कुमामोटो, जापान: जापान के कुमामोटो क्षेत्र में मंगलवार को तेज भूकंप के झटके महसूस किए गए। भारत के राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के अनुसार भूकंप की तीव्रता 6.5 थी। इसके बाद कुमामोटो प्रीफेक्चर के कुछ हिस्सों में सुनामी एडवाइजरी जारी की गई और तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई।

जापान के कैबिनेट ऑफिस डिजास्टर मैनेजमेंट डिवीजन के मुताबिक, कुमामोटो क्षेत्र में भूकंप की अधिकतम तीव्रता जापान के शिंदो पैमाने पर 7 दर्ज की गई। अधिकारियों ने लोगों से शांत रहने और राष्ट्रीय व स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी आधिकारिक सूचनाओं का पालन करने की अपील की है। जापान के कैबिनेट ऑफिस ने बताया कि 28 जुलाई 2026 को शाम 4:29 बजे JST अरियाके सागर (Ariake Sea) और यत्सुशिरो सागर (Yatsushiro Sea) के लिए सुनामी एडवाइजरी जारी की गई। लोगों से तटीय इलाकों को तुरंत खाली करने और एडवाइजरी हटाए जाने तक समुद्र से दूर रहने को कहा गया।

NCS के मुताबिक 70 किलोमीटर गहराई में था केंद्र

भारत के National Center for Seismology के अनुसार भूकंप 28 जुलाई 2026 को दोपहर 12:57:22 बजे IST आया। इसका केंद्र 32.643°N अक्षांश और 130.985°E देशांतर पर था और भूकंप का केंद्र जमीन से करीब 70 किलोमीटर की गहराई में था। NCS ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी देते हुए भूकंप की तीव्रता 6.5 बताई।

कई इलाकों में तेज झटके

The Japan Times के मुताबिक यत्सुशिरो, उटो, मशिकी और मिसातो समेत कई इलाकों में शिंदो पैमाने पर 6 की तीव्रता दर्ज की गई। कुमामोटो शहर के मिनामी वार्ड में भी तेज झटके महसूस किए गए।

45,600 घरों की बिजली आपूर्ति प्रभावित

भूकंप के बाद कुमामोटो प्रीफेक्चर में करीब 45,600 घरों की बिजली आपूर्ति बाधित होने की जानकारी सामने आई है। क्यूशू इलेक्ट्रिक के मुताबिक भूकंप के बाद बिजली व्यवस्था प्रभावित हुई।

2016 के विनाशकारी भूकंप की यादें ताजा

कुमामोटो में आया यह भूकंप अप्रैल 2016 में आए विनाशकारी भूकंपों के एक दशक से अधिक समय बाद आया है। 2016 की आपदा में 278 लोगों की मौत हुई थी और करीब 2,800 लोग घायल हुए थे। उस दौरान पूरे प्रीफेक्चर में भारी तबाही हुई थी। ऐतिहासिक कुमामोटो कैसल को भी गंभीर नुकसान पहुंचा था। इसके पुनर्निर्माण और बहाली का काम अभी जारी है और इसके 2052 तक पूरा होने की उम्मीद है। फिलहाल जापानी प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और लोगों से आधिकारिक एडवाइजरी का पालन करने की अपील की गई है।