नई दिल्ली, भारत: हालिया विधानसभा चुनावों में कांग्रेस और उसके सहयोगियों को मिले-जुले नतीजे देखने को मिले, लेकिन मुस्लिम उम्मीदवारों के प्रदर्शन ने खास ध्यान खींचा है। केरलम में जहां कांग्रेस ने 10 साल बाद वापसी की, वहीं तमिलनाडु, असम और पश्चिम बंगाल में पार्टी को झटके लगे। केरलम में 35 मुस्लिम विधायकों में से 30 संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (UDF) से हैं, जिनमें 8 कांग्रेस और 22 इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) के हैं।
असम में कांग्रेस द्वारा उतारे गए 20 मुस्लिम उम्मीदवारों में से 18 ने जीत दर्ज की, जबकि गैर-मुस्लिम उम्मीदवारों का प्रदर्शन काफी कमजोर रहा। कांग्रेस के सहयोगी Raijor Dal ने 2 सीटें जीतीं, जिनमें एक मुस्लिम उम्मीदवार और दूसरी सीट अखिल गोगोई ने जीती। इसके विपरीत, कांग्रेस के 79 गैर-मुस्लिम उम्मीदवारों में से केवल 1 ही जीत सका, जबकि पार्टी ने कुल 101 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे।
"कांग्रेस असम में खत्म हो चुकी है और मुस्लिम लीग बन गई"
अखिल भारतीय संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा के अध्यक्ष मौलाना बदरुद्दीन अजमल ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि “कांग्रेस असम में खत्म हो चुकी है और मुस्लिम लीग बन गई है।” उन्होंने कहा, “जो दूसरों के लिए गड्ढा खोदते हैं, वे खुद उसमें गिरते हैं। कांग्रेस ने AIUDF को हराने की कोशिश की, लेकिन अब खुद खत्म हो गई है।”
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— ANI Digital (@ani_digital) May 5, 2026
पश्चिम बंगाल में मुस्लिम बहुल क्षेत्र से कांग्रेस ने 2 सीटें जीतीं
असम के गौरीपुर में कांग्रेस उम्मीदवार अब्दुल सोबहान अली सरकार ने AIUDF के निज़ानुर रहमान को 19,097 वोटों से हराया। वहीं जलेश्वर में आफताब मोल्ला ने AIUDF के शेख आलम को 1,09,688 वोटों से हराया। समागुरी में तंजील हुसैन ने भाजपा के अनिल सैकिया को 1,08,310 वोटों से पराजित किया। पश्चिम बंगाल में कांग्रेस ने 2 सीटें जीतीं, जो मुस्लिम बहुल क्षेत्रों से थीं। वहीं तमिलनाडु में पार्टी ने 2 मुस्लिम उम्मीदवार उतारे, जिनमें से 1 ने जीत हासिल की।
मुस्लिम उम्मीदवारों की जीत का 80 प्रतिशत रहा
कुल मिलाकर, केरलम और असम जैसे राज्यों में कांग्रेस और उसके सहयोगियों द्वारा उतारे गए मुस्लिम उम्मीदवारों की जीत का प्रतिशत कई जगह 80% से अधिक रहा। केरलम में IUML की उम्मीदवार फातिमा तहिलिया ने कोझिकोड के पेराम्ब्रा सीट से CPI(M) के टीपी रामकृष्णन को हराकर जीत दर्ज की और पार्टी की पहली मुस्लिम महिला विधायक बनीं।
मुस्लिम उम्मीदवारों की जीत के अंतर भी काफी बड़े रहे
असम में कांग्रेस के मुस्लिम उम्मीदवारों की जीत के अंतर भी काफी बड़े रहे, कई सीटों पर यह अंतर 20,000 से अधिक और कुछ जगहों पर 1 लाख से भी ज्यादा रहा, जैसे गौरीपुर, जलेश्वर, समागुरी और अलगापुर-कटलीचेरा। वोट शेयर की बात करें तो असम में भारतीय जनता पार्टी को 37.81% वोट मिले, जबकि कांग्रेस को 29.84% वोट शेयर मिला। वहीं केरल में कांग्रेस और IUML का कुल वोट शेयर 39.80% रहा।