सियासी गलियारों में हलचल, कांग्रेस नेता भी मान रहे मोदी की कूटनीति...
चेन्नई: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रवक्ता सी. आर. केसवन ने शुक्रवार को कांग्रेस नेता शशि थरूर के पश्चिम एशिया पर दिए गए बयान का स्वागत करते हुए कहा कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति की सराहना एक “सकारात्मक बदलाव” है।
केसवन ने कहा कि मौजूदा वैश्विक संघर्ष के बीच पीएम मोदी की संतुलित और सूक्ष्म विदेश नीति को कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं द्वारा सराहा जाना, राहुल गांधी की लगातार आलोचना से अलग एक नया रुख दर्शाता है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के लिए देश और नागरिकों का हित सर्वोपरि रहा है और उनकी कूटनीतिक पहल ने हमेशा भारत के हितों की रक्षा की है।

थरूर ने बताया ‘जिम्मेदार कूटनीति’
इससे पहले शशि थरूर ने पश्चिम एशिया संकट पर भारत की प्रतिक्रिया को “जिम्मेदार कूटनीति” बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे संवेदनशील हालात में संयम कमजोरी नहीं बल्कि ताकत का संकेत है। थरूर के अनुसार, भारत को अपने हितों को प्राथमिकता देते हुए संतुलित कदम उठाने चाहिए।
‘संवेदना और निंदा में अंतर’
थरूर ने ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मौत के बाद भारत की प्रतिक्रिया पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि भारत को पहले संवेदना व्यक्त करनी चाहिए थी, क्योंकि संवेदना और निंदा में फर्क होता है।
वैश्विक संकट का आर्थिक असर
थरूर ने चेतावनी दी कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष से तेल और गैस आपूर्ति प्रभावित हो रही है। इससे भारत में एलपीजी की कमी और रोजमर्रा की जिंदगी पर असर पड़ सकता है। उन्होंने बताया कि कच्चे तेल की कीमतें 64 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 100-120 डॉलर तक पहुंच गई हैं, जिससे महंगाई बढ़ने का खतरा है।

महंगाई और रणनीति पर चिंता
थरूर ने कहा कि पेट्रोल की कीमतों में वृद्धि का असर पूरे अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। साथ ही उन्होंने मौजूदा सैन्य अभियान के स्पष्ट लक्ष्य पर सवाल उठाते हुए कहा कि इसकी रणनीतिक दिशा स्पष्ट नहीं है।
शांति पहल की अपील
थरूर ने भारत जैसे देशों से अपील की कि वे तनाव कम करने के लिए कूटनीतिक पहल करें। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों को शांति की ओर लाने के लिए संवाद जरूरी है।
निष्कर्ष: पश्चिम एशिया संकट पर भारत की संतुलित नीति को लेकर राजनीतिक मतभेदों के बीच सहमति के संकेत मिल रहे हैं, लेकिन इसके आर्थिक और कूटनीतिक प्रभावों को लेकर चिंता अभी भी बनी हुई है।