नई दिल्ली: दिल्ली दंगा मामले से जुड़े बड़े षड्यंत्र के केस में जेल में बंद शरजील इमाम को दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने 7 दिन की अंतरिम जमानत दी है। अदालत ने यह राहत उन्हें अपने दो चचेरे भाइयों की शादी में शामिल होने के लिए दी है। शरजील इमाम को 4 अक्टूबर से 10 अक्टूबर 2026 तक अंतरिम जमानत पर जेल से बाहर रहने की अनुमति मिली है।

अदालत के आदेश के मुताबिक, शरजील के चचेरे भाई दानिश इमाम और फहाद इमाम की शादियों की जानकारी जांच अधिकारी की रिपोर्ट में सत्यापित की गई थी। कोर्ट ने इसी आधार पर उनकी दूसरी अंतरिम जमानत अर्जी को मंजूरी दी।

4 से 10 अक्टूबर तक रहेगी अंतरिम जमानत

कड़कड़डूमा कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश समीर बाजपेयी ने शरजील इमाम को ₹50,000 के निजी मुचलके और इतनी ही राशि की एक जमानत पर सात दिन की अंतरिम राहत दी है।

अदालत के आदेश के अनुसार, जमानत की अवधि 4 अक्टूबर से शुरू होकर 10 अक्टूबर 2026 तक रहेगी। इस दौरान शरजील अपने परिवार में होने वाले शादी समारोहों में शामिल हो सकेंगे।

शरजील के वकील अहमद इब्राहिम के अनुसार, उनके दो चचेरे भाइयों की शादी अलग-अलग तारीखों पर होनी है। इनमें एक समारोह दिल्ली में और दूसरा बिहार में आयोजित होगा। 9 अक्टूबर को उनके गृह नगर जहानाबाद में रिसेप्शन भी प्रस्तावित है।

कोर्ट ने क्यों दी राहत?

अदालत ने अपने आदेश में कहा कि जांच अधिकारी की रिपोर्ट से दोनों शादियों की पुष्टि हुई है। साथ ही कोर्ट ने यह भी ध्यान में रखा कि यह शरजील की दूसरी अंतरिम जमानत अर्जी है और पिछली बार भी उन्हें पारिवारिक शादी में शामिल होने के लिए अस्थायी राहत मिली थी।

यह राहत केवल पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने के उद्देश्य से दी गई है। इससे शरजील के खिलाफ चल रहे मूल आपराधिक मामले में कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है।

2020 से जेल में हैं शरजील इमाम

शरजील इमाम को जनवरी 2020 में बिहार के जहानाबाद से गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद उन्हें दिल्ली लाया गया। वह 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों से जुड़े मामलों में आरोपी हैं और उनके खिलाफ UAPA समेत कई गंभीर धाराओं में मामला चल रहा है।

दिल्ली पुलिस की जांच के अनुसार, उन पर दंगों के पीछे कथित बड़ी साजिश में भूमिका और लोगों को भड़काने से जुड़े आरोप हैं। हालांकि, ये आरोप अभी अदालत में विचाराधीन हैं और शरजील को इन मामलों में दोषी नहीं ठहराया गया है।

जनवरी 2026 में सुप्रीम कोर्ट ने बड़े षड्यंत्र वाले मामले में शरजील इमाम और उमर खालिद को नियमित जमानत देने से इनकार किया था। बाद में उनकी जमानत याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट में कार्यवाही जारी रही। हाईकोर्ट ने सितंबर 2026 में दोनों की नियमित जमानत याचिकाओं पर सुनवाई 30 सितंबर के लिए सूचीबद्ध की है।

करीब छह साल से न्यायिक हिरासत में

शरजील इमाम की हिरासत की अवधि अब करीब छह साल हो चुकी है। जून 2026 में उनके वकीलों ने दिल्ली की अदालत में जमानत की मांग करते हुए लंबे समय से चल रही हिरासत और मुकदमे की प्रगति से जुड़े मुद्दे भी उठाए थे। हालांकि जुलाई में कड़कड़डूमा कोर्ट ने उनकी नियमित जमानत याचिका स्वीकार नहीं की थी।

इस बीच, सितंबर में दिल्ली हाईकोर्ट ने शरजील इमाम और उमर खालिद की नियमित जमानत याचिकाओं पर सुनवाई के लिए 30 सितंबर की तारीख तय की है। इसलिए अक्टूबर की यह अंतरिम राहत उनके नियमित जमानत मामले से अलग है।