इटावा, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को कहा कि इटावा अब डर और आतंक का पर्याय नहीं रहा है और यहां के युवाओं को अब पहचान के संकट का सामना नहीं करना पड़ता। उन्होंने इस बदलाव का श्रेय अपराध और अपराधियों के खिलाफ बीजेपी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति को दिया।

इटावा में एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि 2017 से पहले जिले को पहचान के संकट का सामना करना पड़ता था। उनके मुताबिक, डर और असुरक्षा के माहौल के कारण लोग इस क्षेत्र से होकर गुजरने से भी डरते थे और निवेश के लिए भी लोग यहां आने से बचते थे।

 अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति का संकल्प

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2017 में प्रधानमंत्री के आह्वान पर लोगों ने बीजेपी को समर्थन दिया, जिसके बाद सरकार ने अपराध और अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार ने जो कहा, उसे करके दिखाया है।

604 करोड़ रुपये की लागत वाली 128 विकास परियोजनाओं का ऐलान

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब इटावा की छवि बदल गई है और यहां के युवाओं को राज्य या देश के दूसरे हिस्सों में जाने पर पहचान के संकट का सामना नहीं करना पड़ता। उन्होंने इटावा के लिए 604 करोड़ रुपये की लागत वाली 128 विकास परियोजनाओं का भी ऐलान किया।

इसके बाद मैनपुरी में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज मैनपुरी अपनी पारंपरिक और ऐतिहासिक पहचान के लिए जाना जाता है। हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि पहले यह क्षेत्र डर और असुरक्षा से जोड़ा जाता था।

पिछली सरकारों ने यूपी को पीछे धकेला- सीएम योगी

मुख्यमंत्री योगी ने आरोप लगाया कि पहले युवाओं के रोजगार, किसानों की समृद्धि, व्यापारियों की सुरक्षा और महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े सवाल खड़े हुए। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने न सिर्फ मैनपुरी और इटावा की पहचान का संकट पैदा किया, बल्कि उत्तर प्रदेश को भी पिछड़ेपन की ओर धकेला।