पोखरा, नेपाल: 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रविवार को नेपाल के पोखरा स्टेडियम में हजारों योग प्रेमी एकत्र हुए और "स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग" थीम के तहत विभिन्न योगासन किए। हर वर्ष 21 जून को मनाया जाने वाला अंतरराष्ट्रीय योग दिवस योग के शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक लाभों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित किया जाता है।

गंडकी प्रांत के मुख्यमंत्री सुरेन्द्र राज पांडे ने मीडिया से बातचीत में कहा, "संयुक्त राष्ट्र ने भी 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मान्यता दी है। नेपाल में भारतीय दूतावास हर वर्ष पोखरा में इस कार्यक्रम का आयोजन करता है। मैं लगातार चौथी बार इसमें भाग ले रहा हूं।"

21 जून अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित

संयुक्त राष्ट्र महासभा ने वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्ताव के बाद 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया था। पहला अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 21 जून 2015 को मनाया गया था।

नेपाल उन देशों में शामिल था जिसने शुरुआत से ही इस प्रस्ताव का समर्थन किया। तत्कालीन प्रधानमंत्री सुशील कोइराला ने इस पहल का समर्थन किया था। बाद में यूरोपीय संघ और अन्य सदस्य देशों ने भी इसका समर्थन किया। यह प्रस्ताव महज 90 दिनों में 177 देशों के समर्थन के साथ संयुक्त राष्ट्र का रिकॉर्ड बना।

नेपाल में योग की परंपरा पीढ़ियों से है

नेपाल में योग की परंपरा काफी पुरानी रही है। विक्रम संवत 2036 से माघ 1 को विश्व योग दिवस के रूप में मनाया जाता रहा है। योग प्रचारक हरि प्रसाद पोखरेल और योग से जुड़ी विभिन्न संस्थाओं की पहल पर इसकी शुरुआत हुई थी। योग और प्राकृतिक चिकित्सा की शिक्षा वर्तमान में नेपाल संस्कृत विश्वविद्यालय में दी जाती है, जबकि त्रिभुवन विश्वविद्यालय ने भी संस्कृत विभाग के अंतर्गत योग अध्ययन शुरू किया है।

'हिमालय, पहाड़ी क्षेत्र योग साधना के लिए बेहद उपयुक्त'

मुख्यमंत्री सुरेन्द्र राज पांडे ने कहा कि हिमालय और पहाड़ी क्षेत्र योग साधना के लिए बेहद उपयुक्त हैं। ऋषि-मुनि भी हिमालय की तलहटी में ध्यान करते थे और यह परंपरा पीढ़ियों से चली आ रही है। उन्होंने कहा कि भारतीय दूतावास द्वारा आयोजित ऐसे कार्यक्रम भारत और नेपाल के बीच जन-जन के संबंधों को और मजबूत करते हैं।

उन्होंने कहा, "आज की भागदौड़ और तनावपूर्ण जीवनशैली में यदि हम थोड़ा समय योग के लिए निकालें तो जीवन तनावमुक्त बन सकता है। पोखरा में ऐसे कार्यक्रम आगे भी जारी रहने चाहिए।"

नेपाल के राष्ट्रपति ने दी लोगों को योग दिवस की शुभकामनाएँ

नेपाल के राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने भी लोगों से योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि योग शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर अपने संदेश में राष्ट्रपति ने देश और विदेश में रह रहे सभी नेपाली नागरिकों को सुख, शांति, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि विभिन्न शोध और ऐतिहासिक प्रमाण नेपाल की समृद्ध योग परंपरा को दर्शाते हैं और इसे राष्ट्रीय नीतियों, शिक्षा व्यवस्था तथा सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों में और अधिक शामिल किया जाना चाहिए।

'नियमित योगाभ्यास से कार्यक्षमता बढ़ती है'

राष्ट्रपति ने विश्वास जताया कि नियमित योगाभ्यास से कार्यक्षमता बढ़ती है, रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है, पाचन तंत्र बेहतर होता है और सकारात्मक सोच विकसित होती है। वहीं, उपराष्ट्रपति राम सहाय प्रसाद यादव ने कहा कि नियमित योगाभ्यास न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है, बल्कि मानसिक शांति, सकारात्मक सोच और आध्यात्मिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।