नई दिल्ली: कांग्रेस नेता राहुल गांधी से जुड़े एक आपराधिक मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट में उस समय दिलचस्प स्थिति बनी, जब शिकायतकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता गौरव भाटिया ने मामले को जल्द सुनवाई के लिए अलग से सूचीबद्ध करने की मांग की। उन्होंने दलील दी कि राहुल गांधी कोई VVIP नहीं हैं और उनके मामले को विशेष प्राथमिकता देने की जरूरत नहीं है।
इस पर भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) ने स्पष्ट किया कि अदालत में सभी पक्ष समान हैं और किसी भी मामले की सुनवाई निर्धारित प्रक्रिया के तहत ही होगी। कोर्ट ने जल्द सुनवाई की मांग करने के लिए विधिवत आवेदन दाखिल करने को कहा।
भारत जोड़ो यात्रा के बयान से जुड़ा है मामला
यह मामला राहुल गांधी के भारत जोड़ो यात्रा के दौरान दिए गए एक बयान से संबंधित है। शिकायतकर्ता की ओर से आरोप है कि यात्रा के दौरान भारतीय सेना और चीनी सैनिकों को लेकर राहुल गांधी ने टिप्पणी की थी। इसी बयान को लेकर उनके खिलाफ आपराधिक कार्यवाही चल रही है।
राहुल गांधी ने इस कार्यवाही को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। इसी अपील पर सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता की तरफ से गौरव भाटिया ने मामले को जल्द सुनवाई के लिए अलग करने का अनुरोध किया।
‘मामला बार-बार टल रहा है’
गौरव भाटिया ने अदालत को बताया कि यह मामला कई बार टल चुका है। उनका दावा था कि याचिकाकर्ता निर्धारित तारीखों पर स्वयं भी पेश नहीं हुए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि लगभग पांच महीने पहले मामले को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया था, लेकिन उस समय भी सुनवाई नहीं हो सकी।
इसी संदर्भ में उन्होंने कोर्ट से मामले को प्राथमिकता के आधार पर सुनने की मांग की और कहा कि राहुल गांधी कोई VVIP नहीं हैं। इसलिए उनके मामले को अन्य मामलों से अलग करके विशेष तरीके से नहीं देखा जाना चाहिए।
CJI ने दिया ‘समान प्रक्रिया’ का जवाब
गौरव भाटिया की दलील पर CJI ने कहा कि अदालत में सभी के लिए समान प्रक्रिया लागू होती है। किसी व्यक्ति की राजनीतिक या सार्वजनिक हैसियत के आधार पर मामले की सुनवाई का तरीका नहीं बदला जाएगा।
कोर्ट ने जल्द सुनवाई की मांग को लेकर उचित प्रक्रिया अपनाने को कहा। CJI ने भाटिया से इसके लिए विधिवत आवेदन दाखिल करने को कहा, जिसके बाद अदालत उस अनुरोध पर विचार करेगी।
इससे यह संकेत मिला कि सुप्रीम कोर्ट किसी भी मामले को केवल पक्षकार की पहचान या सार्वजनिक महत्व के आधार पर स्वतः प्राथमिकता नहीं देगा। जल्द सुनवाई के लिए निर्धारित न्यायिक प्रक्रिया का पालन करना जरूरी होगा।
अब आगे क्या होगा?
फिलहाल अदालत के सामने मुख्य मुद्दा मामले की सुनवाई की तारीख और उसे जल्द सूचीबद्ध करने का अनुरोध है। शिकायतकर्ता की ओर से आवेदन दाखिल किए जाने के बाद सुप्रीम कोर्ट इस पर फैसला करेगा।
वहीं, राहुल गांधी की याचिका में भारत जोड़ो यात्रा के दौरान दिए गए कथित बयान से संबंधित आपराधिक कार्यवाही को चुनौती दी गई है। इस मामले की आगे की कानूनी दिशा सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई और आदेशों पर निर्भर करेगी।
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