नई दिल्ली: विश्व हिंदू परिषद (VHP) के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने राम मंदिर दान अनियमितता विवाद को लेकर भाजपा पर निशाना साधने के लिए समाजवादी पार्टी और कांग्रेस की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों विपक्षी दल 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारी के तहत इस मुद्दे का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रहे हैं।
भाजपा से दिल्ली विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष रह चुके आलोक कुमार ने कहा कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस को भगवान राम से कोई प्रेम नहीं है। उन्होंने 1990 में अयोध्या में कारसेवकों पर हुई गोलीबारी की घटना का उल्लेख करते हुए समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा और प्राण प्रतिष्ठा समारोह के निमंत्रण को ठुकराने के लिए कांग्रेस की भी आलोचना की।
सर्वदलीय समिति द्वारा जांच कराने पर विचार
आलोक कुमार ने मीडिया से बातचीत में कहा, "यह सुझाव दिया गया कि राजनीतिक दलों की सर्वदलीय समिति इस मामले की जांच करे। इसका मतलब यह होगा कि जांच समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष या उनके प्रतिनिधि, राहुल गांधी या उनके किसी प्रतिनिधि को सौंप दी जाए। क्या राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि आपराधिक मामलों की जांच कर सकते हैं? कानून उन्हें यह अधिकार नहीं देता। निष्पक्ष और वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा स्थापित जांच प्रक्रिया के तहत ही सच्चाई सामने आ सकती है और जनता को उस पर भरोसा होगा।"
"Want thorough probe, whoever has committed any crime should receive harshest punishment": VHP chief on Ram Mandir donation rowRead @ANI Story Ihttps://t.co/RX5eM72lKW#RamMandirdonation #VHP #sitebanter pic.twitter.com/RRH42RVhqj
— ANI Digital (@ani_digital) June 21, 2026
'समाजवादी पार्टी, कांग्रेस को भगवान राम से प्रेम नहीं'
आलोक कुमार ने आगे कहा, "समाजवादी पार्टी को भगवान राम से प्रेम नहीं है। कांग्रेस को भी भगवान राम से प्रेम नहीं है। हमने उन्हें प्राण प्रतिष्ठा समारोह में आमंत्रित किया था, लेकिन कांग्रेस ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर निमंत्रण अस्वीकार कर दिया। 2027 के चुनाव की तैयारियां चल रही हैं और इसी कारण वे इस मुद्दे को लेकर आक्रामक रुख अपना रहे हैं। जिस तरह जनता धन के गबन करने वालों को माफ नहीं करेगी, उसी तरह भगवान राम के नाम पर राजनीति करने वालों को भी माफ नहीं करेगी।"
उन्होंने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर भी हमला बोलते हुए कहा कि वे राम मंदिर दान विवाद को राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं।
भगवान राम से सहानुभूति नहीं, राजनीति मकसद
आलोक कुमार ने कहा, "अखिलेश यादव को भगवान राम से सहानुभूति नहीं है, वे चुनाव जीतना चाहते हैं। वे राम मंदिर दान के मुद्दे का राजनीतिक उपयोग कर रहे हैं। हम जांच से पीछे नहीं हटेंगे। उन्हें विशेष जांच दल (एसआईटी) के सामने उपस्थित होकर सबूत देने चाहिए। यदि वे ऐसा नहीं करते हैं तो माना जाएगा कि उनके आरोपों में ईमानदारी नहीं थी।"
दरअसल, यह विवाद अयोध्या स्थित राम मंदिर में प्राप्त दान और चढ़ावे में कथित अनियमितताओं के आरोपों के बाद शुरू हुआ। 14 जून को उत्तर प्रदेश सरकार ने श्री राम जन्मभूमि मंदिर ट्रस्ट के अनुरोध पर मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया था।
विपक्ष लगातार इस मुद्दे पर लगातार हमलावर रहा
इस SIT में विजय विश्वास पंत (मंडलायुक्त, लखनऊ), किरण एस (आईजी रेंज) और नील रतन (विशेष सचिव, वित्त) को शामिल किया गया है। समिति को जल्द से जल्द प्रारंभिक और अंतिम रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। विपक्ष लगातार इस मुद्दे को लेकर भाजपा सरकार पर हमला बोल रहा है। इससे पहले समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने एसआईटी गठन पर सवाल उठाते हुए राज्य में व्यापक भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था।
प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा था, "जिस राज्य में रोजगार और अवसर पैदा करने के लिए आईआईटी बनने चाहिए थे, वहां एसआईटी बनाई जा रही हैं। इतना भ्रष्टाचार हो रहा है। डबल इंजन सरकार भ्रष्टाचार के डबल टैंक की तरह काम कर रही है।"
Add GTC Bharat on Google