बांदीपोरा, जम्मू-कश्मीर: 'ऑपरेशन सिंदूर' की पहली बरसी के मौके पर उत्तर कश्मीर के बांदीपोरा जिले के गुरेज सेक्टर में नियंत्रण रेखा (LoC) पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। सुरक्षा बलों ने संवेदनशील सीमा क्षेत्रों में निगरानी और तैनाती बढ़ा दी है। अधिकारियों के अनुसार, सेना ने अत्याधुनिक निगरानी उपकरणों जैसे नाइट विजन डिवाइस और हाई-एंड ऑप्टिकल सिस्टम की मदद से सीमा क्षेत्र में मॉनिटरिंग तेज कर दी है। घुसपैठ की किसी भी कोशिश को रोकने के लिए दिन और रात दोनों समय गश्त बढ़ा दी गई है।
सीमा से जुड़े अग्रिम इलाकों की ओर जाने वाले प्रमुख मार्गों पर अतिरिक्त चेकपोस्ट स्थापित किए गए हैं, जहां वाहनों की जांच और यात्रियों की पहचान सत्यापन किया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, 'ऑपरेशन सिंदूर' की बरसी के मद्देनज़र एहतियाती तौर पर यह अलर्ट जारी किया गया है, ताकि LoC के संवेदनशील इलाकों में सख्त निगरानी और ऑपरेशनल तैयारी बनाए रखी जा सके। सुरक्षा बलों को सभी संवेदनशील क्षेत्रों पर करीबी नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
VIDEO | Security beefed up along NH-44 in Jammu as the country marks the first anniversary of Operation Sindoor.In the early hours of May 7 last year, India had launched Operation Sindoor, a precision air and missile strike targeting terrorist infrastructure in Pakistan and… pic.twitter.com/r85dzeoxW5
— Press Trust of India (@PTI_News) May 7, 2026
कई अग्रिम इलाकों में निगरानी ग्रिड का विस्तार किया गया
अधिकारियों ने बताया कि कई अग्रिम इलाकों में निगरानी ग्रिड का विस्तार किया गया है। जमीनी गश्त और ऑब्जर्वेशन पोस्ट की संख्या बढ़ाई गई है। साथ ही विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय भी मजबूत किया गया है, ताकि किसी भी स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके। सीमा से लगे गांवों के निवासियों ने सुरक्षा बलों की बढ़ी तैनाती का स्वागत किया है। उनका कहना है कि सुरक्षा बलों की मौजूदगी से इलाके में सुरक्षा और भरोसे की भावना मजबूत हुई है।
'ऑपरेशन सिंदूर' 7 मई 2025 को पहलगाम आतंकी हमले के बाद हुआ
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ये सभी कदम पूरी तरह एहतियाती हैं और इनका उद्देश्य LoC पर स्थिरता, सुरक्षा और तैयारी सुनिश्चित करना है। 'ऑपरेशन सिंदूर' 7 मई 2025 को पहलगाम आतंकी हमले के बाद शुरू किया गया था, जिसमें 26 लोगों की जान गई थी। इसके जवाब में भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (PoJK) में आतंकी लॉन्चपैड्स पर कार्रवाई की थी।
09 बड़े आतंकी लॉन्चपैड्स हुए थे नष्ट, 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस ऑपरेशन के दौरान लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिज्बुल मुजाहिदीन से जुड़े नौ बड़े आतंकी लॉन्चपैड्स को नष्ट किया गया था, जिसमें 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए थे। इसके जवाब में पाकिस्तान ने ड्रोन हमले और गोलाबारी की, जिससे दोनों देशों के बीच चार दिनों तक सैन्य तनाव बना रहा। भारत ने जवाबी कार्रवाई में लाहौर के रडार इंस्टॉलेशन और गुजरांवाला के पास स्थित ठिकानों को निशाना बनाया। आखिरकार पाकिस्तान के DGMO द्वारा भारतीय DGMO से संपर्क किए जाने के बाद 10 मई 2025 को युद्धविराम समझौता हुआ और दोनों देशों के बीच तनाव समाप्त हुआ।