लखनऊ, उत्तर प्रदेश: असदुद्दीन ओवैसी ने सोमवार को कहा कि उनकी पार्टी AIMIM उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 में भारतीय जनता पार्टी (BJP) को सत्ता में लौटने से रोकने के लिए राजनीतिक गठबंधन करने को तैयार है। मीडिया से बातचीत में ओवैसी ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी किसी भी संभावित गठबंधन के लिए तैयार है, लेकिन इसके लिए सम्मानजनक व्यवहार और बराबरी का दर्जा मिलना जरूरी होगा।
उन्होंने कहा, "हम उत्तर प्रदेश में BJP की वापसी रोकने के लिए गठबंधन करने को तैयार हैं, बशर्ते हमें सम्मान और बराबरी का दर्जा दिया जाए।" लोकसभा चुनाव 2024 में AIMIM ने अपना दल (कमेरावादी) के साथ मिलकर उत्तर प्रदेश में चुनाव लड़ा था। हालांकि, हालिया बयान में ओवैसी ने किसी विशेष दल या गठबंधन का नाम नहीं लिया है। इसके बाद राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई है कि AIMIM भविष्य में INDI गठबंधन के साथ भी हाथ मिला सकती है।
#WATCH | Lucknow, UP | On contesting UP Assembly elections, AIMIM President Asaduddin Owaisi says, "We are prepared to form an alliance to prevent the BJP from returning to power in Uttar Pradesh, provided we are treated with respect and accorded equal status within that… pic.twitter.com/drXhS6P4SM
— ANI (@ANI) June 15, 2026
BSP की रणनीति पर भी नजर
2027 के विधानसभा चुनाव से पहले एक और महत्वपूर्ण सवाल बहुजन समाज पार्टी (BSP) प्रमुख मायावती की रणनीति को लेकर है। यदि BSP अकेले चुनाव लड़ने का फैसला करती है, तो AIMIM उसके साथ गठबंधन की संभावनाएं भी तलाश सकती है।
मतेरा सीट से उम्मीदवार का ऐलान
इस बीच ओवैसी ने रविवार को AIMIM के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली को मतेरा विधानसभा सीट से पार्टी का उम्मीदवार घोषित किया। वर्तमान में यह सीट समाजवादी पार्टी के विधायक के पास है। मतेरा में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए ओवैसी ने कहा कि AIMIM किसी भी विपक्षी गठबंधन में जूनियर पार्टनर या केवल समर्थन जुटाने वाली भूमिका स्वीकार नहीं करेगी।
उन्होंने कहा, "अगर कोई BJP को रोकने के लिए साथ आना चाहता है तो हम तैयार हैं। लेकिन यह गठबंधन सम्मान और बराबरी पर आधारित होना चाहिए। हम किसी और के लिए सिर्फ दरी बिछाने वाली पार्टी नहीं बनेंगे। अब चर्चा राजनीतिक भागीदारी और सत्ता में उचित हिस्सेदारी की होनी चाहिए।"
क्या हैं राजनीतिक मायने?
ओवैसी का यह बयान उत्तर प्रदेश की विपक्षी राजनीति में नए समीकरणों की संभावना पैदा कर रहा है। हालांकि उन्होंने किसी पार्टी का नाम नहीं लिया, लेकिन उनका संदेश साफ है कि AIMIM-2027 के चुनाव में अपनी राजनीतिक ताकत के अनुरूप भूमिका चाहती है और बिना सम्मानजनक साझेदारी के किसी गठबंधन का हिस्सा नहीं बनेगी।
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