Delhi PG Plan: छात्रों के लिए सरकार बनाएगी PG, DDA से LG ने मांगी जमीन; Master Plan के तहत होगा काम
Delhi PG Plan: सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली सरकार छात्रों के लिए सरकारी PG और हॉस्टल की सुविधा विकसित करने की तैयारी में है। LG ने DDA को जमीन तलाशने और विश्वविद्यालयों के साथ Action Plan बनाने के निर्देश दिए हैं।
नई दिल्ली: दिल्ली के सत्य निकेतन में PG की इमारत गिरने से छात्रों की मौत के बाद राजधानी में छात्र आवास को लेकर सरकार ने कवायद तेज कर दी है। अब छात्रों को सुरक्षित और किफायती रहने की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सरकारी स्तर पर PG तैयार करने की योजना पर काम शुरू करने की तैयारी है। दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने इस दिशा में डीडीए के अधिकारियों के साथ बैठक की और उपयुक्त जमीन तलाशने के निर्देश दिए।
DDA को जमीन तलाशने के निर्देश
उपराज्यपाल ने डीडीए के वाइस चेयरमैन सरवन कुमार से मुलाकात कर छात्रों के लिए वैकल्पिक PG व्यवस्था पर चर्चा की। बैठक के दौरान उन्होंने अधिकारियों को ऐसी जमीन की पहचान करने को कहा, जहां छात्रों के लिए PG या हॉस्टल जैसी सुविधाएं विकसित की जा सकें।
एलजी के मुताबिक, जमीन की पहचान के बाद इस पूरी योजना के लिए Action Plan तैयार किया जाएगा। इस प्रक्रिया में विश्वविद्यालयों के अधिकारियों को भी शामिल करने की बात कही गई है, ताकि छात्र आवास की वास्तविक जरूरतों के अनुसार योजना तैयार की जा सके।
सरकार का उद्देश्य छात्रों को ऐसी रिहायश उपलब्ध कराना है, जो सुरक्षित, बेहतर और उचित कीमत पर हो।
Master Plan के तहत विकसित होंगे हॉस्टल
इस योजना को दिल्ली के नए मास्टर प्लान के साथ जोड़ने की तैयारी है। एलजी ने शहर में हॉस्टल सुविधाओं के विकास के लिए नए मास्टर प्लान के तहत काम शुरू करने की बात कही है।
इससे दिल्ली में पढ़ाई करने वाले उन छात्रों को वैकल्पिक आवास उपलब्ध कराने की कोशिश होगी, जिन्हें फिलहाल निजी PG या किराए के कमरों पर निर्भर रहना पड़ता है। सरकारी स्तर पर आवास की सुविधा बढ़ने से छात्रों को सुरक्षित विकल्प मिलने की उम्मीद है।
Master Plan 2041 में PG को लेकर क्या नियम हैं?
दिल्ली के Master Plan 2041 में PG और हॉस्टल से जुड़ी गतिविधियों के लिए भी प्रावधान किए गए हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, आवासीय और मिक्स यूज वाले क्षेत्रों में ही पेइंग गेस्ट सुविधा की अनुमति से जुड़े नियम निर्धारित किए गए हैं।
गाइडलाइंस में कोचिंग, ट्यूशन सेंटर, हॉस्टल और PG जैसी गतिविधियों को लेकर आवासीय इलाकों में अलग-अलग श्रेणियों के प्रावधान बताए गए हैं। ऐसे में नई सरकारी योजना में जमीन का चयन और निर्माण मास्टर प्लान के प्रावधानों को ध्यान में रखकर किया जाना महत्वपूर्ण होगा।
सत्य निकेतन हादसे के बाद उठे सवाल
सत्य निकेतन हादसे ने दिल्ली में छात्रों के रहने की व्यवस्था और पुराने भवनों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। हादसे के बाद यह मुद्दा भी सामने आया कि बड़ी संख्या में छात्र निजी PG में रहने के लिए मजबूर हैं, जहां सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर स्थिति अलग-अलग हो सकती है।
इसी पृष्ठभूमि में सरकारी PG और हॉस्टल की योजना को छात्रों के लिए सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। हालांकि, जमीन की पहचान, निर्माण, क्षमता, किराया और योजना के लागू होने की समयसीमा को लेकर अभी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।