CJP कार्यकर्ता सौरभ दास और आशुतोष रांका क्राइम ब्रांच के सामने नहीं हुए पेश, मांगा अतिरिक्त समय

कॉकरोच जनता पार्टी के कार्यकर्ता सौरभ दास, आशुतोष रांका और अजिंक्य शिंदे दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच के सामने पेश नहीं हुए। तीनों ने अतिरिक्त समय मांगा है। जंतर-मंतर प्रदर्शन मामले में जांच जारी है और नए नोटिस जारी होंगे।

By  Preeti Kamal October 22nd 2026 04:20 PM -- Updated: October 22nd 2026 04:03 PM

नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कार्यकर्ता सौरभ दास, आशुतोष रांका और अजिंक्य शिंदे गुरुवार को दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच के सामने पूछताछ के लिए पेश नहीं हुए। पुलिस ने तीनों को दोपहर 12 बजे जांच में शामिल होने के लिए समन जारी किया था। हालांकि, तीनों ने पुलिस से पेश होने के लिए अतिरिक्त समय मांगा है। इसके बाद दिल्ली पुलिस उन्हें नए नोटिस जारी करेगी।

क्राइम ब्रांच ने तीनों कार्यकर्ताओं को पूछताछ के लिए राजौरी गार्डन स्थित अपने कार्यालय में बुलाया था। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब इसी मामले में सौरभ दास और आशुतोष रांका को विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट (SEM) की अदालत से न्यायिक हिरासत से रिहा करने का आदेश मिल चुका है।

₹50 हजार के निजी और जमानती मुचलके पर रिहाई

विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट ऋतु राज ने सौरभ दास और आशुतोष रांका को ₹50,000-₹50,000 के निजी और जमानती मुचलके भरने का निर्देश दिया था। अदालत ने दोनों से लिखित आश्वासन भी लिया कि वे शांति बनाए रखेंगे और कानून का पालन करेंगे।

अदालत ने निर्देश दिया कि दोनों कार्यकर्ता जांच पूरी होने तक निर्धारित शर्तों का पालन करेंगे और सुनवाई की प्रत्येक तारीख पर उपस्थित रहेंगे। उनके जमानतदारों के सत्यापन से संबंधित रिपोर्ट अगली सुनवाई पर पेश करने के लिए जांच अधिकारी को भी कहा गया है। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि लिखित आश्वासन दिए जाने के बाद इस स्तर पर दोनों को आगे न्यायिक हिरासत में रखने की आवश्यकता नहीं दिखाई देती।

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को लेकर दिया लिखित आश्वासन

अदालत में दिए गए लिखित आश्वासन में सौरभ दास और आशुतोष रांका ने कहा कि वे शांति भंग नहीं करेंगे और सार्वजनिक व्यवस्था को प्रभावित करने वाली गतिविधियों से दूर रहेंगे। दोनों ने यह भी आश्वासन दिया कि जब तक जंतर-मंतर को कानूनी प्रक्रिया के तहत निर्धारित प्रदर्शन स्थल की अधिसूचना से बाहर नहीं किया जाता, तब तक वे वहां प्रदर्शन का आह्वान नहीं करेंगे।

उन्होंने भविष्य में होने वाले प्रदर्शनों को संवैधानिक दायरे में आयोजित करने की बात भी कही। मामले की अगली सुनवाई 23 अक्टूबर को दोपहर 3 बजे निर्धारित की गई है। अदालत ने दोनों कार्यकर्ताओं और उनके जमानतदारों को उस दिन उपस्थित रहने का निर्देश दिया है।

13 अक्टूबर के प्रदर्शन से जुड़ा है मामला

सौरभ दास और आशुतोष रांका को 13 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के सिलसिले में हिरासत में लिया गया था। पुलिस के अनुसार, उस समय जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थल के रूप में अधिसूचित नहीं किया गया था। पुलिस ने आरोप लगाया था कि प्रदर्शनकारी निजी परिसर के रास्ते क्षेत्र में दाखिल हुए और शांति बनाए रखने से संबंधित शर्तों का उल्लंघन किया।

हालांकि, मामले की जांच अभी जारी है और विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट की अदालत ने स्पष्ट किया है कि आगे की कार्रवाई कानून के अनुसार की जाएगी। अब सौरभ दास, आशुतोष रांका और अजिंक्य शिंदे के अनुरोध के बाद दिल्ली पुलिस की ओर से नए समन जारी किए जाने की संभावना है। तीनों को क्राइम ब्रांच की जांच में शामिल होने के लिए अगली तारीख का इंतजार करना होगा।

© Copyright Galactic Television & Communications Pvt. Ltd. 2026. All rights reserved.