अमरनाथ यात्रा के लिए J&K SDRF अलर्ट, जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर 24x7 इमरजेंसी कैंप
57 दिनों की श्री अमरनाथ यात्रा इस वर्ष डिजिटल निगरानी और RFID ट्रैकिंग सिस्टम के जरिए मॉनिटर की जा रही है। यात्रा का समापन 28 अगस्त को रक्षाबंधन के अवसर पर होगा।
उधमपुर, जम्मू-कश्मीर: श्री अमरनाथ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जम्मू-कश्मीर राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (J&K SDRF) ने जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-44) पर 24 घंटे संचालित होने वाला आपातकालीन सहायता शिविर स्थापित किया है। यह शिविर अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADG) के निर्देश पर बनाया गया है, जहां SDRF और होमगार्ड के जवान हर समय तैनात रहेंगे।
J&K SDRF के सब-इंस्पेक्टर करतार सिंह ने बताया कि इस विशेष कैंप में SDRF और होमगार्ड के करीब 20 जवान तैनात हैं, जो यात्रा के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने कहा, "हमारी टीम 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहती है। हमारे पास आधुनिक बचाव उपकरण उपलब्ध हैं और बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं सहित हर तरह की आपात स्थिति से निपटने की पूरी तैयारी है।"
चौथा जत्था रवाना, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
रविवार सुबह जम्मू के भगवती नगर आधार शिविर से अमरनाथ यात्रियों का चौथा जत्था सफलतापूर्वक रवाना हुआ। यात्रा मार्ग पर बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है ताकि श्रद्धालुओं की आवाजाही सुरक्षित और सुचारु बनी रहे। यात्रियों ने सुरक्षा व्यवस्था की सराहना करते हुए इसे भरोसा बढ़ाने वाला कदम बताया।
हाईवे पर मेडिकल सुविधाएं भी मजबूत
उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों को देखते हुए उधमपुर स्वास्थ्य विभाग ने जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर विशेष चिकित्सा व्यवस्था की है। टिकरी काली माता मंदिर से चेनानी-नाशरी सुरंग तक 10 फर्स्ट-एड कैंप स्थापित किए गए हैं, जबकि छह अत्याधुनिक लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस भी रणनीतिक स्थानों पर तैनात की गई हैं।
57 दिनों तक चलेगी यात्रा
57 दिनों की श्री अमरनाथ यात्रा इस वर्ष डिजिटल निगरानी और RFID ट्रैकिंग सिस्टम के जरिए मॉनिटर की जा रही है। यात्रा का समापन 28 अगस्त को रक्षाबंधन के अवसर पर होगा।