नई दिल्ली: अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 से पहले आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु जग्गी वासुदेव ने योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि योग किसी धर्म, विचारधारा या आस्था का विषय नहीं, बल्कि मानव जीवन को बेहतर बनाने वाली एक वैज्ञानिक प्रक्रिया है। उन्होंने कहा कि योग मनुष्य के भीतर मौजूद असीम संभावनाओं और प्रतिभा को उजागर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
एक वीडियो संदेश में सद्गुरु ने कहा कि लोगों को योग को केवल शारीरिक व्यायाम या शरीर को मोड़ने-तोड़ने की क्रिया के रूप में नहीं देखना चाहिए।
'योग आंतरिक कल्याण का विज्ञान है'
सद्गुरु ने कहा, "जैसे बाहरी जीवन को बेहतर बनाने के लिए विज्ञान और तकनीक है, उसी तरह आंतरिक सुख-शांति और संतुलन के लिए भी एक संपूर्ण विज्ञान और तकनीक मौजूद है, जिसे योग कहा जाता है।" उन्होंने जोर देकर कहा कि योग किसी विशेष समुदाय, धर्म, जाति, नस्ल या लिंग के लिए नहीं है, बल्कि हर इंसान के लिए समान रूप से उपयोगी है।
#WATCH | Sadhguru Jaggi Vasudev's message on 12 years of International Day of Yoga.Sadhguru Jaggi Vasudev says, "21st of June, the summer solstice, the longest day in the year. Fortunately, the world has recognized this day as the International Day of Yoga. Thanks to everyone… pic.twitter.com/oyR2PO3BJE
— ANI (@ANI) June 20, 2026
'हर व्यक्ति के भीतर छिपे जीनियस को जगाता है योग'
सद्गुरु के अनुसार, योग शरीर, मन, भावनाओं, बुद्धि और ऊर्जा के स्तर पर व्यक्ति को विकसित करने का माध्यम है। उन्होंने कहा, "योग हर इंसान के भीतर मौजूद जीनियस यानी असाधारण क्षमता को जागृत करने की ताकत रखता है। इस क्षमता को पहचानना और विकसित करना बेहद जरूरी है।"
तनाव और मानसिक समस्याओं का समाधान
सद्गुरु ने कहा कि यदि मानव अनुभव को उसकी सर्वोच्च क्षमता तक पहुंचाना है तो योग सबसे प्रभावी मार्ग है। उन्होंने बताया कि तनाव, चिंता, मानसिक दबाव और अन्य आंतरिक समस्याओं के समाधान योग के माध्यम से संभव हैं। उन्होंने कहा, "दुनिया का कोई भी व्यक्ति ऐसा न रहे जिसे यह न पता हो कि अपने भीतर की समस्याओं को दूर करने के उपाय मौजूद हैं। योग इन समस्याओं का समाधान प्रदान करता है।"
सिर्फ 7 मिनट का अभ्यास भी लाभकारी
सद्गुरु ने लोगों से नियमित योग अपनाने की अपील करते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति लंबे समय तक योग साधना नहीं कर सकता, तो भी प्रतिदिन केवल सात मिनट का अभ्यास उसके जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है। उन्होंने कहा, "योग बाहर नहीं, हमारे भीतर होना चाहिए। यदि आप रोजाना सिर्फ सात मिनट भी योग के लिए निकालते हैं तो यह आपके जीवन को कई तरीकों से बदल सकता है।"
'योग फॉर हेल्दी एजिंग' है इस वर्ष की थीम
गौरतलब है कि वर्ष 2026 में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का 12वां संस्करण मनाया जा रहा है। इस वर्ष की थीम 'योग फॉर हेल्दी एजिंग' (स्वस्थ उम्र बढ़ने के लिए योग) रखी गई है। इसका उद्देश्य लोगों को हर उम्र में सक्रिय, स्वस्थ और आत्मनिर्भर बनाए रखने में योग की भूमिका को रेखांकित करना है।
Add GTC Bharat on Google