पश्चिम एशिया संकट पर एक्शन में सरकार, 25 मार्च को होगी सर्वदलीय बैठक...

By  Preeti Kamal March 24th 2026 03:40 PM -- Updated: March 24th 2026 02:29 PM

नई दिल्ली: भारत सरकार ने पश्चिम एशिया में जारी संकट को लेकर 25 मार्च (बुधवार) शाम 5 बजे सर्वदलीय बैठक बुलाई है। इस बैठक में मौजूदा हालात और भारत पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों पर चर्चा की जाएगी। इससे पहले आज रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हालिया वैश्विक और क्षेत्रीय सुरक्षा परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में भारत की रक्षा तैयारियों का भी आकलन किया गया।

बैठक में सीडीएस अनिल चौहान, एयर चीफ मार्शल अमरप्रीत सिंह, जनरल उपेंद्र द्विवेदी, एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी, डीआरडीओ प्रमुख समीर कामत समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष अब चौथे सप्ताह में प्रवेश कर चुका है, जिससे 'Strait of Hormuz' के जरिए होने वाले व्यापार पर असर पड़ा है। तनाव उस समय और बढ़ गया जब 28 फरवरी को अमेरिका और इज़राइल के संयुक्त हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मौत हो गई।

पश्चिम एशिया संकट पर पीएम मोदी ने राज्यसभा में दिया बयान

सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मौत के जवाब में ईरान ने खाड़ी क्षेत्र के कई देशों में अमेरिकी और इज़राइली ठिकानों को निशाना बनाया, जिससे इस अहम जलमार्ग पर और दबाव बढ़ा और वैश्विक ऊर्जा बाजार के साथ-साथ आर्थिक स्थिरता पर भी असर पड़ा। इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज राज्यसभा में इस संकट और भारत की ऊर्जा सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर बयान दिया।

पीएम मोदी ने इस स्थिति को “चिंताजनक” बताया

एक दिन पहले प्रधानमंत्री मोदी ने लोकसभा में भी इस मुद्दे पर चर्चा करते हुए स्थिति को “चिंताजनक” बताया। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष न केवल आर्थिक और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए, बल्कि मानवीय दृष्टिकोण से भी गंभीर चुनौती पेश कर रहा है। प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि पश्चिम एशिया के देशों के साथ भारत के व्यापारिक संबंध बेहद महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि देश की बड़ी जरूरत कच्चे तेल और गैस की आपूर्ति इसी क्षेत्र से पूरी होती है। साथ ही यह क्षेत्र भारत के अन्य देशों के साथ व्यापार के लिए एक महत्वपूर्ण मार्ग भी प्रदान करता है।

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष पर विपक्ष ने की चर्चा की मांग

वहीं, विपक्षी दलों ने प्रधानमंत्री के बयान को “आत्म-प्रशंसा और राजनीतिक संवादबाजी” करार दिया। कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने सोमवार को पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष पर संसद में चर्चा की मांग की। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में इस संघर्ष के भारत पर प्रभाव को लेकर बात की है, लेकिन इस मुद्दे पर संसद में विस्तृत चर्चा होनी चाहिए ताकि विपक्ष भी अपने विचार रख सके।

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