ने इसे जनता के भरोसे से जुड़ा मामला बताते हुए कहा कि कथित तौर पर सार्वजनिक धन के दुरुपयोग का मुद्दा संसद में उठाना एक ‘धार्मिक और नैतिक जिम्मेदारी’ है। उन्होंने अपने बयान में BJP और उसके सहयोगियों पर भगवान राम की आस्था के साथ विश्वासघात करने का आरोप भी लगाया।

इससे पहले कांग्रेस के राज्यसभा सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने गुरुवार को नियम 267 के तहत नोटिस देकर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं, धन के गबन और चंदे के कथित दुरुपयोग पर चर्चा की मांग की।

राज्यसभा के महासचिव को दिए नोटिस में सुरजेवाला ने सभी निर्धारित विधायी कार्यों को स्थगित कर इस मामले पर तत्काल और प्राथमिकता के आधार पर चर्चा कराने की मांग की। नोटिस में कहा गया कि दुनियाभर के लाखों श्रद्धालुओं ने धार्मिक आस्था के चलते सामूहिक, व्यक्तिगत और गुप्त दान के माध्यम से बड़ी रकम योगदान की है।

सुरजेवाला ने राम मंदिर निर्माण और चंदे से जुड़े सवाल उठाए

सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि राम मंदिर निर्माण और चंदे से जुड़े कथित भ्रष्टाचार तथा वित्तीय कुप्रबंधन ने करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राम मंदिर ट्रस्ट की ओर से खरीदी गई जमीन से जुड़े करोड़ों रुपये के लेन-देन के पहलुओं पर संसद में प्राथमिकता के साथ चर्चा होनी चाहिए।

ध्यान दें: अखिलेश यादव और रणदीप सिंह सुरजेवाला द्वारा लगाए गए ये आरोप राजनीतिक दावे हैं। उपलब्ध कॉपी में इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि का उल्लेख नहीं है।