रांची छात्र आंदोलन पर बोले हेमंत सोरेन, कहा- जांच पूरी होने दें, हर दोषी पर होगी कार्रवाई

भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर रांची में छात्रों का आंदोलन जारी है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जांच रिपोर्ट का इंतजार करने की बात कही, जबकि विपक्ष सरकार पर युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ का आरोप लगा रहा है।

By  Laxman August 4th 2026 06:44 PM

रांची: झारखंड की राजधानी रांची में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर छात्रों का विरोध-प्रदर्शन लगातार तेज होता जा रहा है। कई दिनों से चल रहे इस आंदोलन ने अब राज्य की राजनीति को भी गर्मा दिया है। एक ओर छात्र परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और न्याय की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पहली बार इस पूरे मामले पर सार्वजनिक प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि सरकार मामले को पूरी गंभीरता से देख रही है और जांच पूरी होने के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार किसी भी प्रकार की अनियमितता को नजरअंदाज नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियां लगातार काम कर रही हैं और उनकी रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। रिपोर्ट मिलते ही सरकार आगे की कार्रवाई पर निर्णय लेगी।

'सरकार गंभीर है, लेकिन सबूत के आधार पर होगी कार्रवाई'

मीडिया से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि सरकार छात्रों की चिंताओं को समझती है और पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है। उन्होंने कहा कि किसी भी फैसले से पहले तथ्यों और जांच रिपोर्ट का इंतजार करना जरूरी है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार केवल आरोपों के आधार पर नहीं, बल्कि प्रमाणों और संवैधानिक प्रक्रिया के अनुसार कदम उठाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि छात्रों के हितों की रक्षा सरकार की प्राथमिकता है और यदि किसी स्तर पर गड़बड़ी सामने आती है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

रांची में लगातार जारी है छात्रों का आंदोलन

राजधानी रांची में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली को लेकर छात्रों का आंदोलन पिछले कई दिनों से जारी है। छात्र संगठन परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच, कथित अनियमितताओं पर कार्रवाई और विवादित परीक्षा को रद्द करने की मांग कर रहे हैं।

छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं। आंदोलन में बड़ी संख्या में अभ्यर्थी शामिल हो रहे हैं और सरकार से जल्द फैसला लेने की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर स्पष्ट निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

विपक्ष ने सरकार को घेरा

इस मुद्दे को लेकर झारखंड की राजनीति भी गरमा गई है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भर्ती प्रक्रिया में व्यापक स्तर पर अनियमितताएं हुई हैं और इससे हजारों युवाओं के भविष्य पर असर पड़ा है।

मरांडी ने दावा किया कि परीक्षा से पहले कुछ अभ्यर्थियों को राज्य से बाहर ले जाकर कथित रूप से संभावित प्रश्नों की तैयारी कराई गई। हालांकि इन आरोपों की अब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन विपक्ष लगातार निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है।

परीक्षा परिणाम के बाद बढ़ा विवाद

छात्र संगठनों के अनुसार विवाद की शुरुआत प्रतियोगी परीक्षा के परिणाम घोषित होने के बाद हुई। अभ्यर्थियों ने परीक्षा प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए पारदर्शी जांच की मांग शुरू की थी। इसके बाद विरोध प्रदर्शन धीरे-धीरे राज्यव्यापी आंदोलन का रूप लेने लगा।

प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि यदि जांच में अनियमितताएं सामने आती हैं तो परीक्षा को रद्द कर दोबारा आयोजित किया जाना चाहिए, ताकि सभी उम्मीदवारों को समान अवसर मिल सके।

सरकार के अगले कदम पर टिकी नजर

मुख्यमंत्री के बयान के बाद अब सभी की निगाहें जांच एजेंसियों की रिपोर्ट पर टिकी हैं। माना जा रहा है कि रिपोर्ट आने के बाद सरकार परीक्षा प्रक्रिया, जिम्मेदार अधिकारियों और आगे की कार्रवाई को लेकर बड़ा फैसला ले सकती है।

फिलहाल छात्रों का आंदोलन जारी है और सरकार ने भी संकेत दिए हैं कि संवैधानिक प्रक्रिया के तहत आगे के सभी निर्णय लिए जाएंगे। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट और सरकार की प्रतिक्रिया इस पूरे मामले की दिशा तय कर सकती है।




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